NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
फ़ैक्ट चेक: फोटो केरल का प्रचार हरियाणा का
भाजपा द्वारा फ़र्ज़ी तस्वीरों के जरिये प्रोपेगंडा करना कोई नई बात नहीं है। भाजपा लगातार ऐसा कर रही है। दावा करते हैं अपने शासनकाल की उपलब्धियों का और फोटो किसी और प्रदेश और विदेश तक की लगा डालते हैं। ऐसा ही काम एक बार फिर हरियाणा की सरकार ने किया है।
राज कुमार
17 Sep 2021
फ़ैक्ट चेक: फोटो केरल का प्रचार हरियाणा का

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इंडियन एक्सप्रेस का मुख्य पृष्ठ का विज्ञापन पिछले दिनों चर्चा का सबब रहा। विज्ञापन में कोलकाता के फ्लाइओवर और अमेरीकी फैक्ट्री के फोटो का उत्तर प्रदेश के संदर्भ में इस्तेमाल किया गया था। शीर्षक था “Transforming Uttar Pradesh Under Yogi Adityanath” साथ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फोटो भी छापी गई थी। भाजपा द्वारा इस तरह से फ़र्ज़ी तस्वीरों के जरिये प्रोपेगंडा करना कोई नई बात नहीं है।

इसे भी पढ़ें-- ऑस्ट्रेलिया की चीनी मिल को उत्तर प्रदेश का बताकर चुनावी लहर बना रही भाजपा

भाजपा लगातार ऐसा कर रही है। दावा करते हैं अपने शासनकाल की उपलब्धियों का और फोटो किसी और प्रदेश और विदेश तक की लगा डालते हैं। ऐसा ही काम एक बार फिर हरियाणा की सरकार ने किया है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की टीम Haryana Fights Corona नाम से एक ट्वीटर अकाउंट चलाती है। जिसका मकसद प्रदेश वासियों को कोरोना संबंधी जानकारी और अपडेट देना है। लेकिन इसका इस्तेमाल राजनीतिक प्रोपेगंडा के लिए भी किया जा रहा है। तीन सितंबर को इस अकाउंट से हरियाणा में बायोगैस प्लांट के संदर्भ में एकट्वीट किया गया। जिसमें बताया गया है कि हरियाणा में तीन बायोगैस प्लांट कार्य कर रहे हैं। सात प्लांटों का कार्य प्रगति पर है और तीस प्लांटों का कार्य जल्द ही शुरू होगा। विज्ञापन का शीर्षक है “हरियाणा में पराली प्रबंधन का पक्का इंतज़ाम”। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी इस ट्वीट को रिट्वीट किया है।

क्या विज्ञापन में दिखाया गया बायोगैस प्लांट हरियाणा का है?

जब इस फोटो की खोजबीन की तो पता चला कि ये फोटो हरियाणा के किसी बायोगैस प्लांट का नहीं है बल्कि केरल के कोझिकोड के हवाई अड्डे के बायोगैस प्लांट का फोटो है। केरल सरकार के स्वच्छता विभाग की वेबसाइट पर आप इसे देख सकते हैं।

इसके अलावा, वर्ष 2018 में य़ूएन ने विश्व के पांच ज़ीरो वेस्ट शहरों की लिस्ट में केरल के कोझिकोड को भी शामिल किया था। उस वक्त पर्यावरण पर काम करने वाली काफी वेबसाइटों ने कोझिकोड एयरपोर्ट के इस बायोगैस प्लांट की फोटो अपने आर्टिकल के साथ पब्लिश की थी। ज्यादा जानकारी के लिए ये लिंक देखें और इस लिंक को भी देख सकते हैं।

