NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इक्वाडोर की नेशनल एसेंबली ने पिछले साल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस हिंसा के लिए मंत्री को बर्खास्त किया
अक्टूबर 2019 के विरोध प्रदर्शन के दौरान अपने कर्तव्यों को पूरा करने में विफल रहने के लिए सरकार के मंत्री मारिया पाउला रोमो को महाभियोग का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान 11 प्रदर्शनकारी मारे गए थे।
पीपल्स डिस्पैच
26 Nov 2020
इक्वाडोर

इक्वाडोर की नेशनल एसेंबली ने सरकार के मंत्री मारिया पाउला रोमो को 24 नवंबर को राजनीतिक सुनवाई के माध्यम से पद से हटा दिया। पक्ष में 104 मतों के गिरने और विरोध में 18 मतों के पड़ने और 12 सदस्यों के अनुपस्थित रहने के बाद विधायिका के सदस्यों ने उनके खिलाफ सेंसर और बर्खास्तगी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

यह प्रस्ताव सोशल क्रिश्चियन पार्टी के विधायिका के सदस्यों रॉबर्टो गोमेज़, लूर्डेस क्यूस्टा और अमापोला नारंजो द्वारा पेश किया गया था जिन्होंने रोमा पर सरकार के नवउदारवादी आर्थिक फैसलों के खिलाफ अक्टूबर 2019 में नागरिकों द्वारा किए गए राष्ट्रीय विरोध के 12 दिनों के दौरान अपने कर्तव्यों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया था।

अक्टूबर 2019 में हुए प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ राष्ट्रीय पुलिस द्वारा एक्सपायर्ड आंसू गैस के गोले के इस्तेमाल की अनुमति देने के साथ साथ सेल्सियन यूनिवर्सिटी और कैथोलिक यूनिवर्सिटी ऑफ क्विटो में स्थापित शांति और मानवीय सहायता केंद्रों के भीतर इन विस्फोटक उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर रोमो को महाभियोग का सामना करना पड़ा। इन स्थानों पर स्थानीय लोग, किसान, छात्र और एक्टिविस्ट प्रदर्शन कर रह रहे थे।

ओम्बुड्समैन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर 2019 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस बल के अत्यधिक इस्तेमाल से 11 मौतें हुईं, 340 लोग घायल हुए और एक हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।

इस फैसले को लेकर स्थानीय और छात्र संगठनों कन्फेड्रेशन ऑफ इंजिजेनस नेशनलिटीज ऑफ इक्वाडोर (सीओसीएआईई) और फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स ऑफ इक्वाडोर (एफईयूई) ने खुशी जाहिर की। इन संगठनों ने पिछले साल हुए विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था और रोमो के हटाने का मांग को लेकर प्लेनरी सेशन से एक दिन पहले संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोर्रिया ने भी रोमो की बर्खास्तगी पर प्रतिक्रिया दी। कोर्रिया ने एक ट्वीट में लिखा, “मारिया पाउला रोमो को बर्खास्त कर दिया गया! यह एक महिला की छोटी लेकिन जघन्य कहानी थी जिसकी महत्वाकांक्षाओं और दुष्टता की कोई सीमा नहीं थी, जिसे एक अयोग्य देशद्रोही ने पूरी शक्ति दी। आपको अपने अपराधों के लिए वास्तविक न्याय का सामना करना पड़ेगा।”

उनके महाभियोग के बाद रोमो को अन्य मामलों के साथ प्रदर्शनकारियों की मौत और नागरिकों के खिलाफ पुलिस की दमनात्मक कार्रवाई में अधिक बल का इस्तेमाल करने के लिए कानूनी प्रक्रिया का सामना करने की संभावना है।

रोमो को हटाए जाने के बाद राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो ने सरकार के नए मंत्री के रूप में पुलिस जनरल पैट्रीसियो पज़मीनो को नियुक्त किया।

रोमो ने 31 अगस्त 2018 को ये पद ग्रहण किया था। उनकी बर्खास्तगी मोरेनो के लिए एक गंभीर राजनीतिक झटके को पेश करता है क्योंकि रोमो को उनका महत्वपूर्ण चेहरा माना जाता था और उनके प्रशासन के सबसे महत्वपूर्ण चेहरों में से एक थी।

