NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मस्क की बोली पर ट्विटर के सहमत होने के बाद अब आगे क्या होगा?
अरबपति कारोबारी और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क की लगभग 44 अरब डॉलर की अधिग्रहण बोली को ट्विटर के बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। यह सौदा इस साल पूरा होने की उम्मीद है, लेकिन इसके लिए अभी शेयरधारकों और अमेरिकी नियामकों की मंजूरी ली जानी है।
भाषा
26 Apr 2022
musk

सैन फ्रांसिस्को: अरबपति कारोबारी और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क की लगभग 44 अरब डॉलर की अधिग्रहण बोली को ट्विटर के बोर्ड ने मंजूरी दे दी है, जिसके बाद वह सोशल मीडिया मंच के मालिक बनने के बेहद करीब आ गए हैं। 
     
यह सौदा इस साल पूरा होने की उम्मीद है, लेकिन इसके लिए अभी शेयरधारकों और अमेरिकी नियामकों की मंजूरी ली जानी है।
    
मस्क ने 14 अप्रैल को ट्विटर को खरीदने की पेशकश की थी। मस्क ने कहा है कि वह ट्विटर को इसलिए खरीदना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें नहीं लगता कि यह स्वतंत्र अभिव्यक्ति के मंच के रूप में अपनी क्षमता पर खरा उतर पा रहा है।
     
ट्विटर के बोर्ड ने सोमवार को सर्वसम्मति से उनके प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और शेयरधारकों से भी ऐसा करने की सिफारिश की है।
     
यह सौदा एक अप्रैल को ट्विटर के बंद भाव पर 38 प्रतिशत प्रीमियम के साथ हुआ। बोर्ड ने कहा कि यह मस्क ने पर्याप्त नकद प्रीमियम की पेशकश की है, जो ‘‘ट्विटर के शेयरधारकों के लिए सबसे अच्छा रास्ता होगा।’’
     
ट्विटर के बोर्ड ने शुरुआत में मस्क को अधिग्रहण से रोकने की कोशिश की, लेकिन हालात उस समय नाटकीय रूप से बदल गए जब मस्क ने 46.5 अरब डॉलर की पेशकश कर दी, और कहा कि इसमें से 21 अरब डॉलर वह खुद निवेश करेंगे। मस्क ने कहा कि दूसरे निवेशक भी इसमें योगदान कर सकते हैं।
     
मस्क को कारोबार का लंबा अनुभव है। वह टेस्ला के सीईओ हैं, जिसका आकार ट्विटर के मुकाबले करीब 25 गुना बड़ा है।
     
एक प्रौद्योगिकी उद्यमी और निवेशक जॉन मेयर ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि ट्विटर के लिए इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता था कि एलन मस्क उसे खरीद लें। उन्हें नए उत्पादों में निवेश दोगुना करना होगा और कमाई के नए रास्ते खोजने होंगे।’’
     
उन्होंने आगे कहा कि मस्क का ऐसा ट्रैक रिकॉर्ड है कि वह असंभव को संभव कर सकते हैं। 

Elon Musk
twitter
Elon Musk bought Twitter
Twitter deal

Related Stories

खबरों के आगे-पीछे: अंदरुनी कलह तो भाजपा में भी कम नहीं

ज़मानत मिलने के बाद विधायक जिग्नेश मेवानी एक अन्य मामले में फिर गिरफ़्तार

अफ़्रीका : तानाशाह सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कर रहे हैं

मुख्यमंत्री पर टिप्पणी पड़ी शहीद ब्रिगेडियर की बेटी को भारी, भक्तों ने किया ट्रोल

डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर मानवीय संकटों की अलोकप्रियता को चुनौती

कांग्रेस, राहुल, अन्य नेताओं के ट्विटर अकाउंट बहाल, राहुल बोले “सत्यमेव जयते”

बेज़ोस और मस्क : शुरूआत अंतरिक्ष में एक नये युग की या उस पर अवैध कब्जों की?

ट्विटर बताए कि आईटी नियमों के अनुरूप शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति कब तक होगी : अदालत

BJP सरकार के "ट्विटर राष्ट्रवाद" में दम नहीं!

बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्रियों के प्रसार पर ट्विटर को नोटिस


बाकी खबरें

  • नेफ़्ताली बेनेट
    पीपल्स डिस्पैच
    नेफ़्ताली बेनेट इज़रायल के नए प्रधानमंत्री बने
    14 Jun 2021
    हफ़्तों की अटकलों और अनिश्चितता को समाप्त करते हुए नई सरकार को इज़रायल की संसद में रविवार को हुए मतदान में 59 के मुक़ाबले 60 का मामूली बहुमत मिला।
  • परिवार सहित अमित जेठवा की पुरानी तस्वीर 
    दमयन्ती धर
    अमित जेठवा हत्या मामले के मुख्य गवाह ने बेटे के अपहरण मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग की
    14 Jun 2021
    हाई प्रोफाइल अमित जेठवा हत्या मामले के मुख्य गवाह, धर्मेन्द्रगिरी बालुगिरी गोस्वामी को 2018 में उनके बेटे के अपहरण के बाद अपने बयान से मुकरने के लिये मजबूर होना पड़ा था।
  • सरकार की आलोचना करने वाले सज़ा के नहीं, सुरक्षा के हक़दार हैं
    कृष्ण झा
    सरकार की आलोचना करने वाले सज़ा के नहीं, सुरक्षा के हक़दार हैं
    14 Jun 2021
    सच सामने लाने की वजह से पत्रकारों पर राजद्रोह का मुक़दमा दायर किए जाने का ख़तरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
  • उत्तराखंड: “लिविंग विद् लैपर्ड” या फिर “डाइंग विद् लैपर्ड”
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड: “लिविंग विद् लैपर्ड” या फिर “डाइंग विद् लैपर्ड”
    14 Jun 2021
    उत्तराखंड में भी बहस तेज़ है कि गुलदार के साथ जियें या गुलदार के साथ मारे जाएं। राज्य में गुलदार के बढ़ते हमले और गुलदार पर बढ़ते हमले, दोनों ही चिंता का विषय हैं।
  • इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत की पैरवी भाजपा के ख़िलाफ़ है- क्या दिग्विजय सिंह नहीं जानते?
    सत्यम श्रीवास्तव
    इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत की पैरवी भाजपा के ख़िलाफ़ है- क्या दिग्विजय सिंह नहीं जानते?
    14 Jun 2021
    अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने की संवैधानिकता से जुड़े सवाल देश के सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष हैं। सर्वोच्च अदालत ने इन प्रश्नों कि ख़ारिज नहीं किया है बल्कि इन्हें सुनवाई योग्य माना है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License