NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
सीडब्ल्यूसी के बिना नोटिस के निकाले गए सैकड़ों मज़दूरों का प्रदर्शन
पूर्वी दिल्ली में 35 वर्षों से कार्यरत 300 कॉन्ट्रेक्ट मज़दूरों को 6 जनवरी से काम से हटाए जाने के विरोध में सीडब्ल्यूसी एमडी के दफ़्तर पर रोष प्रदर्शन किया गया और सभी मज़दूरों को बहाल करने की मांग की गई।
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
09 Mar 2021
 सीडब्ल्यूसी के बिना नोटिस के निकाले गए सैकड़ों मज़दूरों का प्रदर्शन

सेन्ट्रल वेयरहाउसिंग कारपोरेशन, (सीडब्ल्यूसी) आईसीडी, पटपड़गंज के सैकड़ों मजदूरों ने   नौकरी से हटाए जाने के विरोध में सीरी फोर्ट इंस्टिट्यूशनल एरिया स्थित सीडब्ल्यूसी एमडी के मुख्यालय के समक्ष जबरदस्त रोष प्रदर्शन किया। मजदूरों ने ये प्रदर्शन सी.आई.टी.यू. से सम्बद्ध जनरल मजदूर लाल झंडा यूनियन के बैनर तले  किया।

इससे पहले मज़दूर लगातार 6 जनवरी से ही विरोध प्रदर्शन कर रहे है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, इसलिए आज मंगलवार को मज़दूरों ने दिल्ली के हौज ख़ास स्थिति सीडब्ल्यूसी मुख्यालय पर प्रदर्शन किया।

मजदूरों ने सीडब्ल्यूसी प्रबंधन के इस कदम को पूर्णतः गैर कानूनी व घोर अमानवीय कदम बताया। मजदूर लागातार नौकरी बहाल करने व प्रबंधन की गुंडागर्दी नहीं चलेगी के जमकर नारे लगा रहे थे।

निकाले गए मजदtर बरसाती, जो सीडब्ल्यूसी यूनियन के नेता भी हैं, उन्होंने सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 6 जनवरी को प्रबंधन ने  तानाशही और मनमानीपूर्ण रवैया अपनाया और पुलिस ने भी उसका साथ दिया।

बरसाती ने बताया कि किस प्रकार ठेकेदारों की बदली, मै0 सुमन फारवर्डिंग एजेंसी प्रा. लि. के जाने व मै0 राहुल रोडवेज के आने के दौरान ये घटना घटित हुई। जिसके लिए  सीडब्ल्यूसी प्रबंधन ही पूर्णतः दोषी है।  क्योंकि 35 वर्ष में ठेकेदार की बदली पर पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था।

अंत में उन्होंने नौकरी में जल्द से जल्द बहाल करने की मांग को दोहराया व सभी प्रकार के बकाया वैध राशि के जल्द भुगतान की मांग रखी। 

प्रदर्शन कर रहे मज़दूरों को सीटू दिल्ली राज्य कमेटी महासचिव अनुराग सक्सेना,  अध्यक्ष वीरेन्द्र गौड़, सीटू दिल्ली राज्य कमेटी, दक्षिणी दिल्ली सीआईटीयू सचिव जेपी दुबे, एन्टी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष देवानंद, दिल्ली जल बोर्ड के सुभाष समेत कई नेताओं ने संबोधित किया। लगभग सभी वक्ताओं ने सीडब्ल्यूसी प्रबंधन व नए ठेकेदार के रवैये की जमकर आलोचना की  तथा मज़दूरों के बहादुराना संघर्ष के साथ अपनी एकजुटता प्रकट की।

साथ ही मजदूर नेताओं ने केन्द्र की सरकार द्वारा श्रम कानूनों में किए जा रहे बदलावों को मजदूर विरोधी बताते हुए इस सबके लिए उन्हें ही दोषी बताया। मज़दूर नेताओं के अनुसार इन्हीं बदलावों के चलते मालिकों व पूंजीपतियों के हौसले बुलंद हुए हैं और वे ऐसी हिम्मत कर पा रहे हैं कि 35 वर्ष से काम करने वाले मज़दूरों को हटाने से पहले नोटिस देना भी उचित नहीं समझते। 

अनुराग सक्सेना ने बताया कि किस प्रकार 35 वर्षों में 9 ठेकेदार आए व चले गए परन्तु मज़दूर यही काम करता रहा। अनेकों मैनेजर आए व चले गए परन्तु मजदूर की सेवायें ज्यों के त्यों बनी रही।  उन्होंने बताया कि किस प्रकार मजदूरों ने संस्थान की तरक्की व उन्नति में पूरी लग्न व मेहनत से कार्य किया है। जिसमें अधिकांश कर्मचारियों की पूरी उम्र ही संस्थान में काम करते हुए निकल गई।

