NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
डॉक्टरों के पास ही ज़रूरी सुरक्षा किट नहीं, केजीएमयू में काम बहिष्कार की चेतावनी
डॉक्टरों का कहना है अगर हम ही बीमार हो गए तो मरीज़ों का इलाज कौन करेगा? डॉक्टरों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से कहा है अगर वक़्त रहते उनको किट मुहैया नहीं कराई गई तो वह काम का बहिष्कार कर देंगे।
असद रिज़वी
24 Mar 2020
KGMU
फाइल फोटो, साभार : नवभारत टाइम्स

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के डॉक्टरों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए सुरक्षा किट भी नहीं है।  डॉक्टरों का कहना है अगर हम ही बीमार हो गए तो मरीज़ों का इलाज कौन करेगा? डॉक्टरों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से कहा है अगर वक़्त रहते उनको किट मुहैया नहीं कराई गई तो वह काम का बहिष्कार कर देंगे।

जब देश की जनता अपने घरों में और सड़क पर डॉक्टरों को धन्यवाद कहने के लिए ताली और थाली पीट रही थी, उस समय लखनऊ केजीएमयू के डॉक्टर अपनी सुरक्षा के लिए (पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विप्मन्ट किट) के लिए परेशान हो रहे थे। केजीएमयू प्रशासन से रेज़िडेंट डॉक्टर ऐसोसीएशन (आरडीए) से किट मुहैया कराने की गुहार लगाई है। संगठन ने कहा है की अगर वक़्त रहते किट नहीं मुहैया होती है तो वह काम का बहिष्कार कर देंगे।

केजीएमयू में प्रतिदिन प्रदेश भर से 200-300 संदिग्ध मरीज़ आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है मरीज़ों के भीड़ में किसको कोरोना है या नहीं यह जाँच से पहले नहीं मालूम होता है। ऐसे में न सिर्फ़ डॉक्टरों को बल्कि बिना किट के सारे हेल्थ कर्मचारियों और यूनिवर्सिटी में भर्ती दूसरे मरीज़ों को भी ख़तरा है।

आरडीए का कहना है अगर डॉक्टर ही बीमार हो गए तो केजीएमयू में मरीज़ों का इलाज कौन करेगा? यूनिवर्सिटी के कुलपति मदन लाल ब्रह्मा भट्ट को एक पत्र लिख कर डॉक्टरों के संगठन ने कहा है की केजीएमयू के सभी विभागों के डॉक्टर डरे हुए है। डॉक्टरों ने अपने पत्र में लिखा है कि वह भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक तनाव से गुज़र रहे हैं।

IMG_6609.jpg

उनको डर है अगर किसी डॉक्टर या कर्मचारी को संक्रमण हुआ तो वह बड़े समूह में फैल सकता है, क्यूँकि प्रतिदिन वह सैकड़ों लोगों से चिकित्सा सेवाओं के चलते मिलते हैं। बता दें कि पिछले सप्ताह केजीएमयू के एक जूनियर डॉक्टर की जाँच में कोरोना (पॉज़िटिव) पाया गया था। जिसको तुरंत छुट्टी देकर (आइसोलेशन में) रखा गया था।

न्यूज़क्लिक ने रेज़िडेंट डॉक्टरों के संगठन के पदाधिकारियों से बात की तो उनका कहना है अभी तक यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा डॉक्टरों को आवश्यक किट मुहैया नहीं कराई गई है। संगठन के अध्यक्ष डॉक्टर राहुल भरत ने कहा कि कोरोना ओपीडी और फ़ीवर (बुखार) ओपीडी दोनो में (पर्सनल प्रोटेकशन इक्विप्मन्ट किट) होना चाहिए।इसके अलवा जनरल ओपीडी में मास्क और सैनिटाइज़र आवश्यक तौर पर होना चाहिए है। क्यूँकि जब मरीज़ आता है उस समय किसी को नहीं मालूम होता है की इसको कोरोना है या नहीं, इसकी पुष्टि जाँच के बाद होती है। ऐसे में बिना सुरक्षा किट के मरीज़ों की स्क्रीनिंग करने वाले डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मचारियों को बड़ा ख़तरा होता है।

