NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मिस्र की अदालत ने जेल में बंद मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को "आतंकवादी" घोषित किया
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने "हस्तक्षेप" बताते हुए मानव अधिकार कार्यकर्ताओं के निरंतर उत्पीड़न की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा को पुरज़ोर तरीक़े से ख़ारिज कर दिया।
पीपल्स डिस्पैच
24 Nov 2020
मिस्र

सोमवार 23 नवंबर को मिस्र की राजधानी काहिरा में एक आपराधिक अदालत ने कई प्रमुख, प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता, नेता, वकील सहित क़रीब 28मिस्र के नागरिकों को आतंकवादी घोषित किया। इनमें से कुछ लंबे समय से जेल में बंद वामपंथी कार्यकर्ता आला अब्देल फत्ताह, पूर्व राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार,अब्देलमोनिम अबुल फतौह, विपक्षी मिस्र-अल-कविया(ईजिप्ट स्ट्रॉन्ग) राजनीतिक पार्टी के उप-प्रमुख मुहम्मद अल-कसास और मुस्लिम ब्रदरहुड सदस्य और पूर्वसांसद अहमद अबू बाराका शामिल हैं।

इनके नाम सरकार की आतंकी सूची में शामिल होने और देश में आतंकवादी संस्थाओं के रूप में प्रतिबंधित किए जाने के कारण कुछ कड़े प्रतिबंध और नतीजे सामने आए हैं। आतंकवादी बताए गए व्यक्ति को वित्तीय संपत्तियों और बैंक खातों को बंद करना पड़ सकता है,उनके पासपोर्ट ज़ब्त हो सकते है और / या रद्द होसकते है, यात्रा प्रतिबंध लगाया जा सकता है, ये प्रतिबंध आतंकवादी बताए जाने की तारीख से अगले पांच साल तक जारी रहेंगे।

इस बीच मिस्र के प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता औरईआईपीआर (इजिप्टियन इनिशिएटिव फॉर पर्सनल राइट्स) के कार्यकारी निदेशक गस्सेर अब्देल-रज़ेक जिन्हें देश में मानवाधिकार की स्थिति पर चर्चा करने के लिए पश्चिमी राजनयिकों के साथ वार्षिक व रूटीन मीटिंग के बाद पिछले सप्ताह सुरक्षा एजेंसियों द्वाराउनके दो सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया गया था।उनके वकील और ईआईपीआर के संस्थापक अध्यक्ष ने सोमवार 23 नवंबर को ये कहा। देश में मानवाधिकार की स्थिति बेहद अपमानजनक और बर्बर है।

पत्रकारों से बात करते हुए ईआईपीआर के संस्थापक होसाम बहगट ने मिस्र के अधिकारियों पर रज़ेक सेजबरन "अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार" करनेका आरोप लगाया जिससे उनका मनोवैज्ञानिक और शारीरिक नुकसान हुआ।

रज़ेक पर झूठी खबरें फैलाने, आतंकवादी समूह में शामिल होने और सार्वजनिक सुरक्षा को नज़रअंदाज़करने जैसे आपराधिक आरोप लगाए गए हैं। जिन दो अन्य ईआईपीआर कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था उन पर भी इसी तरह के आपराधिक आरोप लगाए गए हैं।

सरकारी अधिकारियों द्वारा इन गिरफ्तारियों के माध्यम से ईआईपीआर को निशाना बनाने को लेकर इजिप्ट के भीतर अन्य मानवाधिकार कार्यकर्ताओं से भारी नाराज़गी का सामना करना पड़ा साथ ही मानवाधिकार संगठनों,राजनयिकों और नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना की।

राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी के नेतृत्व में मिस्र की सरकार न केवल अपने स्वयं के नागरिकों को सताने में असंयमित और ज्यों की त्यों बनी हुई है बल्कि वह खुद के लिए एक ख़तरा भी मानती है। ऐसे में लगता है किमानवाधिकार कार्यकर्ताओं, राजनीतिक क़ैदियों, वकीलों,पत्रकारों, विपक्षी लोगों और अन्य लोगों को दंडित करके और चुप करने के नए तरीकों को ढूंढ निकाल कर जारी उत्पीड़न के स्तर को बढ़ा दिया है। जेल में इन लोगों की संख्या क़रीब 60,000 है।

egypt
human rights activists
Terrorism

Related Stories

पाकिस्तान किस प्रकार से बलूचिस्तान में शांति के लिए पहले-विकास की राह को तलाश सकता है

सूडान: सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ 18वें देश्वयापी आंदोलन में 2 की मौत, 172 घायल

विशेष: किसिम-किसिम के आतंकवाद

बिहार: कश्मीर में प्रवासी बिहारी मज़दूरों की हत्या के ख़िलाफ़ पटना सहित पूरे राज्य में मनाया गया विरोध दिवस

'कश्मीर में नागरिकों की हत्याओं का मक़सद भारत की सामान्य स्थिति की धारणा को धूमिल करना है'—मिलिट्री थिंक-टैंक के निदेशक

9/11 के बाद भारत में भी हालात हुए हैं ख़राब

जांच पर और सवाल करते हैं 9/11 मामले में एफबीआई के सार्वजनिक हुए दस्तावेज 

यूएस द्वारा रक्षा पर किए गए ख़र्च का क़रीब आधा निजी कंपनियों को मिलाः कॉस्ट ऑफ़ वॉर प्रोजेक्ट

आतंकवाद को सालों तक भुनाया जा सकता है : हिलाल अहमद

दो दशकों के "आतंक के ख़िलाफ़ युद्ध" के चलते क़रीब दस लाख मौतें हुई, 37 मिलियन विस्थापित हुए


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार में फिर लौटा चमकी बुखार, मुज़फ़्फ़रपुर में अब तक दो बच्चों की मौत
    16 Apr 2022
    मुज़फ़्फ़रपुर के अस्पतालों में हर दिन चमकी बुखार के लक्षण वाले बच्चे आ रहे हैं।
  • पीपुल्स डिस्पैच
    द.अफ्रीकाः स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना बाद की कटौती का विरोध कर रहे हैं
    16 Apr 2022
    दक्षिण अफ्रीका के कई प्रांतों में स्वास्थ्य संस्थानों में काम करने वाले श्रमिकों ने अपने रोजगारों के नुकसान और सेवाओं के पुनर्गठन के खतरों का सामना करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और औद्योगिक…
  • सोनिया यादव
    यूपी: अब झांसी में अवैध खनन की रिपोर्टिंग करने गए पत्रकार पर हमला, कहां है कानून व्यवस्था? 
    16 Apr 2022
    प्रदेश में पत्रकारों के ख़िलाफ़ जिस तरह से मार-पीट और मुक़दमे दर्ज हो रहे हैं उससे तो यही लगता है कि आने वाले दिनों में राज्य में पत्रकारिता और पत्रकारों की दशा और खराब हो सकती है।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: ये बुलडोजरिस्तान हमारा, हम को प्राणों से है प्यारा!
    16 Apr 2022
    सच तो यह है कि बुलडोजर, मोदी जी के नये भारत की निशानी है। दिखाने में सेक्युलर और घर-दुकान गिराने में, छांट-छांटकर चलने वाला। बाबा का, मामा का या और किसी भी भगवाधारी का बुलडोजर जब चलता है, पुराना…
  • रमा तेलतुंबड़े आंबेडकर
    दो साल से कैद आनंद तेलतुंबड़े के जीवन के सबसे मार्मिक पल
    16 Apr 2022
    आनंद ने न्यायपालिका से अपने खिलाफ़ लगाए गए घृणित और गलत आरोपों को रद्द करने की गुहार लगाई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License