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भारत
राजनीति
हरियाणा में हिन्दू महापंचायत के दौरान भड़काऊ भाषण देने वालों के ख़िलाफ़ माकपा की तरफ से मुकदमा दर्ज करने की मांग  
हरियाणा के पटौदी में हिन्दू महापंचायत के दौरान मुस्लिमों के ख़िलाफ़ भड़काऊ भाषण दिया गया। इस पर माकपा के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर उनसे भड़काऊ भाषण देने वालों और हिंदू महा पंचायत के आयोजकों के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
13 Jul 2021
हरियाणा में हिन्दू महापंचायत के दौरान भड़काऊ भाषण देने वालों के ख़िलाफ़ माकपा की तरफ से मुकदमा दर्ज करने की मांग  

कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)(माकपा) की गुरुग्राम जोनल कमेटी ने हरियाणा के पटौदी में आयोजित तथाकथित हिन्दू महापंचायत के माध्यम से अल्पसंख्यकों के विरुद्ध भड़काऊ भाषण देने और सांप्रदायिक द्वेष फैलाये जाने की कड़ी निंदा करते हुए केस दर्ज करने की मांग की है।

इसको लेकर 12 जुलाई सोमवार को माकपा का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त व पुलिस कमिश्नर से मिला और एक शिकायत पत्र भी सौंपा। पत्र में औपचारिक रूप से 4 जुलाई को पटौदी में हुई तथाकथित हिंदू महापंचायत के आयोजकों और वक्ताओं पर एफ.आई.आर. दर्ज करके कानूनी कार्रवाई करने के लिए आवेदन किया गया है। 

गौरतलब है कि 4 जुलाई को भारतीय किसान संघ के राज्याध्यक्ष ओम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित महापंचायत में शामिल भाजपा के राज्य प्रवक्ता सुरजपाल अम्मू, नगरपालिका चेयरमेन सुरेश, कश्मीरी विस्थापित के के पाल, नरेंद्र पहाड़ी, गोपाल गुज्जर, विक्रम ठेकेदार व अन्य लोगों ने जनसंख्या नियंत्रण, लव जिहाद व धर्मांतरण पर बोलते हुये हिन्दू समुदाय को आह्वान किया कि अल्पसंख्यकों को किराए पर दी हुई अपनी दुकान मकान वापिस ले लें तथा उनके साथ व्यापारिक सम्बन्धों को खत्म किया जाए। गांवों में किसी भी बाहरी व्यक्ति के घुसने पर उनके पहचान पत्र की जांच की जाए। इसके लिए गाँव - गाँव में 10/20 लोगों की कमेटी बनाई जाए। 

पिछले साल सीएए-एनआरसी के प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने वाले गोपाल गुज्जर ने भाषा की मर्यादा को ताक पर रखते हुये नौजवानों को आह्वान किया की क्या हम उनकी बहन बेटियों को उठाकर नहीं ला सकते? उसने अल्पसंख्यकों को धमकाते हुए नारा लगाया कि जब जब मुल्ले काटे जाएंगे, राम राम चिल्लाएँगे। खतरनाक हथियार रखने का इशारा देते हुये गोपाल गुज्जर ने कहा कि आपको पता होना चाहिए कि हाथ में क्या पकड़ना चाहिए, मैं उसे ही रखता हूँ। इतने जहरीले भाषण, नारे व धमकियाँ सरासर समाज में सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने का काम करते हैं। 

हालांकि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गुरुग्राम पुलिस ने रविवार 11 जुलाई को ही गोपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी । सोमवार 12 जुलाई की शाम होते होते उसे पुलिस ने पटौदी से गिरफ्तार कर लिया । सोमवार शाम को ही उसे कोर्ट में पेश किया गया था । वहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है ।

जिस शिकायत पर उसे गिरफ्तार किया गया है ,वो जमालपुर गांव के रहने वाले दिनेश द्वारा से दर्ज कराया गया है ।गोपाल के साथ वक्ताओं ने भी अभद्र व अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करते हुये अल्पसंख्यकों के खिलाफ जहर उगला। लेकिन अभी बाकी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है ।

पटौदी परिवार पर उंगली उठाते हुये सुरजपाल अम्मू ने कहा कि लव जिहाद कि शुरुआत पटौदी से ही शुरू हुई थी, मगर अब कोई तैमूर, बाबर, अकबर, हुमायूँ पैदा नहीं होने दिया जाएगा।