Ecuador
Ecuador's National Assembly
Police Violence
María Paula Romo

Related Stories

इक्वाडोर के नारीवादी आंदोलनों का अप्रतिबंधित गर्भपात अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प

इक्वाडोर के लोग राष्ट्रपति लासो की आर्थिक नीतियों के ख़िलाफ़ लामबंद

इंटरकल्चरल एजुकेशन लॉ लागू करने की मांग को लेकर इक्वाडोर के शिक्षक भूख हड़ताल पर

बोलीविया सरकार ने इक्वाडोर द्वारा तख़्तापलट सरकार को हथियारों की आपूर्ति की जांच की

दुनिया भर की: अमेरिकी महाद्वीप में समाजवादी व्यवस्थाओं का इम्तिहान

दक्षिणपंथी गुइलर्मो लास्सो ने इक्वाडोर के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता

विजेता वाम उम्मीदवार ने इक्वाडोर में दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनावों में बाधा डालने की योजना की चेतावनी दी

इक्वाडो : राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में एंड्रेस अराउज के प्रतिद्वंद्वी को लेकर अनिश्चितता बरक़रार

इक्वाडोर में 11 अप्रैल को राष्ट्रपति चुनावों के दूसरे दौर का मतदान

पैसा पूरी दुनिया के लोकतांत्रिक व्यवस्था को तबाह कर रहा है!


बाकी खबरें

  • देशभर में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए आवश्यक रक्षा सेवा अध्यादेश के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    देशभर में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए आवश्यक रक्षा सेवा अध्यादेश के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन
    24 Jul 2021
    यह अध्यादेश आवश्यक रक्षा सेवाओं के कामकाज, "सुरक्षा या रखरखाव" को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल के उपयोग की अनुमति दी। साथ ही संबंधित प्रबंधन को कर्मचारियों को बर्खास्त करने का अधिकार देता है जो…
  • 'Pegasus मामले की 2019 में ही जांच होनी चाहिए थी'
    न्यूज़क्लिक टीम
    'Pegasus मामले की 2019 में ही जांच होनी चाहिए थी'
    24 Jul 2021
    Pegasus मामले के खुलासे के बाद देशभर में अनेक सवाल उठ रहे हैं। न्यूज़क्लिक ने इसी मुद्दे पर संतोष भारतीय से बात की जिनका नाम भी Pegasus लिस्ट में है।
  • पेगासस खुलासे के बाद वायर के दफ़्तर में पुलिस जांच: यह रूटीन चेकअप तो नहीं है जनाब!
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पेगासस खुलासे के बाद वायर के दफ़्तर में पुलिस जांच: यह रूटीन चेकअप तो नहीं है जनाब!
    24 Jul 2021
    "... मैं अपने जीवन में पहली बार सुन रहा हूं कि 15 अगस्त के पहले मीडिया संस्थानों के दफ्तर में पुलिस रूटीन चेकअप के लिए जाती है। न्यू इंडिया में कुछ भी मुमकिन है। हैरानी की बात है।"
  • EXCLUSIVE : बनारस के इकलौते अंध विद्यालय की कक्षाएं बंद करने के पीछे आख़िर क्या है असली कहानी?
    विजय विनीत
    EXCLUSIVE : बनारस के इकलौते अंध विद्यालय की कक्षाएं बंद करने के पीछे आख़िर क्या है असली कहानी?
    24 Jul 2021
    दृष्टिबाधित बच्चों को यह समझ में नहीं आ रहा है कि भाजपा सरकार की अनदेखी के चलते बनारस के श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय को बंद किया जा रहा है अथवा इसके ट्रस्टी सुनियोजित ढंग से हित साधने के…
  • yogi
    पार्थ एस घोष
    क्या हिंदुत्व की राजनीति फिर से कोई करतब दिखा पाएगी?
    24 Jul 2021
    मोदी शासन अपनी कुछ चमक खो रहा है और राम नाम के कार्ड का प्रभाव भी कम हो रहा है, जिसकी वजह से भाजपा विधानसभा चुनाव से पहले डाँवाँडोल और विभाजित नज़र आ रही है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License