NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
फैक्ट चेक: हरियाणा सरकार का विदेशी तस्वीरों से देसी प्रोपगेंडा
सवाल ये उठता है कि चुनाव प्रचार, ठोस दावे, किसी खास प्रदेश की सरकारी उपलब्धियों के प्रचार आदि में विदेशी और फ़र्ज़ी फोटो इस्तेमाल होने चाहिये?
राज कुमार
28 Jun 2021
फैक्ट चेक: हरियाणा सरकार का विदेशी तस्वीरों से देसी प्रोपगेंडा

कुछ दिन पहले हरियाणा की भाजपा सरकार ने सरकार के 600 दिन पूरे होने के मौके पर सरकार की उपलब्धियों का पूरे जोर-शोर से सोशल मीडिया पर प्रचार किया। सीएम ऑफिस, देश-प्रदेश के नेताओं से लेकर आइटी सेल तक सबने रंग-बिरंगे ग्रैफिक ट्वीट किये। जिन ग्रैफिक्स में उपलब्धियां हरियाणा की थीं लेकिन फोटो दूसरे प्रदेशों से लेकर विदेशों तक के थे। समझना मुश्किल है कि जब सरकारें दावे ठोस करती हैं तो फोटो फ़र्ज़ी क्यों लगाती है? पहले कुछ उदाहरण देखिये, उसके बाद मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करते हैं।

उदाहरण एक

हरियाणा के मुख्यमंत्री के अधिकारिक ट्विटर अकाउंट के इस ग्रैफिक में कोविड के दौरान बचाव और चिकित्सा प्रबंध की उपलब्धियों को गिनाया गया है। इसमें दो फोटो इस्तेमाल किये गये हैं। ग्रैफिक में इस्तेमाल किया गया वेंटिलेटर का फोटो हरियाणा का नहीं बल्कि तेहरान का है। इस फोटो को फोटोग्राफर मोहसिन अतायी ने क्लिक किया है। ओरिजनल फोटो आप इस लिंक पर देख सकते हैं। ग्रैफिक में इस्तेमाल किया गया दूसरा फोटो पटना और मुज़फ्फरपुर में स्थापित किये गये कोविड अस्पताल का है। इस फोटो को प्रधानमंत्री ने 24 अगस्त 2020 को ट्वीट किया था।

उदाहरण दो

हरियाणा के मुख्यमंत्री के अधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ऑक्सीजन की व्यवस्था बारे उपलब्धियों को एक ग्रैफिक में दिखाया गया है। ग्रैफिक में जो फोटो इस्तेमाल किया गया है वो हरियाणा नहीं बल्कि अमेरिकी कंपनी एयर प्रोडक्ट एंड कैमिकल्स के प्लांट का है। ओरिजनल फोटो आप इस लिंक पर देख सकते हैं।

उदाहरण तीन

मुख्यमंत्री के अधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ऊर्जा के क्षेत्र की उपलब्धियों वाले ग्रैफिक में जिस बायोगैस प्लांट का फोटो इस्तेमाल किया गया है वो हरियाणा का नहीं बल्कि रूस का है। रूस के इस बायोगैस प्लांट का ओरिजनल फोटो आप इस लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं।

दावे देसी तो फोटो विदेशी क्यों?

सवाल उठता है जब हरियाणा सरकार हरियाणा की उपलब्धियां गिना रही हैं तो फोटो भी हरियाणा के ही लगाए जा सकते थे। जब देसी उपलब्धियों का प्रचार हो रहा है तो फोटो विदेशी क्यों? इस तरह की गलतियों से समझना मुश्किल हो जाता है कि उपलब्धियां फ़र्ज़ी हैं या प्रचार विभाग आलसी। ऊपर महज कुछ ही उदाहरण दिये गये हैं।

क्या फ़र्ज़ी फोटो से प्रोपगेंडा होना चाहिये?

सवाल ये उठता है कि चुनाव प्रचार, ठोस दावे, किसी खास प्रदेश की सरकारी उपलब्धियों के प्रचार आदि में विदेशी और फ़र्ज़ी फोटो इस्तेमाल होने चाहिये? गौरतलब है कि भाजपा सरकार हाल ही में सोशल/डिजिटल मीडिया के लिए आचार संहिता लेकर आई है। ट्वीटर के साथ आये दिन विवाद है। ट्वीट और फेसबुक पोस्ट पर कार्यकर्ताओं और पत्रकारों पर मुकदमे हो रहे हैं। ऐसे में भाजपा की हरियाणा सरकार इंटरनेट से कोई भी फोटो उठाकर धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रही है। क्या ऐसा करना भ्रामक पोस्ट के दायरे में नहीं आता? इस डिजिटल युग और बदली हुई नई दुनिया में राजनीतिक पार्टियों, सरकार, सरकारी विभाग, मंत्रालयों आदि द्वारा प्रोपगेंडा में इस्तेमाल की जाने वाली फ़र्ज़ी तस्वीरों पर क्या रोक नहीं लगनी चाहिये। सरकारें अपने पास अपने ही प्रदेश के फोटो का पूल क्यों नहीं रखती? मान लो, ऊर्जा के क्षेत्र में उपलब्धियों का प्रोपगेंडा करना है तो फोटोग्राफर को भेजकर प्रदेश के ही सरकारी प्लांट की फोटो खिंचवा लेने में क्या बुराई है? ताकि जिस प्लांट की जय-जय हो रही है उसे लोग देख भी लें।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)

fact check
Haryana
Haryana Government
manohar laal khattar
BJP
fake propaganda

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • yogi
    एम.ओबैद
    सीएम योगी अपने कार्यकाल में हुई हिंसा की घटनाओं को भूल गए!
    05 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर में एक बार फिर कहा कि पिछली सरकारों ने राज्य में दंगा और पलायन कराया है। लेकिन वे अपने कार्यकाल में हुए हिंसा को भूल जाते हैं।
  • Goa election
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोवा चुनाव: राज्य में क्या है खनन का मुद्दा और ये क्यों महत्वपूर्ण है?
    05 Feb 2022
    गोवा में खनन एक प्रमुख मुद्दा है। सभी पार्टियां कह रही हैं कि अगर वो सत्ता में आती हैं तो माइनिंग शुरु कराएंगे। लेकिन कैसे कराएंगे, इसका ब्लू प्रिंट किसी के पास नहीं है। क्योंकि, खनन सुप्रीम कोर्ट के…
  • ajay mishra teni
    भाषा
    लखीमपुर घटना में मारे गए किसान के बेटे ने टेनी के ख़िलाफ़ लोकसभा चुनाव लड़ने का इरादा जताया
    05 Feb 2022
    जगदीप सिंह ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने उन्हें लखीमपुर खीरी की धौरहरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि वे 2024 के लोकसभा…
  • up elections
    भाषा
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पहला चरण: 15 निरक्षर, 125 उम्मीदवार आठवीं तक पढ़े
    05 Feb 2022
    239 उम्मीदवारों (39 प्रतिशत) ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा पांच और 12वीं के बीच घोषित की है, जबकि 304 उम्मीदवारों (49 प्रतिशत) ने स्नातक या उससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता घोषित की है।
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    "चुनाव से पहले की अंदरूनी लड़ाई से कांग्रेस को नुकसान" - राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह
    05 Feb 2022
    पंजाब में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के दावेदार की घोषणा करना राहुल गाँधी का गलत राजनीतिक निर्णय था। न्यूज़क्लिक के साथ एक खास बातचीत में राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह ने कहा कि अब तक जो मुकाबला…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License