उपस्थित लोगों को हाथ उठवा कर “पटौदी हमारी है” के नारे लगवाए और पटौदी महल को भी निशाने पर लिया। पटौदी में किसी पार्क के शिलान्यास के पत्थर को नौजवानों से उखाड़ फैंकने तथा नजदीक के गाँव भोड़ा कलाँ में निर्माणाधीन मस्जिद को रोकने का आह्वान किया। अल्पसंख्यक समुदाय की वेशभूषा व मूंछ रखने के तरीके पर निशाना लगते हुये अम्मू ने कहा कि “ये मूंछ कटवाते हैं, हम गर्दन काटते हैं”। सभी हदें पार करते हुये सुरजपाल अम्मू ने अल्पसंख्यकों को संबोधित कर कहा कि इन हरामजादों को देश से निकालो और “सालों को चुन चुन कर ठोकेंगे”। 

पंचायत के अध्यक्ष ओम सिंह ने भी जहरीली भाषा बोलते हुये कहा कि वो हमारी बहन बेटियों को ले जा सकते है तो क्या हम उनकी बहन बेटी को नहीं ले जा सकते?

माकपा ने शुरुआत में ही गुरुग्राम जिला प्रशासन से मांग रखी थी कि वो पटौदी में हुई महापंचायत के आयोजकों और भड़कीले भाषण देने वाले नेताओं पर आईपीसी की धारा 153 ए 153 बी और धारा 295 ए के तहत तुरंत मुकदमे दर्ज किए जाएं। हिंदू और मुस्लिम भाईचारे को बनाए रखने के लिए क्षेत्र में प्रशासन की तरफ से प्रयास किए जाए तथा इस तरह की पंचायतों को होने से रोका जाए।


उन्होंने अपने शिकायत पत्र में भी कई बिंदु उठाए है ,जैसे इस कोरोना काल में इतनी भीड़ कैसे जुटाई गई है ?इसके साथ ही माकपा ने कहा इस महापंचायत में शामिल करणी सेना के अध्यक्ष और अन्य कई लोगों का सीधा संबंध शासक पार्टी से बताया और कहा कि , "इंडरी में हुई महापंचायत के बाद भी सूरजपाल अम्मू पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसका नतीजा यह है कि सांप्रदायिक ताकतों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार दक्षिण हरियाणा में इस तरह की महापंचायतों का आयोजन कर रही हैं।माकपा सांप्रदायिक एकता तथा न्याय के पक्ष में इस महापंचायत के आयोजकों और भडक़ाऊ भाषण देने वालों के खिलाफ एफआईआरआई दर्ज करके गिरफ्तार करने के लिए आवेदन देती है। "

पूरा पत्र इस प्रकार है-

दिनांक 12 जुलाई 2021

सेवा में,

पुलिस आयुक्त

जिला गुरुग्राम।

हरियाणा।

विषय:- 4 जुलाई को पटौदी में तथाकथित हिंदू महापंचायत के आयोजकों और वक्ताओं पर एफ.आई.आर. दर्ज करके कानूनी कार्रवाई करने के बारे।

महोदय,  

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की गुरूग्राम जोनल कमेटी 4 जुलाई को पटौदी में हुई तथाकथित हिंदू महापंचायत के आयोजकों और वक्ताओं पर एफ.आई.आर. दर्ज करके कानूनी कार्रवाई करने के लिए आवेदन करती है ।

महोदय गौरतलब है कि:-

1. हरियाणा सरकार ने प्रदेश में महामारी सुरक्षा अलर्ट के तहत किसी भी खुले मैदान में केवल 50 व्यक्तियों के इकठ्ठा होने की छूट दे रखी है। इसके बावजूद भी इस तथाकथित महापंचायत में आपदा प्रबंधन कानून के तहत आईपीसी की धारा 188 (2) का खुला उल्लंघन करते हुए पटौदी के रामलीला मैदान में सैकड़ों की तादाद में लोगों को शामिल किया गया। 

