NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
प्रतिबंध के बावजूद ग्रीस के लोगों ने एलेक्सेंड्रोस ग्रिगोरोपोलस को याद किया
12 साल पहले 6 दिसंबर 2008 को 15 वर्षीय एक स्कूली छात्र एलेक्सेंड्रोस ग्रिगोरोपोलस को ग्रीस की पुलिस के दो विशेष गार्डों द्वारा एक्सरसिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
पीपल्स डिस्पैच
08 Dec 2020
Greece

रविवार 6 दिसंबर के दिन ग्रीस में प्रगतिशील वर्गों ने 15वर्षीय छात्र ओलेक्सेंड्रोस ग्रिगोरोपोलस को श्रद्धांजलि दी। इस छात्र की हत्या वर्ष 2008 में एक्सरसिया में ग्रीक पुलिस के दो विशेष गार्डों द्वारा कर दी गई थी। कंजर्वेटिव न्यू डेमोक्रेसी (एनडी) के अधीन ग्रीक पुलिस ने COVID-19 प्रतिबंधों की आड़ में ग्रीस भर में भीड़ और अन्य विशिष्ट कार्यक्रमों पर रोक लगा दिया है। पुलिस प्रतिबंधों के बावजूद साहस जुटाते हुए छात्र समूहों और कम्युनिस्ट यूथ ऑफ ग्रीस (केएनई) के एक्टिविस्ट ने COVID-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए एलेक्सेंड्रोस ग्रिगोरोपोलस को श्रद्धांजलि दी।

बारह वर्ष पहले एथेंस के एक्सएरशिया के पास में 15वर्षीय स्कूली छात्र एलेक्सेंड्रोस ग्रिगोरोपोलस को दो विशेष गार्ड एपामिनोंदस कोरकोनेस और इसके सहयोगी वैसिलिस सारालियोटिस द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना को लेकर पूरे ग्रीस में बड़े पैमाने पर युवा / छात्र विरोध प्रदर्शन हुए और पुलिस ने इन विरोध प्रदर्शनों को हिंसक रूप से दबाने का प्रयास किया। दिसंबर 2008में पूरे ग्रीस में उन विरोध प्रदर्शनों को व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला क्योंकि ग्रीक पुलिस के अत्याचारों का विरोध करते हुए दुनिया भर के विभिन्न शहरों में मार्च निकाले गए थे। ग्रिगोरोपोलस की हत्या के खिलाफ युवाओं के गुस्से के साथ साथ 2008 के ग्रीक विरोध प्रदर्शनों के दौरान भ्रष्टाचार और यूनानी अधिकारियों की अक्षमता के साथ गहरे आर्थिक और सामाजिक संकट के खिलाफ नाराजगी भी सामने आई थी।

वर्ष 2010 में एलेक्सेंड्रोस ग्रिगोरोपोलस की हत्या के आरोपी एपामिनोंडास कोरकोनेस और इसके साथी वैसिलिस सारालियोटिस दोषी पाए गए और ट्रायल कोर्ट द्वारा क्रमशः 15 वर्ष के कारावास और 10 साल के कारावास की सजा सुनाई गई। लेकिन वर्ष 2019 में एक अपील पर कोरकोनेस के खिलाफ सजा को पलट दिया गया और सजा को कम करके 13 साल के कारावास की सजा सुनाई गई और बाद में कोरोकोनेस को जेल से रिहा कर दिया गया जिसके चलते पूरे ग्रीस में व्यापक आक्रोश फैल गया।

एलेक्सेंड्रोस ग्रिगोरोपोलस की शहादत की 12 वीं वर्षगांठ के मद्देनजर सेंट्रल कमेटी ऑफ द कम्युनिस्ट यूथ ऑफ ग्रीस (केएनई) ने कहा कि "6 दिसंबर 2008 को 15 वर्षीय एलेक्सिस ग्रिगोरोपोलस की विशेष गार्ड एप कोरकोनेस द्वारा की गई जबरन हत्या लोगों और युवाओं के जीवन और अधिकारों पर हमले को साबित करता है कि जो पुलिस क्रूरता, राज्य हिंसा और दमन से अटूट रूप से जुड़ा हुआ है।”

केएनई ने यह भी आरोप लगाया है कि "एलेक्सेंड्रोस ग्रिगोरोपोलस की हत्या के 12 साल बाद शोषक प्रणाली को प्रभावी रुप से बचाने के क्रम में सभी सरकारों द्वारा बढ़ावा दिए गए राज्य के आतंकवाद, अधिनायकवाद और दमन के उपायों की श्रृंखला में नए लिंक लगातार जोड़े जा रहे हैं।"

Greece
Conservative New Democracy
COVID-19
Communist Youth of Greece

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

WHO और भारत सरकार की कोरोना रिपोर्ट में अंतर क्य़ों?


बाकी खबरें

  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: इस बार किसकी सरकार?
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में सात चरणों के मतदान संपन्न होने के बाद अब नतीजों का इंतज़ार है, देखना दिलचस्प होगा कि ईवीएम से क्या रिजल्ट निकलता है।
  • moderna
    ऋचा चिंतन
    पेटेंट्स, मुनाफे और हिस्सेदारी की लड़ाई – मोडेरना की महामारी की कहानी
    09 Mar 2022
    दक्षिण अफ्रीका में पेटेंट्स के लिए मोडेरना की अर्जी लगाने की पहल उसके इस प्रतिज्ञा का सम्मान करने के इरादे पर सवालिया निशान खड़े कर देती है कि महामारी के दौरान उसके द्वारा पेटेंट्स को लागू नहीं किया…
  • nirbhaya fund
    भारत डोगरा
    निर्भया फंड: प्राथमिकता में चूक या स्मृति में विचलन?
    09 Mar 2022
    महिलाओं की सुरक्षा के लिए संसाधनों की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन धूमधाम से लॉंच किए गए निर्भया फंड का उपयोग कम ही किया गया है। क्या सरकार महिलाओं की फिक्र करना भूल गई या बस उनकी उपेक्षा कर दी?
  • डेविड हट
    यूक्रेन विवाद : आख़िर दक्षिणपूर्व एशिया की ख़ामोश प्रतिक्रिया की वजह क्या है?
    09 Mar 2022
    रूस की संयुक्त राष्ट्र में निंदा करने के अलावा, दक्षिणपूर्वी एशियाई देशों में से ज़्यादातर ने यूक्रेन पर रूस के हमले पर बहुत ही कमज़ोर और सतही प्रतिक्रिया दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा दूसरों…
  • evm
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: नतीजों के पहले EVM को लेकर बनारस में बवाल, लोगों को 'लोकतंत्र के अपहरण' का डर
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में ईवीएम के रख-रखाव, प्रबंधन और चुनाव आयोग के अफसरों को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। उंगली गोदी मीडिया पर भी उठी है। बनारस में मोदी के रोड शो में जमकर भीड़ दिखाई गई, जबकि ज्यादा भीड़ सपा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License