इसे भी पढ़ें : फैक्ट चेक: हरियाणा सरकार का विदेशी तस्वीरों से देसी प्रोपगेंडा

निष्कर्ष

हरियाणा में पराली के पक्के इंतज़ाम और बायोगैस प्लांट के विज्ञापन में जो तस्वीर साझा की गई है वो हरियाणा की नहीं बल्कि केरल के कोझिकोड एयरपोर्ट के बायोगैस प्लांट की है। ये फोटो हरियाणा के नवनिर्मित झज्जर, रोहतक या कुरुक्षेत्र के बायोगैस प्लांट की तस्वीर नहीं है। क्योंकि ये पुरानी तस्वीर है और वर्ष 2018 से इंटरनेट पर मौजूद है। हरियाणा सरकार का ये विज्ञापन भ्रामक है। जब दावे ठोस हैं तो फोटो फ़र्ज़ी क्यों?

तमाम राजनीतिक पार्टियों को इस तरफ ध्यान देना चाहिये और प्रचार में जो तस्वीरें इस्तेमाल की जा रही हैं उन्हें गंभीरता से लेना चाहिये। जब हरियाणा में झज्जर, रोहतक और कुरुक्षेत्र में बायोगैस प्लांट सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं तो फोटो केरल की क्यों लगाई जाती है। सरकार को चाहिये कि उसी प्लांट का फोटो लगाए जो बनाया गया है औऱ उसके नीचे कैप्शन में लिखे भी कि ये कहां का प्लांट है। क्या सरकारें विज्ञापनों में इतनी ज़िम्मेदारी और ज़वाबदेही भी नहीं दिखाना चाहती? क्या ये जनता को गुमराह करने का मामला नहीं है?

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)

fact check
Kerala
Haryana
Haryana Fights Corona
Manohar Lal khattar
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • MP
    काशिफ काकवी
    मध्य प्रदेश : मंत्री ने माना, आदिवासी कल्याण कोष के पैसों को मोदी की रैली पर खर्च किया 
    06 Jan 2022
    कांग्रेस के आदिवासी विधायक अलावा का आरोप है कि राज्य सरकार के पास न तो आदिवासी मनरेगा मजदूरों का बकाया चुकाने के लिए धन है और न ही छात्रवृत्ति की प्रतीक्षा कर रहे आदिवासी छात्रों को देने के लिए।…
  • FCRA
    एस एन साहू 
    मिशनरीज़ ऑफ़ चैरिटी का एफ़सीआरए लाइसेंस रद्द होना संघीय ढांचे के लिए एक सबक है
    06 Jan 2022
    क्रिसमस पर घटी घटना और नवीन पटनायक के मिशनरीज़ ऑफ़ चैरिटी को समर्थन देने से यह उम्मीद जगी है कि अधिक से अधिक राज्य, निरंकुश केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ संवैधानिक मूल्यों और संघीय ढांचे की रक्षा के लिए आगे…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में क़रीब 7 महीने बाद 90 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज किये गए
    06 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 90,928 नए मामले दर्ज किये गए हैं। वहीं पिछले 24 घंटे में ओमिक्रोन के 495 नए मामले सामने आए हैं और कुल मामलों की संख्या बढ़कर 2,630 हो गई है।
  • Hisham Abu Hawwash
    अभिजान चौधरी
    141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार
    06 Jan 2022
    व्यापक विरोध और अंतर्राष्ट्रीय दबाव के बाद इज़राइली अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि अबू हव्वाश के प्रशासनिक हिरासत आदेश को और आगे नहीं बढ़ाया जायेगा और उन्हें फ़रवरी में रिहा कर दिया…
  •  Bullibai app
    न्यूज़क्लिक टीम
    बुल्लीबाई एप के ज़हरीले कारोबार का राज़ और सर्वोच्च सत्ता की खामोशी
    06 Jan 2022
    बुल्लीबाई एप मामले में रहस्य का पर्दा धीरे-धीरे उठ रहा है. मुंबई पुलिस के प्रयास से बंगलूरु, रुद्रपुर और कोटद्वार से गिरफ्तारियां हुई हैं. क्या इन गिरफ्तारियों से कुछ नये ठोस तथ्य सामने आयेंगे?…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License