NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ईसीओडब्ल्यूएएस ने सैन्य तख़्तापलट पर माली की सदस्यता निलंबित की
तख़्तापलट के नेता कर्नल असिमी गोइता ने पिछले हफ़्ते ट्रांज़िशनल राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर करने के बाद ख़ुद को राष्ट्रपति घोषित कर दिया है।
पीपल्स डिस्पैच
31 May 2021
ईसीओडब्ल्यूएएस ने सैन्य तख़्तापलट पर माली की सदस्यता निलंबित की

घाना की राजधानी अकरा में रविवार 30 मई को आयोजित एक आपातकालीन शिखर सम्मेलन में इकोनॉमिक कमेटी ऑफ द वेस्टर्न स्टेट्स (ईसीओडब्ल्यूएएस) के सदस्यों ने पिछले सप्ताह किए गए सैन्य तख्तापलट को लेकर माली को इस समूह की सदस्यता से निलंबित करने का निर्णय लिया।

एक दिन पहले किए गए कैबिनेट फेरबदल पर असहमति और इस्तीफा देने के लिए मजबूर किए जाने के बाद राष्ट्रपति बाह नदाव, प्रधानमंत्री मोक्टार ओउने और माली के ट्रांजिशनल कार्यकारी के नव नियुक्त रक्षा मंत्री सौलेमेन डौकोर को 24 मई को राजधानी बमाको में सेना के काटी बेस में सेना द्वारा गिरफ्तार किया गया था।

ईसीओडब्ल्यूएएस, यूएन और अफ्रीकी संघ ने सेना से सरकारी नेताओं को तुरंत रिहा करने को कहा है। हालांकि, तख्तापलट नेता कर्नल असिमी गोइता ने इसे मानने से इनकार कर दिया और 28 मई को खुद को देश का राष्ट्रपति घोषित कर दिया। गोइता रविवार को ईसीओडब्ल्यूएएस की बैठक में मौजूद थे।

बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए घाना के विदेश मंत्री शर्ली अयोरकोर बोचवे ने कहा कि ये निलंबन फरवरी 2022 तक प्रभावी रहेगा जो कि पिछले साल ट्रांजिशनल अधिकारियों के लिए नागरिक सरकार को सत्ता सौंपने की समय सीमा निर्धारित की गई थी। ईसीओडब्ल्यूएएस ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति के चुनाव की समय सीमा (27 फरवरी, 2022) का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए। ईसीओडब्ल्यूएएस ने यह भी मांग की कि सेना तुरंत एक समावेशी नागरिक सरकार को सत्ता सौंप दे।

ये समय सीमा तब निर्धारित की गई थी जब असीमी के नेतृत्व में सैन्य तख्तापलट के बाद अगस्त महीने में राष्ट्रपति बाउबकर कीटा को इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने के बाद अह नदाव के नेतृत्व वाली ट्रांजिशनल सरकार ने पिछले साल सितंबर में सत्ता संभाली थी।

बुधवार को इस्तीफा देने के बाद नदाव और ओउने को शुक्रवार को कीटा कैंप से हाउस अरेस्ट में ट्रांसफर कर दिया गया।

यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इस गिरफ्तारी की निंदा की और इन नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की।

इस बीच, फ्रांस ने सेना से गिरफ्तार नेताओं को रिहा करने के लिए कहा है अन्यथा देश से अपनी सेना वापस लेने की धमकी दी है।

फ्रांस के तथाकथित ऑपरेशन बरखाने के चलते देश में करीब 5,000 से अधिक सैनिक हैं। यह दावा किया जाता है कि अल-कायदा और आईएसआईएस जैसे चरमपंथी इस्लामी ताकतों के बढ़ते खतरों से लड़ने के लिए ये ऑपरेशन महत्वपूर्ण है। हालांकि, फ्रांसीसी सेना को नागरिकों की हत्या में शामिल पाया गया है और उनकी उपस्थिति को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध हुए हैं। सैनिकों की उपस्थिति को औपनिवेशिक हस्तक्षेप के एक रूप में बताया जाता है।

Mali
ECOWAS
President Bah Nadav
Prime Minister Moctar Ouennes

Related Stories

माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है

माली में सेना की एक और तख़्तापलट की कोशिश, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री गिरफ़्तार

माली के राष्ट्रपति ने सैन्य अधिग्रहण के बाद इस्तीफ़ा दिया


बाकी खबरें

  • putin
    अब्दुल रहमान
    मिन्स्क समझौते और रूस-यूक्रेन संकट में उनकी भूमिका 
    24 Feb 2022
    अति-राष्ट्रवादियों और रूसोफोब्स के दबाव में, यूक्रेन में एक के बाद एक आने वाली सरकारें डोनबास क्षेत्र में रूसी बोलने वाली बड़ी आबादी की शिकायतों को दूर करने में विफल रही हैं। इसके साथ ही, वह इस…
  • russia ukrain
    अजय कुमार
    यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!
    24 Feb 2022
    तमाम आशंकाओं के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमला करते हुए युद्ध की शुरुआत कर दी है। इस युद्ध के लिए कौन ज़िम्मेदार है? कौन से कारण इसके पीछे हैं? आइए इसे समझते हैं। 
  • up elections
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    उत्तर प्रदेश चुनाव: ज़मीन का मालिकाना हक़ पाने के लिए जूझ रहे वनटांगिया मतदाता अब भी मुख्यधारा से कोसों दूर
    24 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनाव के छठे चरण का मतदान इस इलाक़े में होना है। ज़मीन के मालिकाना हक़, बेरोज़गारी और महंगाई इस क्षेत्र के कुछ अहम चुनावी मुद्दे हैं।
  • ayodhya
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    यूपी चुनाव: अयोध्यावादियों के विरुद्ध फिर खड़े हैं अयोध्यावासी
    24 Feb 2022
    अयोध्या में पांचवे दौर में 27 फरवरी को मतदान होना है। लंबे समय बाद यहां अयोध्यावादी और अयोध्यावासी का विभाजन साफ तौर पर दिख रहा है और धर्म केंद्रित विकास की जगह आजीविका केंद्रित विकास की मांग हो रही…
  • mali
    पवन कुलकर्णी
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है
    24 Feb 2022
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों को हटाने की मांग करने वाले बड़े पैमाने के जन-आंदोलनों का उभार 2020 से जारी है। इन आंदोलनों की पृष्ठभूमि में, माली की संक्रमणकालीन सरकार ने फ़्रांस के खिलाफ़ लगातार विद्रोही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License