NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
अंतरराष्ट्रीय
कोरोना वायरस के चलते सेहत के ख़तरे को लेकर क़ैदियों की रिहाई की मांग करते हुए बहरीन में प्रदर्शन
इसको लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन रविवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गया। महामारी के बीच प्रशासन की अनदेखी और क़ैदियों की बदतर स्थिति के चलते इनके स्वास्थ्य और जिंदगी का ख़तरा बढ़ गया है।
पीपल्स डिस्पैच
05 Apr 2021
कोरोना वायरस के चलते सेहत के ख़तरे को लेकर क़ैदियों की रिहाई की मांग करते हुए बहरीन में प्रदर्शन

कोरोना वायरस के प्रकोप और इससे संक्रमण के अधिक जोखिम के चलते देश की जेलों में बंद कैदियों के साथ एकजुटता दिखाते हुए सरकार से इनकी तुरंत रिहाई करने की मांग करने के लिए 4 अप्रैल को लगातार चौथे दिन बड़ी संख्या में बहरीन के आम नागरिकों ने देश भर में प्रदर्शन किए और रैलियां निकाली। ये जानकारी प्रेस टीवी ने दी। कैदी भीड़भाड़ व खराब तरीके से संचालित बहरीन की जेलों में कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

इन प्रदर्शनकारियों ने सरकार द्वारा कैदियों के कोरोनोवायरस मामलों की संख्या के बारे में किसी भी समाचार के जानबूझकर प्रकाशित न करने की निंदा की। इन में से कई लोगों की जान घातक COVID-19 बीमारी के संपर्क में आने से चली गई।

पिछले हफ्ते शुक्रवार 2 अप्रैल को स्पेशल "फ्राइडे ऑफ प्रिजनर्स रेज" के रूप में मनाते हुए बहरीन सरकार का ध्यान इस मुद्दे पर लाने और कैदियों की असुरक्षा से निपटने के लिए दबाव बनाने के इरादे से विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। इस दौरान देश के 18 से अधिक जिलों में प्रदर्शन और रैलियां आयोजित की गईं।

इन प्रदर्शनकारियों ने बहरीन का झंडा लहराते हुए किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा की तानाशाही राजतंत्रीय शासन के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे कैदियों की सुरक्षा और उनकी जिंदगी के लिए पूरी तरह से सरकार को जिम्मेदार ठहराते हैं और सरकार के लंबे समय से राजनीतिक कैदियों, मानव अधिकार कार्यकर्ताओं, प्रमुख नेताओं और विपक्ष और अल्पसंख्यक समूहों के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार और निरंतर कार्रवाई की निंदा की।

एक दिन पहले यानी गुरुवार को बहरीन के प्रमुख शिया धर्मगुरु शेख ईसा कासिम ने देश में विपक्षी राजनीतिक हस्तियों के भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की और जेल में बंद होने के दौरान उनके जिंदगी को लेकर भय व्यक्त किया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहरीन देश में मानवाधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता के दमन को लेकर बढ़ रही आलोचनाओं का शिकार है। यूएन स्पेशल रैपर्चर ऑन द सिचुएशन ऑफ ह्यूमन राइट्स डिफेंडर मैरी लॉलोर ने जेल में बंद बहरीन मानवाधिकार के प्रमुख हस्ती एक्टिविस्ट अब्दुलहदी अल-ख्वाजा का विशेष रूप से उल्लेख किया और सरकार से तुरंत उन्हें रिहा करने की मांग की।

Bahrain
Bahrainis protest
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • Kusmunda coal mine
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    भू-विस्थापितों के आंदोलन से कुसमुंडा खदान बंद : लिखित आश्वासन, पर आंदोलन जारी
    01 Nov 2021
    कुसमुंडा में कोयला खनन के लिए 1978 से 2004 तक कई गांवों के हजारों किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया था। लेकिन अधिग्रहण के 40 वर्ष बाद भी भू-विस्थापित रोजगार के लिए भटक रहे हैं और एसईसीएल दफ्तरों…
  • Puducherry
    हर्षवर्धन
    विशेष : पांडिचेरी के आज़ादी आंदोलन में कम्युनिस्ट पार्टी की भूमिका
    01 Nov 2021
    आज एक नवंबर के दिन ही 1954 में पांडिचेरी फ्रांस से आज़ाद हुआ था। पांडिचेरी फ्रांस की गुलामी से आज़ाद कैसे हुआ और उसका भारत में विलय कैसे हुआ यह कहानी आम भारतीय जनमानस से कोसो-कोस दूर है। आइए जानते…
  • education
    प्रभात पटनायक
    विचार: एक समरूप शिक्षा प्रणाली हिंदुत्व के साथ अच्छी तरह मेल खाती है
    01 Nov 2021
    वैश्वीकृत पूंजी के लिए, अपने कर्मचारी भर्ती करने के लिए, ऐसे शिक्षित मध्यवर्ग की उपस्थिति आदर्श होगी, जो हर जगह जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके, एक जैसा हो। शिक्षा का ऐसा एकरूपीकरण हिंदुत्व के जोर से…
  • Newsletter
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    यमन में एक बच्चा होना बुरे सपने जैसा है
    01 Nov 2021
    3 करोड़ की आबादी वाले यमन ने इस युद्ध में 2,50,000 से अधिक लोगों को खो दिया है, इनमें से आधे लोग युद्ध की हिंसा में मारे गए और बाक़ी आधे लोग भुखमरी और हैज़ा जैसी बीमारियों की वजह से।
  • Amit Shah
    सुबोध वर्मा
    लखनऊ में अमित शाह:  फिर किया पुराने जुमलों का रुख
    01 Nov 2021
    एक अहम स्वीकारोक्ति में शाह ने 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की संभावनाओं को 2024 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के साथ जोड़ दिया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License