NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
एल्गार परिषद मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सुधा भारद्वाज की ज़मानत के ख़िलाफ़ एनआईए की याचिका ख़ारिज की
न्यायमूर्ति यू यू ललित, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने एनआईए की दलीलों पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा, ‘‘हमें उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं दिखता है।’’
भाषा
07 Dec 2021
Sudha Bharadwaj

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में वकील-कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज को जमानत देने के बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की अपील मंगलवार को खारिज कर दी। 

न्यायमूर्ति यू यू ललित, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने एनआईए की दलीलों पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा, ‘‘हमें उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं दिखता है।’’
     
एनआईए ने भारद्वाज को जमानत देने के उच्च न्यायालय के एक दिसंबर के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत में अपील दायर की थी। भारद्वाज को अगस्त 2018 में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून के प्रावधानों के तहत एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में गिरफ्तार किया गया था।
     
शीर्ष अदालत भारद्वाज को डिफ़ॉल्ट जमानत (जमानत पर रिहा होने का हकदार है आरोपी) देने के बंबई ‍उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली एनआईए की याचिका पर तत्काल सुनवाई करने के लिए सोमवार को सहमत हो गई थी।
     
उच्च न्यायालय ने कहा था कि केंद्र सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश रचने की आरोपी कार्यकर्ता-वकील जमानत की हकदार हैं और इससे इनकार करना उनके जीवन के मौलिक अधिकार और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत दी गई व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन होगा।
     
न्यायालय ने निर्देश दिया था कि भायखला महिला जेल में बंद भारद्वाज को आठ दिसंबर को मुंबई की विशेष एनआईए अदालत में पेश किया जाए, और उनकी जमानत की शर्तें और रिहाई की तारीख तय की जाए।

मामले में गिरफ्तार किए गए 16 कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों में भारद्वाज पहली व्यक्ति हैं जिन्हें डिफ़ॉल्ट जमानत दी गई है। कवि-कार्यकर्ता वरवर राव फिलहाल चिकित्सीय आधार पर मिली जमानत पर हैं।
     
रोमन कैथोलिक समाज के सदस्य-पादरी स्टेन स्वामी का इस साल पांच जुलाई को यहां एक निजी अस्पताल में मेडिकल जमानत का इंतजार करते हुए निधन हो गया था। अन्य विचाराधीन कैदियों के रूप में हिरासत में हैं।
     
उच्च न्यायालय ने इस मामले में आठ अन्य सह-आरोपियों - सुधीर धवले, वरवर राव, रोना विल्सन, सुरेंद्र गाडलिंग, शोमा सेन, महेश राउत, वर्नोन गोंजाल्विस और अरुण फरेरा द्वारा दायर डिफ़ॉल्ट जमानत याचिका खारिज कर दी थीं। 
     
मामला 31 दिसंबर, 2017 को पुणे के शनिवारवाड़ा में आयोजित एल्गार परिषद सम्मेलन में दिए गए कथित भड़काऊ भाषणों से संबंधित है। पुलिस ने दावा किया था कि इस सम्मेलन के कारण शहर के बाहरी इलाके में कोरेगांव-भीमा युद्ध स्मारक के पास अगले दिन हिंसा हुई थी।
     
पुणे पुलिस ने दावा किया था कि सम्मेलन को माओवादियों का समर्थन प्राप्त था। मामले की जांच बाद में एनआईए को सौंप दी गई थी।

इसे देखें:

Sudha Bharadwaj
Elgar Parishad case
Supreme Court
Bhima Koregaon

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

इतवार की कविता: भीमा कोरेगाँव

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल


बाकी खबरें

  • workers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: सफाई कर्मचारियों के संघर्ष की की बड़ी जीत, निकाले गए कर्मचारियों को वापस दी गईं नौकरियां!
    21 Oct 2021
    मुख्यमंत्री आवास पर हुए सफाई कर्मियों के प्रदर्शन के बाद निकाले गए कर्मचारियों को नौकरियां वापस दे दी गईं हैं। विश्विद्यालय ने लिखित आश्वासन दिया है कि टेंडर बदलने की स्थिति में भी सफाई कर्मियों को…
  • Master Bhuvan
    न्यूज़क्लिक टीम
    मौका मिले तो बहुत वर्ल्ड रिकॉर्ड बना सकते हैं हम: भुवन
    21 Oct 2021
    खास मुलाकात में वरिष्ठ पत्रकार ने 8 साल की उम्र में रूस-यूरोप के सबसे ऊंची चोटी पर फतह हासिल करने वाले मास्टर भुवन से बातचीत की और जानना चाहा कि कितनी प्रैक्टिस और हौंसले से यह फतह हासिल की।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    मध्यप्रदेश में ईद के जुलूस पर पथराव, पटना मेट्रो पुनर्वास और अन्य ख़बरें
    21 Oct 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी मध्यप्रदेश में ईद-ए-मिलाद जुलूस के दौरान हिंसा, पटना मेट्रो पुनर्वास और अन्य ख़बरों पर।
  • heavy rain
    एम.ओबैद
    बाढ़ के बाद बेमौसम बरसात ने किसानों की कमर तोड़ दी
    21 Oct 2021
    खेतों में खड़ी फसलें चौपट हो गईं और अब इन खेतों में पानी लगा हुआ है जिससे खेती-किसानी ठप्प हो गया है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
  • high court
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    तेलंगाना हाईकोर्ट का 26वें हफ़्ते में गर्भपात का फ़ैसला ज़रूरी क्यों लगता है?
    21 Oct 2021
    हमारे समाज में महिलाओं के अस्तित्व को अक्सर उनके यौनी और प्रजजन से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में एक रेप पीड़िता को 26वें हफ़्ते में गर्भपात की अनुमति देकर तेलंगना हाईकोर्ट का ये कहना की भ्रूण की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License