NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
फ़ैक्ट चेक: मस्जिद खाली-रोड ब्लॉक? वायरल फोटो की सच्चाई
ये फोटो न तो गुड़गांव की किसी मस्जिद का है और न ही हरियाणा का। ये फोटो जामा मस्जिद अमरोहा का है और एक साल पुराना है। पिछले साल मार्च में लॉकडाउन के दौरान दिशा-निर्देश थे कि धार्मिक स्थलों पर भीड़ न की जाए।
राज कुमार
13 Dec 2021
Masjid

गुड़गांव में शुक्रवार नमाज को लेकर हिंदुत्ववादी संगठन और भाजपा लगातार अड़चने डाल रही है और तनाव पैदा कर रही है। भाजपा के नेता और मंत्रीगण तक इसमें शरीक हो रहे हैं और खूब हवा दे रहे हैं। मामला पिछले लंबे समय से लगातार गंभीर बनाया जा रहा है।

अभी हाल ही में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बयान दिया है कि गुड़गांव में खुले में नमाज की अनुमति नहीं दी जाएगी। अब इसी सिलसिले में अल्पसंख्यक मंत्रालय, योजना एवं वित्त कमेटी के चेयरपर्सन और केंद्रीय वक़्फ़ काउंसिल के सदस्य रईस पठान ने एक ट्वीट किया है। जिसमें लिखा है- मस्जिद खाली-रोड ब्लॉक? एक फोटो भी डाला है जिसमें एक खाली मस्जिद में दो-तीन लोग बैठकर नमाज़ पढ़ रहे हैं।

फोटो को देखकर लगता है कि मुसलमान जान-बूझकर मस्जिद की बजाय खुले में नमाज़ पढ़ रहे हैं। मस्जिदें खाली पड़ी हैं और इरादतन सड़कों पर नमाज़ पढ़ी जा रही है। इस ट्वीट को 4,151 बार रीट्वीट किया जा चुका है और अब तक 15.5 हज़ार लोगों ने लाइक किया है। आइये, अब इस फोटो की पड़ताल करते हैं।

जांच-पड़ताल

फोटो के बारे में खोजबीन करने पर पता चला कि ये फोटो न तो गुड़गांव की किसी मस्जिद का है और न ही हरियाणा का। इस फोटो का गुड़गांव की शुक्रवार की नमाज़ से कोई संबंध नहीं है। ये फोटो जामा मस्जिद अमरोहा का है और एक साल पुराना है। पिछले साल मार्च में लॉकडाउन के दौरान दिशा-निर्देश थे कि धार्मिक स्थलों पर भीड़ न की जाए। इसी के मद्देनज़र जामा मस्जिद अमरोहा ने तमाम मस्जिदों को हिदायत दी थी कि जुमे की नमाज़ में चार से ज्यादा लोग शामिल न हों। ये फोटो उसी दौरान का है।

जामा मस्जिद अमरोहा में कोविड दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए चार लोग जुमे की नमाज़ पढ़ रहे हैं। जामा मस्जिद अमरोहा के यूट्यूब चैनल पर 28 मार्च 2020 को एक वीडियो साझा किया गया है जिसमें ये फोटो देखा जा सकता है।

अल्पसंख्यक मंत्रालय, योजना एवं वित्त कमेटी के चेयरपर्सन और केंद्रीय वक़्फ काउंसिल के सदस्य रईस पठान द्वारा ट्वीट किये गये फोटो का गुड़गांव की नमाज से कोई लेना-देना नहीं है। रईस पठान ने फोटो को गलत संदर्भ में इस्तेमाल किया है। फोटो कोरोना के दौरान का है जिसकी वजह से मात्र चार लोग मस्जिद में जुमे की नमाज़ पढ़ रहे हैं। न कि मस्जिद को खाली छोड़कर सड़कों पर नमाज पढ़ने गये हुये हैं।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)

फ़ैक्ट चैक: भाजपा द्वारा बुंदेलखंड में घर-घर नल से जल का दावा ग़लत

फ़ैक्ट चेक: फोटो केरल का प्रचार हरियाणा का

फ़ेक न्यूज़ आपको कैसे काबू कर लेती है?

fact check
viral photo
Masjid
NAMAZ
Communal Hate
Religion Politics

Related Stories

तिरछी नज़र: ये कहां आ गए हम! यूं ही सिर फिराते फिराते

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

मोदी के आठ साल: सांप्रदायिक नफ़रत और हिंसा पर क्यों नहीं टूटती चुप्पी?

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

कटाक्ष: महंगाई, बेकारी भुलाओ, मस्जिद से मंदिर निकलवाओ! 

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

ताजमहल किसे चाहिए— ऐ नफ़रत तू ज़िंदाबाद!

अगर सरकार की नीयत हो तो दंगे रोके जा सकते हैं !

बिना अनुमति जुलूस और भड़काऊ नारों से भड़का दंगा

जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र: एक कवि का बयान


बाकी खबरें

  • kashmir jammu
    सुहैल भट्ट
    विशेषज्ञों के मुताबिक़ कश्मीर में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति अपने कगार पर है
    27 Dec 2021
    जम्मू-कश्मीर में तनाव से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिसका बड़ा कारण साल 2019 में हटाई गई धारा 370 को मुख्य माना जा रहा है, खुद को कैदी जैसा महसूस कर रहे जम्मू-कश्मीर के लोगों में…
  • Ethiopia
    पीपल्स डिस्पैच
    अमेरिका समर्थित टीपीएलएफ़ ने इथियोपिया में जंग हारने के बाद संयुक्त राष्ट्र से सुरक्षा की गुहार लगाई
    27 Dec 2021
    संघीय सरकार की फ़ौज ने टीपीएलएफ़ को टिगरे राज्य में वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया, अब टीपीएलएफ़ शांति प्रक्रिया के लिए बातचीत शुरू करने की गुहार लगा रहा है। सरकार ने समूह के नि:शस्त्रीकरण और इसके…
  • Mental health
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड: मानसिक सेहत गंभीर मामला लेकिन इलाज के लिए जाएं कहां?
    27 Dec 2021
    फ़रवरी 2019 में उत्तराखंड में मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण का गठन करने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। ये प्राधिकरण काग़ज़ों में भी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है। प्राधिकरण में मानसिक स्वास्थ्य के लिए…
  •  Muzaffarpur
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मुज़फ़्फ़रपुर: हादसा या हत्याकांड!, मज़दूरों ने कहा- 6 महीने से ख़राब था बॉयलर, जबरन कराया जा रहा था काम
    27 Dec 2021
    बॉयलर छह महीने से ख़राब था। कामगारों ने ख़तरे की आशंका जताई थी। बॉयलर का सेफ्टी वाल्व भी ख़राब था। इसके विरोध में दो दिन तक मज़दूरों ने काम भी बंद रखा था लेकिन प्रबंधन ने इसको ठीक नहीं कराया था।
  • haridwar
    वसीम अकरम त्यागी
    राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग: आख़िर तुम किस मर्ज़ की दवा हो?
    27 Dec 2021
    हरिद्वार, आगरा से लेकर गुरुग्राम तक, त्रिपुरा से लेकर कर्नाटक तक, नमाज़ से लेकर चर्च की प्रार्थना सभा तक अल्पसंख्यकों पर लगातार हमले हो रहे हैं, लेकिन अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिये बना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License