NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बंगाल में दो महीने लंबा चुनाव, 8 चरण में पड़ेंगे वोट
असम में तीन चरणों में मतदान होगा, जबकि केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में एक चरण में 6 अप्रैल को वोटिंग होगी। मतगणना सभी 5 राज्यों में एक साथ 2 मई को।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Feb 2021
Eci

आज 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा की कर दी गई। निर्वाचन आयोग के मुताबिक पांच राज्यों में से तीन राज्यों केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में एक चरण में 6 अप्रैल को वोट पड़ेंगे, जबकि असम में तीन चरणों में चुनाव होंगे। पश्चिम बंगाल के लिए सबसे ज़्यादा समय दिया गया है। यहां मार्च से लेकर अप्रैल अंत तक 8 चरणों में मतदान तय किया गया है। मतगणना सभी राज्यों में एक साथ 2 मई को होगी।

आज, शुक्रवार, 26 फ़रवरी को शाम साढ़े चार बजे हुई निर्वाचन आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव की तारीख़ों का ऐलान कर दिया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने इसकी घोषणा की। कोरोना के मद्देनज़र सभी राज्यों में कई तरह के एहतियात बरतने की घोषणा की गई। साथ ही मतदान का समय भी एक घंटा बढ़ाया गया है।

चुनाव कार्यक्रम इस प्रकार है-

केरल की मल्लापुरम संसदीय सीट पर उपचुनाव भी विधानसभा के साथ 6 अप्रैल को होगा।

तमिलनाडु की कन्याकुमारी संसदीय सीट पर उपचुनाव भी 6 अप्रैल को होगा।

असम में कुल तीन चरणों में मतदान होगा:-

अब बात करते हैं पश्चिम बंगाल की:-

 image widget

election commission
ECI
Kerala elections
Tamil Nadu Elections
West Bengal Elections
Assam Elections
Puducherry Elections
Election Schedule

Related Stories

विज्ञापन में फ़ायदा पहुंचाने का एल्गोरिदम : फ़ेसबुक ने विपक्षियों की तुलना में "बीजेपी से लिए कम पैसे"  

जनादेश-2022:  इस बार कहीं नहीं दिखा चुनाव आयोग, लगा कि सरकार ही करा रही है चुनाव!

ख़बरों के आगे-पीछे: विपक्ष को पोस्टल बैलेट में खेल होने का डर

ख़बरों के आगे-पीछे: चुनाव आयोग की साख पर इतना गंभीर सवाल!

निर्वाचन आयोग ने गौतमबुद्ध नगर में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 10 प्रत्याशियों को नोटिस जारी किए

चुनावों के ‘ऑनलाइन प्रचार अभियान’ में कहीं पीछे न छूट जाएं छोटे दल! 

चुनाव आयोग की विश्वसनीयता ख़त्म होती जा रही है

यूपी: क्या चुनावी रैलियों पर रोक से बीजेपी को हो सकता है बड़ा फ़ायदा?

यूपी: आचार संहिता लगते ही प्रशासन ने हटाने शुरू किए पोस्टर, बैनर, होर्डिंग

वोटर-आईडी को आधार से जोड़ना निराधार, चुनाव-बिगाड़ को मत कहें सुधार


बाकी खबरें

  • Inflation
    सौम्या शिवकुमार
    महंगाई "वास्तविक" है और इसका समाधान भी वास्तविक होना चाहिए
    01 Mar 2022
    केंद्रीय बैंकों द्वारा महंगाई को काबू करने के लिए ब्याज दर को प्रबंधित किया जाता है, लेकिन यह तरीक़ा अप्रभावी साबित हुआ है। इतना ही नहीं, इस उपकरण का जब इस्तेमाल किया जाता है, तब यह भी ध्यान नहीं रखा…
  • russia ukrain
    एपी/भाषा
    यूक्रेन-रूस घटनाक्रम: रूस को अलग-थलग करने की रणनीति, युद्ध अपराधों पर जांच करेगा आईसीसी
    01 Mar 2022
    अमेरिका ने जासूसी के आरोप में 12 रूसी राजनयिकों को निष्कासित करने की घोषणा की है। रूस की कई समाचार वेबसाइट हैक हो गईं हैं जिनमें से कुछ पर रूस ने खुद रोक लगाई है। तो वहीं संयुक्त राष्ट्र के दुलर्भ…
  •  Atal Progress Way
    बादल सरोज
    अटल प्रोग्रेस वे से कई किसान होंगे विस्थापित, चम्बल घाटी का भी बदल जाएगा भूगोल : किसान सभा
    01 Mar 2022
    "सरकार अपनी इस योजना और उसके असर को छुपाने की कोशिश में है। ना तो प्रभावित होने वाले किसानों को, ना ही उजड़ने और विस्थापित होने वाले परिवारों को विधिवत व्यक्तिगत नोटिस दिए गए हैं। पुनर्वास की कोई…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर एक लाख से कम हुई 
    01 Mar 2022
    पिछले 24 घंटों में देश में कोरोना के क़रीब 7 हज़ार नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 92 हज़ार 472 हो गयी है।
  • Imperialism
    प्रभात पटनायक
    साम्राज्यवाद अब भी ज़िंदा है
    01 Mar 2022
    साम्राज्यवादी संबंध व्यवस्था का सार विश्व संसाधनों पर महानगरीय या विकसित ताकतों द्वारा नियंत्रण में निहित है और इसमें भूमि उपयोग पर नियंत्रण भी शामिल है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License