NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
नियोक्ताओं की दबाव रणनीति को लेकर मॉन्ट्रियल पोर्ट पर कर्मचारियों का हड़ताल
चूंकि कर्मचारी 13 अप्रैल से आंशिक हड़ताल पर हैं ऐसे में नियोक्ताओं द्वारा दबाव की रणनीति ने उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल करने के लिए मजबूर कर दिया। इससे कनाडा का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह ठप हो गया।
पीपल्स डिस्पैच
27 Apr 2021
नियोक्ताओं की दबाव रणनीति को लेकर मॉन्ट्रियल पोर्ट पर कर्मचारियों का हड़ताल

क्यूबेक में मॉन्ट्रियल पोर्ट पर एक हजार से अधिक बंदरगाह पर काम करने वाले श्रमिकों ने हाल ही में घोषित काम के घंटों में बदलावों और लंबे समय तक अनुबंध बातचीत के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल की है। ये हड़ताल सोमवार 26 अप्रैल से शुरू हुई और कैनेडियन यूनियन ऑफ पब्लिक एम्प्लायइज (सीयूपीई) द्वारा आयोजित इस हड़ताल के चलते 1,150 से अधिक कर्मचारियों ने प्रभावी ढंग से कनाडा के दूसरे सबसे बड़े बंदरगाह को ठप कर दिया है।

शुक्रवार 23 अप्रैल को की गई इस हड़ताल की घोषणा में आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों के काम में व्यवधान शामिल नहीं होंगे और यूनियन ने COVID-19 महामारी के खिलाफ कार्यों से जुड़े शिपमेंट के निरंतर प्रवाह को बनाए रखने पर भी सहमति व्यक्त की है।

श्रमिकों ने नियोक्ताओं के साथ पहले से मौजूद विवादों को उठाया है। इनमें मजदूरी में वृद्धि न होना और दिसंबर 2018 से श्रमिकों का औपचारिक अनुबंध न होना शामिल है। दो साल से अधिक समय तक चली कई वार्ता और पिछले साल इस संकट को समाप्त करने को लेकर अगस्त में हुए 19 दिनों की हड़ताल के बावजूद इन मामलों को हल किया जाना बाकी है।

कार्गो टर्मिनल का संचालन करने वाले निजी नियोक्ता के समूह मैरिटाइम एम्प्लायर्स एसोसिएशन (एमईए) द्वारा कार्गो ट्रैफिक में कमी को लेकर न्यूनतम वेतन गारंटी को निलंबित करने के बाद सीयूपीई वर्कर्स 13 अप्रैल से ओवरटाइम हड़ताल कर रहे हैं।

17 और 18 अप्रैल को श्रमिकों ने संभावित किसी भी समाधान के बिना जारी नए अनुबंध के लिए बातचीत के बाद वीकेंड की हड़ताल शुरू कर दी। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि एमईए द्वारा हाल का निर्णय सामान्य पांच घंटे और बीस मिनट से सात घंटे तक शिफ्ट के समय को बढ़ाना वार्ता के दौरान नियोक्ताओं द्वारा दबाव की रणनीति का हिस्सा है।

कर्मचारियों के साथ किसी भी तरह की बातचीत किए बिना शिफ्ट के घंटों में बदलाव ने सीयूपीआई को अनिश्चितकालीन आम हड़ताल करने को मजबूर किया।

हड़ताल करने वाले श्रमिकों ने फिर भी कहा है कि वे सभी तरह के हड़ताल को समाप्त करने के लिए तैयार हैं यदि नियोक्ता दबाव की रणनीति वापस लेते हैं।

मॉन्ट्रियल बंदरगाह सालाना लगभग 40.5 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो का संचालन करता है और यह मध्य कनाडा और टोरंटो के लिए सबसे बड़ा व्यापारिक बंदरगाह है साथ ही यह संयुक्त राज्य अमेरिका में यूरोप और मेडिटेरियन के लिए मध्य-पश्चिमी राज्यों का सीधा सबसे छोटा मार्ग भी है।

Employees strike
Quebec City
COVID-19

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

WHO और भारत सरकार की कोरोना रिपोर्ट में अंतर क्य़ों?


बाकी खबरें

  • Gauri Lankesh pansare
    डॉ मेघा पानसरे
    वे दाभोलकर, पानसरे, कलबुर्गी या गौरी लंकेश को ख़ामोश नहीं कर सकते
    17 Feb 2022
    दाभोलकर, पानसरे, कलबुर्गी और गौरी को चाहे गोलियों से मार दिया गया हो, मगर उनके शब्द और उनके विचारों को कभी ख़ामोश नहीं किया जा सकता।
  • union budget
    टिकेंदर सिंह पंवार
    5,000 कस्बों और शहरों की समस्याओं का समाधान करने में केंद्रीय बजट फेल
    17 Feb 2022
    केंद्र सरकार लोगों को राहत देने की बजाय शहरीकरण के पिछले मॉडल को ही जारी रखना चाहती है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में आज फिर 30 हज़ार से ज़्यादा नए मामले, 541 मरीज़ों की मौत
    17 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 30,757 नए मामले सामने आए है | देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 27 लाख 54 हज़ार 315 हो गयी है।
  • yogi
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः बिजली बिल माफ़ करने की घोषणा करने वाली BJP का, 5 साल का रिपोर्ट कार्ड कुछ और ही कहता है
    17 Feb 2022
    "पूरे देश में सबसे ज्यादा महंगी बिजली उत्तर प्रदेश की है। पिछले महीने मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) ने 50 प्रतिशत बिजली बिल कम करने का वादा किया था लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया। ये बीजेपी के चुनावी वादे…
  • punjab
    रवि कौशल
    पंजाब चुनाव : पुलवामा के बाद भारत-पाक व्यापार के ठप हो जाने के संकट से जूझ रहे सीमावर्ती शहर  
    17 Feb 2022
    स्थानीय लोगों का कहना है कि पाकिस्तान के साथ व्यापार के ठप पड़ जाने से अमृतसर, गुरदासपुर और तरनतारन जैसे उन शहरों में बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी पैदा हो गयी है, जहां पहले हज़ारों कामगार,बतौर ट्रक…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License