NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोरोनावायरस का राजनीतिकरण न करेंः ट्रम्प को डब्ल्यूएचओ की नसीहत
अमेरिकी राष्ट्रपति ने डब्ल्यूएचओ पर "चीन-केंद्रित" होने का आरोप लगाते हुए इन्हें दिए जाने वाली वित्तीय सहायता रोकने की धमकी दी।
पीपल्स डिस्पैच
09 Apr 2020
WHO

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के प्रमुख टेड्रोस एडेनॉम गेबरेयेसस ने दुनिया भर के देश से अपील की है कि वे वायरस का राजनीतिकरण न करें और राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय एकता बनाए रखें। ये बात डब्लूएचओ ने 8 अप्रैल को जेनेवा में कही। वे संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थें। प्रमुख के इस बयान को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आरोपों के मद्देनजर एक स्पष्ट प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है जिन्होंने इसे 'चीन-केंद्रित' कहा है।

गेबरेयेसस ने कहा कि "सबसे शक्तिशाली देश को इससे निपटने के लिए आगे बढ़ना चाहिए और कोविड की राजनीति को बंद करना चाहिए।" उन्होंने अमेरिका और चीन से संकट के इस समय में ईमानदारी से विश्व का नेतृत्व करने का आग्रह किया है और एक-दूसरे को नीचा दिखाने के प्रयासों से दूर रहने का आग्रह किया।

7 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने डब्ल्यूएचओ को दी जाने वाली वित्तीय सहायता को रोकने की धमकी दी है। ट्रम्प ने डब्ल्यूएचओ पर चीन का समर्थक होने का आरोप लगाया। हालांकि, बाद में एक ट्वीट के जरिए उन्होंने इस धमकी को नजरअंदाज कर दिया लेकिन आरोपों को दोहराते हुए कहा कि “डब्ल्यूएचओ ने वास्तव में इसको हवा दे दिया। इन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा बड़े पैमाने पर वित्त सहायता दी जाती है लेकिन किसी कारण से ये चीन-केंद्रित है। हम इनके लिए बेहतर काम करते रहेंगे। किस्मत से मैंने चीन के लिए अपनी सीमाओं को खुला रखने की उनकी सलाह को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने हमें इतनी दोषपूर्ण सिफारिश क्यों दी? ”

2018-2019 वित्तीय वर्ष के लिए अमेरिका ने डब्ल्यूएचओ के बजट का लगभग 15 प्रतिशत योगदान दिया था और असेस्ड वॉलेंटरी कंट्रीब्यूशन का क़रीब 22 प्रतिशत योगदान किया था।

गेबरेयेसस ने सभी देशों को चेतावनी दी है कि ऐसे समय में जब वायरस से संक्रमण के चलते लाखों का आंकड़ा पार कर चुका है वे अपने मतभेदों को पैदा न करें। 9 अप्रैल तक इसके संक्रमण से 90,000 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं संक्रमित लोगों की संख्या 1.5 मिलियन से ज़्यादा हो गई है।

चीनी अधिकारियों ने 8 जनवरी को कोरोनवायरस का पता लगाया था। डब्ल्यूएचओ ने इसे 30 जनवरी को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का विषय बताते हुए पब्लिक हेल्थ इमर्जेंसी कहा था और 11 मार्च को इसे वैश्विक महामारी घोषित किया था। 10 जनवरी को डब्ल्यूएचओ ने सफर करने को लेकर एडवाइजरी के साथ अन्य दिशानिर्देश जारी किया था।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बेवक्त दिए गए ट्रम्प के बयान को लेकर आलोचना की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि यह भविष्य का मुद्दा है कि इस महामारी से कैसे निपटा गया। गुटेरेस के हवाले से बीबीसी ने लिखा कि “अभी एकजुट होने का समय है, वायरस के प्रकोप और इसके तबाह करने वाले परिणाम को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को एक साथ काम करने की जरुरत है।”

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Coronavirus Pandemic
World Health Organization
Donald Trump
United States
HEALTH

Related Stories

गर्म लहर से भारत में जच्चा-बच्चा की सेहत पर खतरा

विज्ञान: समुद्री मूंगे में वैज्ञानिकों की 'एंटी-कैंसर' कम्पाउंड की तलाश पूरी हुई

छत्तीसगढ़ के ज़िला अस्पताल में बेड, स्टाफ और पीने के पानी तक की किल्लत

ग्राउंड रिपोर्ट: स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रचार में मस्त यूपी सरकार, वेंटिलेटर पर लेटे सरकारी अस्पताल

यात्रा प्रतिबंधों के कई चेहरे

पतंजलि आयुर्वेद को कुछ कठिन सवालों के जवाब देने की ज़रूरत 

सिकुड़ते पोषाहार बजट के  त्रासद दुष्प्रभाव

क्या कोरोना महामारी में बच्चों की एक पूरी पीढ़ी के ग़ायब होने का खतरा है?

कोविड-19 में पेटेंट और मरीज़ के अधिकार: क्या किसी अधिकार विशेष के बजाय यह पूरी मानवता का सवाल नहीं है ?

कोरोनावायरस महामारी से सबसे घटिया तरीके से निपटते हुए ट्रम्प दुनिया का नेतृत्व कैसे कर पा रहे हैं ?


बाकी खबरें

  • Gujarat Riots
    बादल सरोज
    गुजरात दंगों की बीसवीं बरसी भूलने के ख़तरे अनेक
    05 Mar 2022
    इस चुनिन्दा विस्मृति के पीछे उन घपलों, घोटालों, साजिशों, चालबाजियों, न्याय प्रबंधन की तिकड़मों की याद दिलाने से बचना है जिनके जरिये इन दंगों के असली मुजरिमों को बचाया गया था।
  • US Army Invasion
    रॉजर वॉटर्स
    जंग से फ़ायदा लेने वाले गुंडों के ख़िलाफ़ एकजुट होने की ज़रूरत
    05 Mar 2022
    पश्चिमी मीडिया ने यूक्रेन विवाद को इस तरह से दिखाया है जो हमें बांटने वाले हैं। मगर क्यों न हम उन सब के ख़िलाफ़ एकजुट हो जाएं जो पूरी दुनिया में कहीं भी जंगों को अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं?
  • government schemes
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना के दौरान सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं ले पा रहें है जरूरतमंद परिवार - सर्वे
    05 Mar 2022
    कोरोना की तीसरी लहर के दौरान भारत के 5 राज्यों (दिल्ली, झारखंड, छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश, ओडिशा) में 488 प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना हेतु पात्र महिलाओं के साथ बातचीत करने के बाद निकले नतीजे।
  • UP Elections
    इविता दास, वी.आर.श्रेया
    यूपी चुनाव: सोनभद्र और चंदौली जिलों में कोविड-19 की अनसुनी कहानियां हुईं उजागर 
    05 Mar 2022
    ये कहानियां उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और चंदौली जिलों की हैं जिन्हे ऑल-इंडिया यूनियन ऑफ़ फ़ॉरेस्ट वर्किंग पीपल (AIUFWP) द्वारा आयोजित एक जन सुनवाई में सुनाया गया था। 
  • Modi
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव : क्या पूर्वांचल की धरती मोदी-योगी के लिए वाटरलू साबित होगी
    05 Mar 2022
    मोदी जी पिछले चुनाव के सारे नुस्खों को दुहराते हुए चुनाव नतीजों को दुहराना चाह रहे हैं, पर तब से गंगा में बहुत पानी बह चुका है और हालात बिल्कुल बदल चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License