पुलिस ने आकर कार्यक्रम में व्यवधान डालने का प्रयास किया व धारा 144 का हवाला देते हुए प्रदर्शन समाप्त करने को कहा।  लेकिन मजदूरों ने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा।

कार्यक्रम के अंत में सभी की नौकरी बहाली व जल्द से जल्द अन्य आर्थिक देनदारियां, 2 माह का वेतन, अप्रैल 2018 से मंहगाई भत्ता व 2 वर्ष का बोनस का भुगतान करने सम्बंधी ज्ञापन पत्र 3 नेता साथियों द्वारा डीजीएम पर्सनेल पवन कुमार को सौंपा गया। उन्होंने माँगों को पूरा करने व पटपड़गंज के मैनेजर से जल्द बात करने का आश्वासन दिया।

मजदूर नेताओं ने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा  कि यदि मज़दूरों की मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तीखा होगा जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी सीडब्ल्यूसी प्रबंधन की होगी। 

Centre of Indian Trade Unions
General Mazdoor Lal Jhanda Union
Central Warehousing Corporation
contract workers Illegal Retrenchment
Delhi High court
Workers rights

Related Stories

दिल्ली में मज़दूरों ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार के ख़िलाफ़ हड़ताल की

भारत बचाओ: जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन

‘अगस्त क्रांति’ के दिन मज़दूर-किसानों का ‘भारत बचाओ दिवस’, देशभर में हुए विरोध प्रदर्शन!

साहिबाबाद: कारखानों के चलने के कारण मजदूरों को थोड़ी राहत लेकिन परेशानी भी बहुत ज्यादा

आईआर नियमावलि: कोविड-19 लहर के बीच केंद्र का उद्योगों में सामूहिक मोल-भाव की गुंजाइश को सीमित करने का प्रस्ताव

दिल्ली : अदालत ने निर्माण श्रमिकों के लिए पेंशन, राहत राशि के भुगतान को समयसीमा निर्धारित की

हरियाणा के मानेसर में प्रवासी मजदूर संकट में 

रिवर्स माइग्रेशन: महामारी के साल भर बाद भी मज़दूरों को सरकारों पर नहीं हुआ विश्वास!

किसान-मज़दूर पदयात्रा: शहीदी दिवस पर दिल्ली बॉर्डरों पर पहुँची

किसान-मज़दूरों का ऐलान- भगत सिंह के सपनों के भारत का संघर्ष रहेगा जारी!


बाकी खबरें

  • election
    लाल बहादुर सिंह
    पक्ष-प्रतिपक्ष: चुनाव नतीजे निराशाजनक ज़रूर हैं, पर निराशावाद का कोई कारण नहीं है
    16 Mar 2022
    UP के चुनाव का ज़ोरदार झटका शायद उन सभी विपक्षी राजनीतिक ताकतों को जो अपना अस्तित्व बचाना और भाजपा को हराना चाहती हैं, उन्हें 24 की लड़ाई को अधिक गम्भीरता से जीवन-मरण का संग्राम बनाकर लड़ने के लिए…
  • bhagwant mann
    भाषा
    भगवंत मान ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की
    16 Mar 2022
    पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने राज्य के शहीद भगत सिंह (एसबीएस) नगर जिले में महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मान को पद एवं गोपनीयता की…
  • रौनक छाबड़ा
    दिल्ली: संसद सत्र के बीच स्कीम वर्कर्स का प्रदर्शन, नियमितीकरण और बजट आवंटन में वृद्धि की मांग
    16 Mar 2022
    इस प्रदर्शन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका, मध्याह्न भोजन (मिड डे मिल) कार्यकर्ता और आशाकर्मी  शामिल थीं। इन सभी ने कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट में इन सभी योजनाओ के लिए "बजट आवंटन में…
  • protest
    मंजीत सिंह पटेल
    क्या हैं पुरानी पेंशन बहाली के रास्ते में अड़चनें?
    16 Mar 2022
    समस्या यह है कि नई पेंशन योजना सेवा के वर्षों से कोई इत्तेफाक नहीं रखती है बल्कि यह कार्पस बेस्ड है यानी जितना फंड NPS अकाउंट में होगा उसी हिसाब से पेंशन।
  • ज़ोमैटो डिलीवरी एजेंटों ने तिरुवनंतपुरम में शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
    अभिवाद
    ज़ोमैटो डिलीवरी एजेंटों ने तिरुवनंतपुरम में शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
    16 Mar 2022
    डिलीवरी एजेंटों ने ज़ोमैटो फ़ूड एग्रीगेटर के प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि बिना किसी अतिरिक्त लाभ के उन्हें फ़ुल टाइम काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License