NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
टीआरपी मामले में रिपब्लिक टीवी, अर्नब के ख़िलाफ़ सबूत मिले हैं : पुलिस ने हाईकोर्ट से कहा
पुलिस ने अदालत से कहा- ‘कुछ सबूत’ मिले हैं, इसलिए वह नहीं चाहती है कि किसी दंडात्मक कार्रवाई से उन्हें सुरक्षा मिलती रहे। हालांकि कार्यवाही स्थगित होने पर मुंबई पुलिस अगली तारीख 15 जनवरी तक किसी भी तरह का दंडात्मक कदम नहीं उठाने के अपने पूर्व के आश्वासन को जारी रखने पर सहमत हो गयी।
भाषा
06 Jan 2021
टीआरपी मामले में रिपब्लिक टीवी, अर्नब के ख़िलाफ़ सबूत मिले हैं : पुलिस ने हाईकोर्ट से कहा

मुंबई:  मुंबई पुलिस ने बुधवार को बंबई उच्च न्यायालय से कहा कि टीआरपी से हेरफेर के मामले में रिपब्लिक टीवी और उसके प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी के खिलाफ ‘‘कुछ सबूत’ मिले हैं, इसलिए वह नहीं चाहती है कि किसी दंडात्मक कार्रवाई से उन्हें सुरक्षा मिलती रहे।

हालांकि, उच्च न्यायालय ने किसी भी दलील को सुने बिना मामले की सुनवाई स्थगित कर दी तो मुंबई पुलिस सुनवाई की अगली तारीख 15 जनवरी तक किसी भी तरह का दंडात्मक कदम नहीं उठाने के अपने पूर्व के आश्वासन को जारी रखने पर सहमत हो गयी।

ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) द्वारा एक शिकायत दर्ज कराने के बाद टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट (टीआरपी) से हेरफेर का मामला सामने आया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विज्ञापनदाताओं से ज्यादा राजस्व जुटाने के लिए कुछ टीवी चैनलों ने टीआरपी नंबर के साथ हेरफेर किया।

उच्च न्यायालय ने बुधवार को बिना कोई दलीलें सुने ही कार्यवाही तब स्थगित कर दी जब रिपब्लिक टीवी के वकील ने अदालत को बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे पेश नहीं हो पाएंगे, जबकि दूसरे वरिष्ठ वकील परिवार में किसी को आपात चिकित्सा की जरूरत के कारण नहीं आ पाए हैं।

इस पर, मुंबई पुलिस के वकील कपिल सिब्बल ने सुनवाई की अगली तारीख तक आरोपियों के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से परहेज करने पर सहमति जतायी।

सिब्बल ने सुनवाई स्थगित किए जाने का हवाला देते हुए कहा, ‘‘हमें (मुंबई पुलिस) रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी के खिलाफ बार्क के मामले में जांच के दौरान साक्ष्य मिले हैं। हम (पुलिस) इस आपात स्थिति के कारण (आरोपियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने पर) सहमत हैं।’’

सिब्बल ने अदालत से यह भी कहा कि पुलिस अगली सुनवाई के दौरान मामले में अपनी जांच की स्थिति रिपोर्ट पेश करेगी।

पिछले साल 16 दिसंबर को सिब्बल ने उच्च न्यायालय से कहा था कि रिपब्लिक टीवी का संचालन करने वाली एआरजी आउटलाइयर मीडिया (एओएम) के किसी भी कर्मचारी या गोस्वामी के खिलाफ छह जनवरी तक दंडात्मक कार्यवाही नहीं की जाएगी।

एओएम ने पिछले साल उच्च न्यायालय का रूख कर अनुरोध किया था कि उसके कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस को दंडात्मक कार्रवाई से रोकने का निर्देश दिया जाए।

टीआरपी घोटाले में बीएआरसी के पूर्व सीईओ दासगुप्ता की अहम भूमिका : अदालत

उधर, मुंबई की अदालत ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बीएआरसी) के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि कथित टेलविजन रेटिंग प्वाइंट (टीआरपी) घोटाले में उनकी ‘अहम भूमिका’ है।

अदालत ने यह आदेश चार जनवरी को पारित किया था और उसकी प्रति बुधवार को उपलब्ध हुई।

मुंबई पुलिस ने दासगुप्ता को पिछले महीने गिरफ्तार किया था।

मुख्य मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट सुधीर भाजीपाले ने सोमवार को दासगुप्ता की जमानत याचिका खारिज कर दी।

मजिस्ट्रेट ने आदेश में कहा कि जो भी दस्तावेज पेश किए गए हैं, उनसे लगता है कि आरोपी कथित अपराध में शामिल था।

उन्होंने अपने आदेश में कहा, ‘‘मौजूदा याचिकाकर्ता (दासगुप्ता) ने अपराध में अहम भूमिका निभाई।’’

अदालती आदेश के मुताबिक दासगुप्ता जून 2013 से नवंबर 2019 तक बीएआरसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) थे।

