NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
जीडीपी ग्रोथ घटने और महंगाई दर बढ़ने का अनुमान
पिछली 5 बैठकों में आरबीआई ने रेपो रेट में हर बार कमी करते हुए कुल 1.35% कटौती की थी। अर्थशास्त्री इस बार भी 0.25% कटौती की उम्मीद कर रहे थे। माना जा रहा था कि आर्थिक विकास दर को रफ्तार देने के लिए आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) रेपो रेट में और कटौती का फैसला ले सकती है।लेकिन आरबीआई ने इस बार उम्मीदों के विपरीत रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 Dec 2019
GDP
Image courtesy: Google

आरबीआई ने इस बार उम्मीदों के विपरीत रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। यानी लोन अभी और सस्ते नहीं होंगे। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के सभी 6 सदस्यों ने ब्याज दरें स्थिर रखने के पक्ष में वोट दिया। केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान घटाकर 5% कर दिया है। पिछला अनुमान 6.1% का था। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा के लिए तीन दिन चली बैठक के बाद गुरुवार को फैसलों की जानकारी दी।

हकीकत यह है कि पिछली छह तिमाही से आर्थिक वृद्धि की दर में लगातार गिरावट हो रही है। यह 8 फीसदी से गिरकर 7 फीसदी हुई, 7 फीसदी से गिरकर 6.6 फीसदी हुई, 6.6 फीसदी से गिरकर 5.8 फीसदी हुई और 5.8 फीसदी से गिरकर 5 फीसदी हुई और 5 फीसदी से गिरकर अभी यह तकरीबन 4.5 फीसदी पर पहुँच चुकी है।  

आरबीआई ने दूसरी छमाही (अक्टूबर-मार्च) में रिटेल महंगाई दर का अनुमान बढ़ाकर 4.7-5.1% किया है। पिछली बार 3.5% से 3.7% का अनुमान था।

पिछली 5 बैठकों में आरबीआई ने रेपो रेट में हर बार कमी करते हुए कुल 1.35% कटौती की थी। अर्थशास्त्री इस बार भी 0.25% कटौती की उम्मीद कर रहे थे। माना जा रहा था कि आर्थिक विकास दर को रफ्तार देने के लिए आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) रेपो रेट में और कटौती का फैसला ले सकती है। जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ सिर्फ 4.5% रह गई। यह पिछले 6 साल में सबसे कम है।

आरबीआई ने अब तक रेपो रेट जितना घटाया बैंकों ने ग्राहकों को उतना फायदा नहीं दिया। इसलिए केंद्रीय बैंक ने अक्टूबर से ब्याज दरों को रेपो रेट जैसे बाहरी बेंचमार्क से जोड़ना अनिवार्य किया था। एसबीआई समेत प्रमुख बैंकों ने ब्याज दरों को रेपो रेट से लिंक करने का विकल्प चुना था।

(भाषा के इनपुट के साथ )

GDP
GDP growth-rate
RBI
Economic Recession
BJP
modi sarkar

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

GDP से आम आदमी के जीवन में क्या नफ़ा-नुक़सान?

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • modi
    विजय विनीत
    मोदी का दौरा: न काशी रहा, न क्योटो बना, बनारस मांग रहा है सात साल का हिसाब
    24 Oct 2021
    दीपावली से पहले सोमवार, 25 अक्टूबर को रैली करने मोदी फिर बनारस आ रहे हैं। वह रिंग रोड के किनारे मेहंदीगंज के कल्लीपुर में 5200 करोड़ की सौगात बांटेंगे। मोदी की रैली से पहले सवालों की गर्मी है, जिसका…
  • Hunger Index
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    वैश्विक भुखमरी इंडेक्स में भारत की ‘तरक़्क़ी’: थैंक्यू मोदी जी!
    24 Oct 2021
    सरकार-जी ने जी तोड़ मेहनत की, अथक प्रयास किया और देश को वैश्विक भुखमरी इंडेक्स में शुभ संख्या 101वें स्थान पर पहुंचा कर ही दम लिया।
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : कवि असद ज़ैदी की मीडिया पर टिप्पणी
    24 Oct 2021
    इतवार की कविता में आज पढ़िये असद ज़ैदी की कविता "जो देखा नहीं जाता..."
  • jammu and kashmir
    डॉ. राजू पाण्डेय
    कश्मीर: हिंसा की राजनीति जितनी ही घातक है हिंसा पर राजनीति
    24 Oct 2021
    कश्मीर के हालात का उपयोग जब तक चुनावी सफलता अर्जित करने हेतु किया जाता रहेगा तब तक इसे हल करने की सरकार की नीयत पर संशय बना रहेगा। उत्तर प्रदेश के चुनाव निकट हैं। कश्मीर में हिंसा बढ़ रही है।
  • religious
    शंभूनाथ शुक्ल
    विशेष: धर्म से ऊपर का धर्म 
    24 Oct 2021
    धर्म आपका निजी मामला है। आपके नाम से उसकी पहचान कोई आवश्यक नहीं। अगर नाम इसी तरह रखे जाएँ तो धार्मिक वैमनस्यता काफ़ी हद तक स्वतः समाप्त हो सकती है। जैसे आर्यन, आलिया, मीना, रीना, रीता, इक़बाल, मुन्ना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License