NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इथियोपिया और सूडान के अधिकारियों की सीमा-संघर्ष की पृष्ठभूमि में सीमा निर्धारण वार्ता संपन्न
15 दिसंबर को इथियोपियाई सैनिकों द्वारा सूडानी सेना के गश्ती दल पर हमले के एक सप्ताह बाद भूमि की सीमा निर्धारण करने के लिए दोनों पक्षों के बीच बैठक हुई।
पीपल्स डिस्पैच
24 Dec 2020
इथियोपिया और सूडान के अधिकारियों की सीमा-संघर्ष की पृष्ठभूमि में सीमा निर्धारण वार्ता संपन्न

सूडान और इथियोपिया के बीच सीमा पर हाल ही में हुई झड़पों की पृष्ठभूमि में दोनों देशों के बीच 1,600 किलोमीटर लंबी सीमा के निर्धारण के लिए वार्ता बुधवार 23 दिसंबर को संपन्न हुई। इथियोपिया उत्तरी प्रांत टिग्रे में सशस्त्र संघर्ष में फंसा है।

सूडान की राजधानी खार्तूम में आयोजित दो दिवसीय बैठक में इथियोपिया के विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री डेमेके मेकोनेन प्रभारी कैबिनेट मंत्री उमर मनीस के नेतृत्व में सूडान के प्रतिनिधिमंडल से मिले।

दोनों देशों ने स्थानीय निवासियों और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सीमा निर्धारण मुद्दों को हल करने पर सहमति व्यक्त की। इस वार्ता ने दोनों देशों के बीच मौजूदा सीमा समझौतों का पालन करने और झड़पों से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस बैठक के लिए विशेष आग्रह मान लिया गया था क्योंकि 15 दिसंबर को सीमा पर इथियोपियाई सैनिकों ने सूडानी गश्ती दल पर हमला करने के केवल एक हफ्ते के बाद हुआ था। इस हमले में एक अधिकारी समेत तीन सैनिकों की मौत हो गई थी और अन्य 20 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

अल तेय्यूर क्षेत्र जहां 15 दिसंबर को सूडान के सैनिकों पर अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर संघर्ष के बढ़ने के क्रम में हमला हुआ था वह टिगरे की पश्चिमी सीमा पर पूर्वी सूडानी राज्य एल गेडारेफ में अल फाशगा क्षेत्र के भीतर है।

अल फाशगा क्षेत्र जो लगभग 600 वर्ग किलोमीटर है वह सूडान की सबसे उपजाऊ भूमि है जिसे 1902 में इसके तत्कालीन उपनिवेशक ब्रिटेन द्वारा इसके मानचित्र में शामिल किया गया था। हालांकि, दोनों देश इस भूमि का सीमांकन करने में कभी भी सफल नहीं हुए।

हालांकि इथियोपियाई संघीय सरकार ने यह दावा कभी नहीं किया कि अल फाशगा का क्षेत्र सूडान में है। मुख्य रूप से अमहारन मूल के बड़ी संख्या में इथियोपियाई किसान इस क्षेत्र में बसे हुए हैं। अमहारन टिग्रे प्रांत के दक्षिण में हैं। अमहारन मिलिशिया विद्रोही टिग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट (टीपीएलएफ) के खिलाफ अपने युद्ध में संघीय सैनिकों का समर्थन कर रहे हैं।

इथियोपिया की संसदीय समिति का आरोप है कि सूडान द्वारा टीपीएलएफ को समर्थन करने से ये स्थिति और जटिल हो गई। इस समिति का गठन टिग्रे में घोषित इमर्जेंसी की स्थिति पर नजर रखने के लिए नियुक्त किया गया था।

इथियोपियाई संघीय सरकार के मेकले के नियंत्रण के बाद जीत के दावे के बावजूद ऐसा लगता है कि लड़ाई खत्म नहीं हुई है। रिपोर्टों से पता चलता है कि टीपीएलएफ का नेतृत्व बरकरार है और इसकी सेना पहाड़ों से पीछे हट गई है जहां से टिग्रे के विभिन्न हिस्सों में संघीय सैनिकों और अमराहन मिलिशिया के साथ टकराव में यह हमले करता है।

