NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
एल्गार परिषद मामला: तीन साल बाद जेल से रिहा हुईं अधिवक्ता-कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज
भारद्वाज को 1 दिसंबर को बंबई उच्च न्यायालय ने जमानत दी थी और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत को उन पर लगाई जाने वाली पाबंदियां तय करने का निर्देश दिया था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
09 Dec 2021
Sudha Bharadwaj

मुंबई: बृहस्पतिवार यानि 9 दिसम्बर को एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में आरोपी अधिवक्ता सुधा भारद्वाज तीन साल कैद में बिताने के बाद उन्हें जमानत पर जेल से रिहा कर दिया गया। 

भारद्वाज को 1 दिसंबर को बंबई उच्च न्यायालय ने जमानत दी थी और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत को उन पर लगाई जाने वाली पाबंदियां तय करने का निर्देश दिया था।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी की विशेष अदालत द्वारा उनकी  रिहाई के लिए लगायी अन्य शर्तों में उनका अदालत के न्यायाधिकार क्षेत्र के भीतर रहना और उसकी अनुमति के बिना मुंबई छोड़कर नहीं जाना शामिल हैं।

एनआईए अदालत ने भारद्वाज को 50 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करने का बुधवार को निर्देश दिया। इसके बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं और बृहस्पतिवार दोपहर भायखला महिला कारागार से उन्हें रिहा कर दिया गया। 

अपनी कार में बैठते हुए भारद्वाज ने जेल के बाहर मौजूद मीडिया कर्मियों की ओर हाथ भी हिलाया। भारद्वाज को अगस्त 2018 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया गया था। 

भारद्वाज मामले में उन 16 कार्यकर्ताओं और विद्वानों में पहली आरोपी हैं जिन्हें तकनीकी खामी के आधार पर जमानत दी गयी है।

यह मामला 31 दिसंबर 2017 को पुणे के शनिवारवाड़ा में एल्गार परिषद की संगोष्ठी में भड़काऊ भाषण देने से जुडा है। पुलिस का दावा है कि इसके अगले दिन पुणे के बाहरी इलाके कोरेगांव-भीमा में भाषण की वजह से हिंसा भड़की। पुलिस का यह भी दावा है कि इस संगोष्ठी को माओवादियों का समर्थन हासिल था। बाद में इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई थी।

Elgar Parishad case
Sudha Bharadwaj
Sudha Bharadwaj released from jail

Related Stories

सामाजिक कार्यकर्ताओं की देशभक्ति को लगातार दंडित किया जा रहा है: सुधा भारद्वाज

साल 2021 : खेत से लेकर सड़क और कोर्ट तक आवाज़ बुलंद करती महिलाएं

किसानों की हर मांग पर मानी सरकार, सुधा भारद्वाज जेल से बाहर और अन्य ख़बरें

अदालत ने सुधा भारद्वाज को 50,000 रुपये के मुचलके पर जेल से रिहा करने की अनुमति दी

सुधा भारद्वाज को SC से राहत, यूपी के aspirant शिक्षक तेज़ करेंगे आंदोलन और अन्य ख़बरें

एल्गार परिषद मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सुधा भारद्वाज की ज़मानत के ख़िलाफ़ एनआईए की याचिका ख़ारिज की

एल्गार परिषद मामले में सुधा भारद्वाज को ज़मानत, सरकार के पास मृत किसानों के नहीं हैं आंकड़े और अन्य

एल्गार परिषद : बंबई उच्च न्यायालय ने वकील सुधा भारद्वाज को ज़मानत दी

मैंने बम नहीं बाँटा था : वरवरा राव

भीमा कोरेगांव मामला: “भायखला जेल में कोरोना का बढ़ता संक्रमण चिंताजनक”


बाकी खबरें

  • भाजपा
    अनिल जैन
    भाजपा सरकारों के बीच प्रचार के फ़रेब से छवि चमकाने की होड़
    17 Jul 2021
    भाजपा की राज्य सरकारें अपनी योजनाओं और कथित उपलब्धियों का प्रचार सिर्फ़ अपने सूबे में ही नहीं बल्कि देश की राजधानी दिल्ली सहित अन्य राज्यों में भी कर रही हैं। यह स्थिति तब है, जब ये सभी सरकारें गंभीर…
  • आज भी दर्द से भरे हैं उभ्भा गांव के आदिवासी। नरसंहार कांड की दूसरी बरसी से पहले एक जगह जमा होकर अपना दुख सुना रहे आदिवासी
    विजय विनीत
    सोनभद्र नरसंहार कांड: नहीं हुआ न्याय, नहीं मिला हक़, आदिवासियों के मन पर आज भी अनगिन घाव
    17 Jul 2021
    सोनभद्र के उभ्भा गांव में हुए नरसंहार की आज दूसरी बरसी है। आज ही के दिन 17 जुलाई 2019 को 112 बीघे ज़मीन के लिए यहां दबंगों ने अंधाधुंध फायरिंग कर 11 आदिवासियों की जान ले ली थी। इस घटना में 25 अन्य…
  • कानपुर के देहाती इलाक़ों का एक सियासी सफ़र
    मोहम्मद सज्जाद
    कानपुर के देहाती इलाक़ों का एक सियासी सफ़र
    17 Jul 2021
    एक ऐसी नयी किताब,जो सियासी घिनौनेपन और भ्रष्टाचार की जड़ों की सटीक शिनाख़्त करती है, लेकिन उद्धार के उस कुछ इतिहास से चूक जाती है, जो इसी सियासत के बूते घटित हुआ था।
  • सवालों से घिरा उत्तर प्रदेश: प्रियंका और सुभाषिनी ने दी योगी सरकार को चुनौती
    असद रिज़वी
    सवालों से घिरा उत्तर प्रदेश: प्रियंका और सुभाषिनी ने दी योगी सरकार को चुनौती
    17 Jul 2021
    शुक्रवार को दो महिला नेता प्रदेश कि राजधानी लखनऊ पहुंची। एक कांग्रेस की प्रियंका गांधी और दूसरी सीपीएम की सुभाषनी अली। दोनों ने योगी सरकार पर हल्ला बोला। प्रियंका ने पंचायत चुनाव में हुई हिंसा को…
  • क्यों आबादी को नियंत्रित करने से जुड़ा क़ानून संविधान के मौलिक अधिकार के ख़िलाफ़ है?
    अजय कुमार
    क्यों आबादी को नियंत्रित करने से जुड़ा क़ानून संविधान के मौलिक अधिकार के ख़िलाफ़ है?
    17 Jul 2021
    इस तरह के प्रावधान का मतलब है कि राज्य अपने नागरिकों को समान तौर पर नहीं देख रहा है। लोक कल्याण से जुड़ी मदद को पहुंचाने के लिए शर्त रख रहा है। आधुनिक राज्य से ऐसी अपेक्षा नहीं की जाती है कि वह अपने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License