डॉ. राहुल भरत के अनुसार अभी तक अलग-अलग विभागों से किट मुहैया नहीं होने कि शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। जिन से यूनिवर्सिटी प्रशासन को भी अवगत कराया जा रहा है। उन्होंने कहा आज शाम तक अगर केजीएमयू प्रशासन ने कोई क़दम नहीं उठाया तो डॉक्टर अपने अगले क़दम पर विचार करेंगे।

सुरक्षा किट में हेड कवर, शूज़ कवर, दस्ताने (ग्लव्ज़), मास्क (N-95) और सैनिटाइज़र होता है।

उधर राजधानी के डॉक्टर राम मनहोर लोहिया संस्थान के नर्सिंग स्टाफ़ ने भी मास्क और किट नहीं मिलने कि शिकायत की है। कई नर्सिंग कर्मचारियों ने अपनी शिकायत के वीडियो सोशल मीडिया पर भी डाले हैं और सरकार से किट मुहैया कारने की माँग की है। हालाँकि वहाँ का प्रशासन ऐसी किसी समस्या से इंकार कर रहा है।

संजय गांधी पोस्ट स्नातोकोत्तर संस्थान के प्रशासन से नर्सिंग स्टाफ़ ने सुरक्षा किट की कमी शिकायत की थी। वहाँ के प्रशासन के तुरंत नर्सिंग स्टाफ़ की माँग पर उनको किट मुहैया करा दी।

केजीएमयू के सूत्र बताते हैं कि वहाँ निरीक्षण पर आये प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉक्टर रजनीश दुबे की मौजूदगी में भी डॉक्टरों ने सुरक्षा किट का मुद्दा उठाया था और इसकी कमी को लेकर अक्रोश भी व्यक्त किया था। सूत्र बताते हैं कि डॉक्टरों की माँग पर शासन द्वारा केरल से 3500 किट और 4500 (N-95) मास्क मंगाए थे। हालाँकि डॉक्टरों के अनुसार यह संख्या ज़रूरत से बहुत कम है।

UttarPradesh
King George Medical University
KGMU
Doctor's Safety kit
Coronavirus
novel coronavirus
COVID-19
yogi sarkar
BJP
health care facilities

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • Uttarakhand
    सत्यम कुमार
    उत्तराखंड: NIOS से डीएलएड करने वाले छात्रों को प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए अनुमति नहीं
    23 Oct 2021
    उत्तराखंड सरकार द्वारा नवंबर 2020 में प्राथमिक शिक्षक के 2287 पदों पर भर्ती के लिए सूचना जारी की गई थी, इसमें राज्य सरकार द्वारा इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी से होने वाले डीएलएड को मान्य किया गया…
  • Supreme Court
    न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    खोरी पुनर्वास संकट: कोर्ट ने कहा- प्रोविजनल एलॉटमेंट के समय कोई पैसा नहीं लिया जाएगा, फ़ाइनल एलॉटमेंट पर तय होगी किस्त 
    23 Oct 2021
    मजदूर आवास संघर्ष समिति ने कहा कि अस्वीकृत आवेदन की प्रकिया में अपारदर्शिता है एवं प्रार्थी को अपील का मौका न देना सरासर अत्याचार एवं धोखा है।
  • inflation
    अजय कुमार
    सरकारी आंकड़ों में महंगाई हो गई कम, ग़रीब जनता को एहसास भी नहीं हुआ! 
    23 Oct 2021
    आख़िर क्या वजह है कि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों में कमी आने के बाद भी आम आदमी इस पर भरोसा नहीं कर पाता।
  • 100 crore vaccines
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेक: क्या भारत सचमुच 100 करोड़ टीके लगाने वाला दुनिया का पहला देश है?
    23 Oct 2021
    भारत न तो पहला देश है जिसने 100 करोड़ डोज़ लगाई है और न ही भारत का टीकाकरण विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान है।
  • shareel
    द लीफलेट
    सीएए विरोधी भाषण: भीड़ उकसाने के ख़िलाफ़ ‘अपर्याप्त और आधे-अधूरे सुबूत’, फिर भी शरजील इमाम को ज़मानत से इनकार
    23 Oct 2021
    दिल्ली की एक अदालत ने दिसंबर 2019 में राष्ट्रीय राजधानी में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA)-राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर अपने कथित भड़काऊ भाषण के सिलसिले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License