NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
600 से अधिक हस्तियों ने सुधा भारद्वाज, शोमा सेन और अन्य राजनीतिक क़ैदियों की रिहाई की मांग की
महाराष्ट्र में COVID-19 के मामले 50,000 को पार कर गई है। इसमें बाइकुला जेल भी शामिल है जहां पहले से बीमार भारद्वाज और सेन दोनों ही उग्रदराज़ क़ैदी रखे गए हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 May 2020
activist arrested

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस पीबी सावंत, इतिहासकार रोमिला थापर, मल्लिका साराभाई, नेता बृंदा करात जैसे 600 से अधिक प्रतिष्ठित हस्तियों, बुद्धिजीवियों, एक्टिविस्ट, वकील और अन्य लोगों ने महाराष्ट्र उच्चाधिकार समिति (हाई पावर कमेटी) को पत्र लिखा है, जिसमें इन्होंने COVID -19 के समय में सुधा भारद्वाज, शोमा सेन और अन्य राजनीतिक क़ैदियों के लिए अस्थायी रिहाई की मांग की है।

ये पत्र ऐसे समय में लिखा गया है जब महाराष्ट्र में COVID-19 के पॉजिटिव मामले की संख्या 50,000 के पार हो गई है। मुंबई जेल में इससे संक्रमण के कई मामले हैं जिसमें बाइकुला भी शामिल है जहां दो मामले सामने आए हैं।

इस पत्र में हाई पावर कमेटी से अपील की गई है कि "लोगों के स्वास्थ्य समस्या के परिप्रेक्ष्य में सभी क़ैदियों, अन्य राजनीतिक क़ैदियों सहित सभी क़ैदियों की इस अर्जी पर विचार करें और क़ानून के समक्ष समानता के सिद्धांत और क़ानून के समक्ष संरक्षण के सिद्धांत के तहत अस्थायी रिहाई के सभी मामलों पर ग़ौर करनी चाहिए।”

इस पत्र में अधिकारियों से कहा गया है कि भारद्वाज और सेन दोनों उम्रदराज़ क़ैदी हैं और बीमार स्थिति उन्हें COVID-19 रोग के लिए ख़ास करके ख़तरे में डालती है। जानी-मानी वकील और ट्रेड यूनियनिस्ट भारद्वाज ने दिल्ली में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में पढ़ाया है जबकि सेन एक नारीवादी विद्वान हैं और नागपुर विश्वविद्यालय में अंग्रेज़ी विभाग के प्रमुख थीं।

हस्ताक्षरकर्ताओं द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, "ये पत्र समिति से सभी के लिए बेगुनाही की कल्पना के उचित नियम को लागू करने का आग्रह करता है, इस मामले में विशेष रूप से कमज़ोर सबूत दिए गए हैं और दोनों क़ैदियों की अस्थायी रिहाई की सिफारिश ये पत्र करता है।"

पूरा ज्ञापन-पत्र यहां पढ़ें:

Political Prisoners
Sudha Bharadwaj
Gautam Navalakha
BJP
Bhima Koregaon Case
Anand Teltumbde

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • सत्यम् तिवारी
    वाद-विवाद; विनोद कुमार शुक्ल : "मुझे अब तक मालूम नहीं हुआ था, कि मैं ठगा जा रहा हूँ"
    16 Mar 2022
    लेखक-प्रकाशक की अनबन, किताबों में प्रूफ़ की ग़लतियाँ, प्रकाशकों की मनमानी; ये बातें हिंदी साहित्य के लिए नई नहीं हैं। मगर पिछले 10 दिनों में जो घटनाएं सामने आई हैं
  • pramod samvant
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः प्रमोद सावंत के बयान की पड़ताल,क्या कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार कांग्रेस ने किये?
    16 Mar 2022
    भाजपा के नेता महत्वपूर्ण तथ्यों को इधर-उधर कर दे रहे हैं। इंटरनेट पर इस समय इस बारे में काफी ग़लत प्रचार मौजूद है। एक तथ्य को लेकर काफी विवाद है कि उस समय यानी 1990 केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।…
  • election result
    नीलू व्यास
    विधानसभा चुनाव परिणाम: लोकतंत्र को गूंगा-बहरा बनाने की प्रक्रिया
    16 Mar 2022
    जब कोई मतदाता सरकार से प्राप्त होने लाभों के लिए खुद को ‘ऋणी’ महसूस करता है और बेरोजगारी, स्वास्थ्य कुप्रबंधन इत्यादि को लेकर जवाबदेही की मांग करने में विफल रहता है, तो इसे कहीं से भी लोकतंत्र के लिए…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये
    16 Mar 2022
    किसी भी राजनीतिक पार्टी को प्रश्रय ना देने और उससे जुड़ी पोस्ट को खुद से प्रोत्सान न देने के अपने नियम का फ़ेसबुक ने धड़ल्ले से उल्लंघन किया है। फ़ेसबुक ने कुछ अज्ञात और अप्रत्यक्ष ढंग
  • Delimitation
    अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर: परिसीमन आयोग ने प्रस्तावों को तैयार किया, 21 मार्च तक ऐतराज़ दर्ज करने का समय
    16 Mar 2022
    आयोग लोगों के साथ बैठकें करने के लिए ​28​​ और ​29​​ मार्च को केंद्र शासित प्रदेश का दौरा करेगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License