अदालत ने टिप्पणी की कि जांच अधिकारी द्वारा जमा किए गए सबूत दिखाते हैं कि दासगुप्ता ने बीएआरसी के सीईओ के पद का इस्तेमाल करते हुए कुछ खास चैनलों के लिए टीआरपी रेटिंग में छेड़छाड़ की।

न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी सबसे प्रभावशाली व्यक्ति है जिसने सीईओ के तौर पर काम किया और अन्य व्यक्तियों या आरोपियों से अब भी पूछताछ बाकी है।

अदालत ने कहा, ‘‘ ऐसी परिस्थितियों में आगे की जांच की जरूरत है कि मौजूदा आरोपी को वांछित आरोपियों और अन्य सामग्री एवं गवाह से दूर रखने की जरूरत है।’’

अदालत का यह मानना था कि दासगुप्ता को रिहा करने से मामले में चल रही जांच बाधित होगी।

उल्लेखनीय है कि जमानत के लिए अन्य तथ्यों के साथ मामले में बीएआरसी के पूर्व मुख्य परिचालन अधिकारी रोमिल पनगढ़िया सहित अन्य को मिली जमानत को आधार बनाया गया था।

यह घोटाला उस समय सामने आया जब बीएआरसी ने हंसा रिसर्च ग्रुप के जरिये शिकायत दर्ज कराई कि कुछ चैनल टीआरपी के अंकों में धोखाधड़ी कर रही है।

 

Fake TRP
TRP Scam
Republic TV
arnab goswami

Related Stories

रिपब्लिक भारत ने ‘तालिबान का क्रूर चेहरा’ दिखाते हुए BSP नेता हाजी याक़ूब क़ुरैशी की फ़ोटो दिखायी

अर्नब गोस्वामी ने रिपब्लिक टीवी की टीआरपी बढ़ाने के लिए बीएआरसी के सीईओ के साथ साजिश रची: पुलिस

तिरछी नज़र: अर्नब सर तो बहुत ही बड़े देशभक्त हैं…

अर्नब गोस्वामी की WhatsApp चैट लीक और गोदी मीडिया

‘अर्नबगेट’ : कांग्रेस हुई हमलावर; बुरे फँसे अर्नब

अर्नब गोस्वामी की व्हाट्सएप चैट लीक हमें अपने देश के लोकतंत्र के बारे में क्या बताती है?

‘अर्नबगेट’: राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारी लीक करना ‘राष्ट्रद्रोह’, निष्पक्ष जांच हो- कांग्रेस

किसान और अर्नब गोस्वामी पर राहुल हमलावर

अर्नब के लीक हुए चैट पर मंत्रिमंडल में चर्चा : देशमुख

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अर्नब को एयरस्ट्राइक की जानकारी की ख़बरों पर आक्रोश जताया


बाकी खबरें

  • Goa
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोवा चुनावः क्या है मछली बेचने वालों के मुद्दे और भाजपा का रिपोर्ट कार्ड?
    04 Feb 2022
    गोवा एक तटीय प्रदेश है। बड़ी आबादी मछली कारोबार से जुड़ी हैं। लेकिन बावजूद इसके इनके मुद्दे पूरी चुनाव चर्चा से गायब हैं। हमने मापसा की मछली मार्केट में कुछ मछली बेचने वालों के साथ बात की है कि उनके…
  • journalist bodies
    ऋत्विका मित्रा
    प्रेस की आजादी खतरे में है, 2021 में 6 पत्रकार मारे गए: रिपोर्ट 
    04 Feb 2022
    छह पत्रकारों में से कम से कम चार की कथित तौर पर उनकी पत्रकारिता से संबंधित कार्यों की वजह से हत्या कर दी गई थी। 
  • Modi
    नीलांजन मुखोपाध्याय
    उत्तर प्रदेश चुनाव: बिना अपवाद मोदी ने फिर चुनावी अभियान धार्मिक ध्रुवीकरण पर केंद्रित किया
    04 Feb 2022
    31 जनवरी को अपनी "आभासी रैली" में प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश में पिछले समाजवादी पार्टी के "शासनकाल के डर का जिक्र" छेड़ा, जिसके ज़रिए कुछ जातियों और उपजातियों को मुस्लिमों के साथ मिलने से…
  • russia china
    एम. के. भद्रकुमार
    रुस-चीन साझेदारी क्यों प्रभावी है
    04 Feb 2022
    व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग के बीच शुक्रवार को होने वाली मुलाक़ात विश्व राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने जा रही है।
  •  Lucknow
    असद रिज़वी
    यूपी चुनाव: लखनऊ में इस बार आसान नहीं है भाजपा की राह...
    04 Feb 2022
    वैसे तो लखनऊ काफ़ी समय से भगवा पार्टी का गढ़ रहा है, लेकिन 2012 में सपा की लहर में उसको काफ़ी नुक़सान भी हुआ था। इस बार भी माना जा रहा है, भाजपा को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License