NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
झुग्गियों को उजाड़ने के ख़िलाफ़ एवं उनके पुनर्वास की मांग को लेकर माकपा का नोएडा प्राधिकरण पर प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
सीपीआईएम ने मांग की है कि जब तक प्राधिकरण या सरकार द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कराई जाती है तब तक इन झुग्गी बस्ती में रह रहे गरीब लोगों को वहीं पर रहने दिया जाए। और यदि किसी कारणवश उन्हें जनहित में हटाना आवश्यक हो, तो आसपास ही उन्हें स्थानांतरित कर दिया जाए तथा झुग्गी वासियों के लिए पुनर्वास की नीति बनाकर निशुल्क मकान दिए जाएं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Jul 2021
झुग्गियों को उजाड़ने के ख़िलाफ़ एवं उनके पुनर्वास की मांग को लेकर माकपा का नोएडा प्राधिकरण पर प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

नोएडा, सेक्टर 6  में वर्षों-वर्ष से बसी झुग्गी बस्ती को नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों व अतिक्रमण दस्ते द्वारा अचानक 29जून  को तोड़ दिया।  साथ ही वहां के निवासियों के  सामान नष्ट कर/जब्त कर 50 से अधिक परिवारों को बेघर कर दिया गया है। इसके खिलाफ बुधवार 7 जुलाई  को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के बैनर तले पार्टी नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा, भरत डेंजर, विनोद कुमार, पूनम देवी, राम सागर आदि के नेतृत्व में नोएडा प्राधिकरण कार्यालय सेक्टर- 6, नोएडा पर प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश  और मुख्य कार्यपालक अधिकारी नोएडा विकास प्राधिकरण को ज्ञापन दिया।

नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी श्री संजय सिंह ने ज्ञापन  लिया और उन्होंने समस्याओं के समाधान करवाने का आश्वासन दिया।

सीपीआईएम नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान मजदूरों की मदद करने के बजाय प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा झुग्गी बस्ती में तोड़फोड़ कर सामान जब्त करना/ नष्ट कर उन्हें भयंकर गर्मी में सड़क पर मरने के लिए छोड़ दिया जाना पूर्णतया गलत है और संवैधानिक अधिकार व माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश/ निर्देशों का खुला उल्लंघन है क्योंकि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए गरीब लोगों को उजाड़ा नहीं जा सकता। केंद्र व प्रदेश सरकार भी जहां झुग्गी वहीं मकान की नीति पर कार्य कर रही है इस तरह देखा जाए तो प्राधिकरण की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट व सरकार के दिशा निर्देशों की अवहेलना ही है।

 ज्ञापन के माध्यम से सीपीआईएम पार्टी ने मांग किया है कि उपरोक्त झुग्गी बस्ती के नागरिकों को सरकार या प्राधिकरण द्वारा रहने की जब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कराई जाती है तब तक इन गरीब लोगों को वहीं पर रहने दिया जाए और यदि किसी कारणवश जनहित में हटाना आवश्यक हो तो आसपास ही उन्हें स्थानांतरित कर दिया जाए तथा झुग्गी वासियों के लिए पुनर्वास की नीति बनाकर निशुल्क मकान दिए जाएं। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी थी कि यदि उत्पीड़न की कार्रवाई नहीं रुकी तो सभी झुग्गी वासियों को लामबंद कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

मोदी सरकार का लोकसभा चुनाव में बहुत बड़ा वादा था कि जहाँ झुग्गी वहीं मकान, लेकिन इसके विपरीत वर्तमान महामारी के समय में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई सहित कई राज्यों में अवैध अतिक्रमण के नाम पर हज़ारों लोगों को बेघर किया जा रहा है। बेघर करके उन्हें सड़कों पर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर किया जा रहा है। ऐसे समय में जब देश ही नहीं दुनिया अभूतपूर्व संकट कोरोना माहमारी का सामना कर रही है। जिस दौरान सरकार स्वयं घर में रहें, सुरक्षित रहें जैसे नारे और सबक जनता को दे रही है। ऐसे में लोगो के आशियाने को छीनकर सड़क पर लाना कई सवाल खड़े करता है।

हाल ही में फरीदाबाद के  खोरी गांव के निवासी अपने घरों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इससे पहले भी मौजूदा कोरोना काल में ही कई इस तरह की दमनात्मक कार्रवाई हो चुकी हैं। राष्ट्रीय आवास अधिकार अभियान की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ इस महामारी और लॉकडाउन के समय में देशभर में ऐसे 100 से अधिक डेमोलिशन यानी तोड़-फोड़ की कार्रवाई हुईं हैं।

CPIM
noida
Demolition of slums
slums
Modi government

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

आख़िर फ़ायदे में चल रही कंपनियां भी क्यों बेचना चाहती है सरकार?

तिरछी नज़र: ये कहां आ गए हम! यूं ही सिर फिराते फिराते

'KG से लेकर PG तक फ़्री पढ़ाई' : विद्यार्थियों और शिक्षा से जुड़े कार्यकर्ताओं की सभा में उठी मांग

मोदी के आठ साल: सांप्रदायिक नफ़रत और हिंसा पर क्यों नहीं टूटती चुप्पी?

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक


बाकी खबरें

  • Blinken’s ‘Indo-Abrahamic Accords’ Unravels
    एम. के. भद्रकुमार
    ब्लिंकन के 'इंडो-अब्राहमिक समझौते' का हुआ खुलासा
    02 Nov 2021
    यह एक निराशाजनक रूप से अविश्वसनीय रणनीति है जो किसी तरह अमेरिका को पश्चिम एशिया में फंसाए रखना चाहती है, तब, जब उसकी कूटनीति स्पष्ट रूप से ग़ैर-प्रभावी साबित हो रही है। 
  • COP26
    संदीपन तालुकदार
    COP26: WMO की 'स्टेट ऑफ क्लाइमेट रिपोर्ट' से ख़तरनाक स्थिति का पता चलता है
    02 Nov 2021
    डब्लूएमओ की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रचंड गर्मी की लहरें और भारी बाढ़ जैसी चरम स्तर की मौसमी घटनायें अब 'नयी आम स्थिति' बन गयी हैं, क्योंकि दुनिया "हमारी नज़रों के सामने ही बदल रही है।"
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 10,423 नए मामले, 443 मरीज़ों की मौत
    02 Nov 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.45 फ़ीसदी यानी 1 लाख 53 हज़ार 776 हो गयी है।
  •  TOOLKIT
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तर प्रदेश चुनावों के लिए बीजेपी का TOOLKIT !
    01 Nov 2021
    आज न्यूज़ चक्र में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा उत्तर प्रदेश के सीएम आदित्यनाथ और ग्रह मंत्री अमित शाह के साम्प्रदायिक खेल का पर्दाफाश करने जा रहे हैं। यानी भाजपा मुद्दों पर नहीं साम्प्रदायिक उन्माद…
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    आंदोलन के बाद कुसमुंडा खदान बंद, बिहार पंचायत चुनाव और अन्य ख़बरें
    01 Nov 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी कुसमुंडा में जारी आंदोलन, बिहार पंचायत चुनाव और अन्य ख़बरों पर।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License