2. 4 जुलाई को भारतीय किसान संघ के राज्याध्यक्ष मास्टर ओम सिंह चौहान की अध्यक्षता में यह महापंचायत हुई। इस महापंचायत के आयोजन व वक्तव्य देने में भाजपा के राज्य प्रवक्ता सुरजपाल अम्मू, विश्व हिंदू परिषद् के गुरुग्राम ज़िला अध्यक्ष अजीत सिंह, हिंदू धर्म रक्षा मंच के सुधीर मुदगिल, हेली मंडी के नगरपालिका अध्यक्ष सुरेश यादव, कश्मीरी विस्थापित के के पाल, नरेंद्र पहाड़ी, गोपाल गुज्जर, विक्रम ठेकेदार व अन्य की अहम भूमिका रही।

3. इस महापंचायत में सूरजपाल अम्मू के नेतृत्व में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा भडक़ाने वाले भाषण हुए। अम्मू ने अपने भाषण में कहा कि, “ पटौदी में मुस्लिम समुदाय के लोगों को किराए पर मकान, दुकान देना बंद करने से कुछ नहीं होगा। इन हरामजादों को यहाँ से निकालकर पाकिस्तान भेजना होगा।”

4. गौ रक्षा दल से मोनू मानेसर ने पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि, “लव-ज़िहाद करने वाले लोगों की सूची हमें दी जाए। हम अपनी टीम के साथ मिलकर लव-ज़िहाद करने वालों को मारेंगे। हमें कुछ नहीं होगा, ऊपर हमारे बड़े भाई बैठे हैं, जो हमें बचा लेंगे.”

5. नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों पर गोली चलाने वाला गोपाल भी इस पंचायत में शामिल हुआ। उसने कई तरह के विवादित नारे लगाए और पंचायत में शामिल लोगों से कहा कि वो क्यों नहीं दूसरे धर्म की बहन-बेटियों को उठा कर लाते। उसने आगे कहा कि जब वो गोली चलाने के लिए दिल्ली जा सकता है, तो पटौदी दूर नहीं है। 

6. इस महापंचायत के आयोजकों और वक्ताओं के खिलाफ धारा 153a, 153b, 295A के तहत मामला बनता है। 

7. इसके साथ-साथ इस पंचायत के सभी आयोजकों ने एक धर्म के नाम पर पंचायत बुलाकर व अपने नफरत भरे भाषणों से साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने और लोगों को आपस में बांटने की साज़िश की है। यह कार्यक्रम अचानक नहीं हुआ था बल्कि इसके लिए कई दिन पहले से आसपास के इलाके में तैयारियां चल रही थी। इससे पहले भी मेवात के इंडरी गांव में 30 मई को सुरजपाल अम्मु के नेतृत्व में तथाकथित हिंदू महापंचायत के नाम से हजारों लोगों को इकट्ठा करके इसी तरह के भड़काऊ और संप्रदायिक भाषण दिए गए थे। यह दक्षिण हरियाणा में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की मंशा से की जा रही योजनाबद्ध साजिश है। यह उकसावेपूर्ण कार्रवाई किसी भी समय बड़ी सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले सकती है। आईपीसी की धारा 120a और 120b के तहत इस तरह की साजिश रचना आपराधिक कृत्य है।

8. इस महापंचायत के बाद इलाके में विशेषकर अल्पसंख्यक समुदाय के बीच में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है। सोशल मीडिया पर नफरत भरे भाषणों के वीडियो वायरल हो रहे हैं जिससे आसपास के इलाकों में भी भय का वातावरण है। 

इस महापंचायत में शामिल करणी सेना के अध्यक्ष और अन्य कई लोगों का सीधा संबंध शासक पार्टी से है। 

महोदय, इंडरी में हुई महापंचायत के बाद भी सूरजपाल अम्मू पर कोई कार्रवाई नहीं की गई जिसका नतीजा यह है कि सांप्रदायिक ताकतों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार दक्षिण हरियाणा में इस तरह की महापंचायतों का आयोजन कर रही हैं। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) सांप्रदायिक एकता तथा न्याय के पक्ष में इस महापंचायत के आयोजकों और भडक़ाऊ भाषण देने वालों के खिलाफ एफआईआरआई दर्ज करके गिरफ्तार करने के लिए आवेदन देती है। 

निवेदक

एस एल प्रजापति

जोनल सचिव

सीपीआईएम

Haryana
Hindu Mahapanchayat
hindu-muslim
CPIM
Communal Hate

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