Ethiopia
Sudan
Tigray People's Liberation Front
TPLF

Related Stories

पश्चिम दारफ़ुर में नरसंहार: सूडान की मिलिटरी जुंटा का खनिज समृद्ध भूमि को जनहीन करने का अभियान

सूडान: सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ 18वें देश्वयापी आंदोलन में 2 की मौत, 172 घायल

इथियोपिया : फिर सशस्त्र संघर्ष, फिर महिलाएं सबसे आसान शिकार

नवउपनिवेशवाद को हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका की याद सता रही है 

अमेरिका समर्थित टीपीएलएफ़ ने इथियोपिया में जंग हारने के बाद संयुक्त राष्ट्र से सुरक्षा की गुहार लगाई

इथियोपिया में पश्चिमी हस्तक्षेप की ज़मीन तैयार करने मानवीय संकट का इस्तेमाल कर रहे हैं UN WFP और USAID

टीपीएलएफ़ के पिछले महीने की बढ़त को रोकते हुए उत्तरी इथियोपिया का गृह युद्ध संघीय सरकार के पक्ष में बदला

सूडान के बलों ने तख़्तापलट का विरोध कर रहे 100 से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इथियोपिया में संघर्ष तत्काल रोकने की अपील की

पड़ताल दुनिया भर कीः गृहयुद्ध में जलता इथोपिया, बुरी अमेरिकी निगाह


बाकी खबरें

  • yogi
    अजय कुमार
    उत्तर प्रदेश : बिल्कुल पूरी नहीं हुई हैं जनता की बुनियादी ज़रूरतें
    09 Feb 2022
    लोगों की बेहतरी से जुड़े सरकारी मानकों के निगाह से देखने पर उत्तर प्रदेश में घाव ही घाव नजर आते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, ग़रीबी बेरोज़गारी के के हालात इतने बुरे हैं कि लगता है जैसे योगी सरकार ने इन…
  • देबांगना चैटर्जी
    फ़्रांस में खेलों में हिजाब पर लगाए गए प्रतिबंध के ज़रिये हो रहा है विभाजनकारी, भेदभावपूर्ण और ख़तरनाक खेल
    09 Feb 2022
    फ़्रांस में धर्मनिरपेक्षता को बरक़रार रखने के लिए खेलों में हिजाब और दूसरे "सुस्पष्ट धार्मिक चिन्हों" पर प्रतिबंध लगाने की कवायद पूरी तरह से पाखंड, भेदभाव और राजनीतिक हितों से भरी नज़र आती है। आख़िरकार…
  • Modi
    अजय गुदावर्ती
    मोदी की लोकप्रियता अपने ही बुने हुए जाल में फंस गई है
    09 Feb 2022
    अलोकप्रिय नीतियों के बावजूद पीएम की चुनाव जीतने की अद्भुत कला ही उनकी अपार लोकप्रियता का उदाहरण है। जहाँ इस लोकप्रियता ने अभी तक विमुद्रीकरण, जीएसटी और महामारी में कुप्रबंधन के बावजूद अच्छी तरह से…
  • unemployment
    कौशल चौधरी, गोविंद शर्मा
    ​गत 5 वर्षों में पदों में कटौती से सरकारी नौकरियों पर छाए असुरक्षा के बादल
    09 Feb 2022
    संघ लोकसेवा आयोग द्वारा 2016-17 में भर्ती किए गए कुल उम्मीदवार 6,103 की तदाद 2019-20 में 30 फीसदी घट कर महज 4,399 रह गई।
  • SP MENIFESTO
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जनता की उम्मीदों पर कितना खरा होगा अखिलेश का ‘वचन’
    09 Feb 2022
    समाजवादी पार्टी ने अपने कहे मुताबिक भाजपा के बाद अपने वादों का पिटारा खोल दिया, इस बार अखिलेश ने अपने घोषणा पत्र को समाजवादी वचन पत्र का नाम दिया, इसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं पर विशेष ध्यान दिया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License