NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मानवाधिकार कार्यकर्ता हर्ष मंदर के घर और दफ्तरों पर ED का छापा
आज ही आयकर विभाग ने उनके द्वारा चलाए जा रहे बच्चों के शेल्टर होम पर भी छापा मारा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
16 Sep 2021
Harsh Mander

आज गुरुवार को सुबह मानवाधिकार कार्यकर्ता हर्ष मंदर के संस्थान सेंटर फोर इक्यूटि स्टडिज (सीईएस) के दफ्तर व उनके घर पर प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) द्वारा छापा मारा गया। इसके अलावा आज ही आयकर विभाग ने उनके द्वारा चलाए जा रहे बच्चों के शेल्टर होम, उम्मीद अमन घर पर भी छापा मारा है।

द ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ईडी ने पूर्व आईएएस अधिकारी के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत मामला दर्ज किया है। ईडी की कार्रवाई कथित तौर पर दिल्ली पुलिस द्वारा मंदर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद हुई है।

ईडी के अधिकारियों ने अखबार को बताया कि अधिकारी दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में उनके आवास और सेंटर फॉर इक्विटी स्टडीज पर छापेमारी कर रहे हैं, मंदर जिनके निदेशक हैं।

द क्विंट की रिपोर्ट है कि यह कार्रवाई मंदर और उनकी पत्नी के नौ महीने की फेलोशिप के लिए जर्मनी जाने के कुछ घंटों बाद हुई है। वेबसाइट ने यह भी कहा कि उनके उपकरणों को जब्त कर लिया गया है।

सीपीएम दिल्ली के सचिव के.एम. तिवारी ने अपने एक लिखित बयान में कहा कि हर्ष मंदर लगातार धर्मनिरपेक्षता व मज़दूरों के पक्ष में तथा भाजपा-आरएसएस की जन विरोधी व साम्प्रदायिक नीतियों के खिलाफ़ काम करते रहे हैं। आगे उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई स्पष्ट तौर पर विरोध की आवाज़ों को दबाने की योजना का हिस्सा है तथा सीपीआई(एम) इसकी कड़ी भर्त्सना करता है।

मंदर केंद्र में वर्तमान सत्ताधारी बीजेपी के आलोचक रहे हैं, उनका नाम पिछले साल उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से संबंधित एक मामले में भी दर्ज किया गया है, जिसमें 50 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।

सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर के ख़िलाफ़ कार्रवाई की निंदा करते हुए, शिक्षाविदों, लेखकों, अधिकार कार्यकर्ताओं और पूर्व सिविल सेवकों सहित नागरिक समाज के सदस्यों ने पिछले जून में एक पत्र भी लिखा था।  

यह पत्र ऐसे समय में आया जब दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में उनके नाम का जिक्र किया था। पत्र में उल्लेख किया गया है कि दिल्ली पुलिस ने दंगों के कालक्रम को "गढ़ने" के लिए मंदर और अन्य कार्यकर्ताओं के नामों का उल्लेख किया है और उसी के आसपास एक "गलत कहानी" बनाई है। विचाराधीन चार्जशीट में कहा गया है कि मंदर ने 16 दिसंबर, 2019 को जामिया मिलिया इस्लामिया में दिए गए एक भाषण में "प्रदर्शनकारियों को उकसाया" था।

harsh mander
ED Raids

Related Stories

झारखंडः आईएएस पूजा सिंघल के ठिकानों पर छापेमारी दूसरे दिन भी जारी, क़रीबी सीए के घर से 19.31 करोड़ कैश बरामद

महाराष्ट्र: फडणवीस के खिलाफ याचिकाएं दाखिल करने वाले वकील के आवास पर ईडी का छापा

अवैध रेत खनन मामला: ईडी ने पंजाब में कई स्थानों पर की छापेमारी

लक्ष्मी जी और ईडी का छापा

बीएसपी राजनीति का रहस्यलोक, मीडिया पर छापे और भाजपा-नजर में किसान हुए मवाली!

मीडिया को चुप करवाने का रेड राज

गुमराह करती प्रचार मशीनरी के ख़िलाफ़ की गई पत्रकारिता

न्यूज़क्लिक पर ईडी के छापे : प्रक्रिया, जो सज़ा बन गई

न्यूज़क्लिक पर ED का छापा और दिशा रवि

मीडिया के एक वर्ग की न्यूज़क्लिक को बदनाम करने की कोशिश


बाकी खबरें

  • बेरोज़गार भारत एक पड़ताल: केंद्र और राज्य सरकारों में 60 लाख से अधिक स्वीकृत पद खाली
    पीयूष शर्मा
    बेरोज़गार भारत एक पड़ताल: केंद्र और राज्य सरकारों के 60 लाख से अधिक स्वीकृत पद खाली
    11 Jul 2021
    इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होना, मोदी सरकार की खर्चा न करने और जनविरोधी नीतियों का परिणाम हैं अगर वास्तव में देश में किसी राहत पैकेज की जरूरत है तो वो है कि खाली पदों को भरा जाए और नए पदों का जरूरत…
  • जब सामाजिक समरसता पर लग जाता है साम्प्रादायिकता का ‘ग्रहण’
    रचना अग्रवाल
    जब सामाजिक समरसता पर लग जाता है साम्प्रादायिकता का ‘ग्रहण’
    11 Jul 2021
    वेब सीरीज़ ‘ग्रहण’ की एक कहानी 2016 की है तो दूसरी 1984 की। आज के साम्प्रादायिक माहौल में जब एक बार फिर दक्षिणपंथी ताकतें सर उठा रही हैं तो यह विषय खासा महत्वपूर्ण बन जाता है।
  • स्टेन स्वामी
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    स्टेन स्वामी: जब उन्होंने फादर ऑफ द नेशन को नहीं छोड़ा तो ‘फादर’ को क्या छोड़ते
    11 Jul 2021
    जब अपनी सरकार नहीं थी तब भी, तिहत्तर साल पहले एक बूढ़े को गोली मार कर मार दिया गया था और अब जब अपनी सरकार है तो दूसरे बूढ़े को जेल में सड़ा कर मार दिया गया। जब जनता को सबक सिखाना हो तो बूढ़ों तक के…
  • योगीराज में चीरहरण, हिंसा क्या 2022 का ट्रेलर है?
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    योगीराज में चीरहरण, हिंसा क्या 2022 का ट्रेलर है?
    10 Jul 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बताया कि पंचायत-ब्लॉक प्रमुखों के चुनावों में जिस तरह से राज्य सरकार की सरपरस्ती में भाजपा ने हिंसक वारदातों-औरतों के शील पर हमला करके जीत हासिल की, वह…
  •  कोरोना में कावड़ यात्रा, दो-बच्चे कानून का प्रस्ताव और यूपी में एकदलीय व्यवस्था की आहट!
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    कोरोना में कावड़ यात्रा, दो-बच्चे कानून का प्रस्ताव और यूपी में एकदलीय व्यवस्था की आहट!
    10 Jul 2021
    इस वर्ष हरिद्वार के कुंभ मेले की तरह कावड़ यात्रा के आयोजन को भी मंजूरी दी जा रही है. क्या होगे इसके नतीजे? क्या इस वर्ष कोरोना खत्म हो चुका है?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License