NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
फ़ैक्ट चेकः महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध में यूपी नंबर वन, है या नहीं?
उत्तर प्रदेश में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामलों में कमी नहीं बल्कि वृद्धि हुई है। रेप के मामलों में कुछ कमी दर्ज की गई है। लेकिन महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश अब भी देश में शीर्ष स्थान पर है।
राज कुमार
15 Jan 2022
fact check
बीजेपी के चुनावी विज्ञापन का स्क्रीन शॉट

बीजेपी उत्तर प्रदेश के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो ट्वीट किया गया है जिसमें उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। वीडियो में सपा सरकार और भाजपा सरकार की तुलना की गई है। दावा किया गया है कि सपा सरकार में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष पर था। योगी के शासनकाल में शीर्ष पर है या नहीं, ये नहीं बताया गया।

लेकिन कहा गया है कि महिलाओं की तकदीर और तस्वीर दोनों ही बदल गई हैं। योगी सरकार में उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध में कमी आई है और महिलाएं सुरक्षित महसूस कर रही हैं।

क्या सचमुच महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में कोई कमी आई है? क्या उत्तर प्रदेश अब महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में शीर्ष पर नहीं है?

महिला को समृद्धि का उपहार
यूपी फिर मांगे भाजपा सरकार#आएगी_बीजेपी_ही pic.twitter.com/Ku3hcp0BXI

— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) January 12, 2022

उत्तर प्रदेश में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले

वीडियो में दावा किया जा रहा है कि सपा शासनकाल में उत्तर प्रदेश महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में शीर्ष पर था। तो क्या भाजपा के शासनकाल में उत्तर प्रदेश इस शीर्ष स्थान से कुछ नीचे आया है? इसके लिए हमें महिलाओं के खिलाफ अपराध के आंकड़ों पर नज़र डालनी होगी।

एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश वर्ष 2013 से लेकर 2016 तक महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में शीर्ष पर रहा है। सपा शासनकाल के इन चार सालों में कुल 1,55,802 मामले दर्ज़ हुए थे।

 वर्ष 2017 से 2020 तक भी चारों सालों में उत्तर प्रदेश महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में देश में शीर्ष पर ही है। भाजपा शासनकाल के इन चार सालों में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में कमी नहीं बल्कि वृद्धि हुई है।

2017 से लेकर 2020 तक इन चार सालों में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 2,24,694 मामले दर्ज हुए हैं। सपा शासनकाल में ये आंकड़ा 1,55,802 था। यानी कुल मामलों में23% की वृद्धि हुई है।

 उत्तर प्रदेश में रेप के मामले

 वीडियो में 2013 से लेकर 2016  के रेप के मामलों का आंकड़ा दिया गया है। लेकिन योगी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार  बनने के बाद के आंकड़े नहीं दिये गये हैं। यानी 2017 के बाद के आंकड़े नहीं बताए गए हैं।

 अगर दोनों सरकारों की तुलना करनी है तो कायदे से दोनों के शासनकाल के आंकड़ों की तुलना करनी होगी और देखना होगी कि क्या सचमुच भाजपा के शासनकाल में कोई कमी आई है।

 वीडियो में बताया गया है कि वर्ष 2013 में 3,050, वर्ष 2014 में 3,467, वर्ष 2015 में 3,025 और 2016 में 4,816 रेप के मामले दर्ज़ किए गए थे। 2013 से 2016 तक रेप के कुल 14,358 मामले दर्ज हुए थे।

 अगर हम भाजपा शासनकाल के आंकड़ों पर नज़र डालें तो पाएंगे कि कोई खास कमी नहीं आई है।

 वर्ष 2017 में 4,246, वर्ष 2018 में 3,946, वर्ष 2019 में 3,065 और वर्ष 2020 में 2,769 रेप के मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए हैं। सभी आंकड़ें एनसीआरबी की रिपोर्ट से लिए गए हैं।

 इस प्रकार 2017 से 2020 तक भाजपा शासनकाल में रेप के कुल 14,026 मामले दर्ज़ हुए हैं। ये संख्या सपा शासनकाल में 14,358 थी। यानी मामलों में बेहद मामूली कमी दर्ज की गई है।

 निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में कमी नहीं बल्कि वृद्धि हुई है। रेप के मामलों में कुछ कमी दर्ज की गई है। लेकिन महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश अब भी देश में शीर्ष स्थान पर है। उत्तर प्रदेश में महिलाओं की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल गई हैं, ये दावा गलत है। भाजपा उत्तर प्रदेश द्वारा ट्वीट किया गया वीडियो भ्रामक है।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते हैं। )

Uttar pradesh
fact check
UP Assembly Elections 2022
women safety
crimes against women
violence against women
UP police
Yogi Adityanath
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • Communalism
    बी सिवरामन
    सांप्रदायिक घटनाओं में हालिया उछाल के पीछे कौन?
    24 Nov 2021
    क्या भाजपा शासित पांच राज्यों में तीन महीने की छोटी अवधि के भीतर असंबद्ध मुद्दों पर अचानक सांप्रदायिक उछाल महज एक संयोग है या उनके पीछे कोई साजिश थी?
  • अमेय तिरोदकर
    क़रीब दिख रही किसानों को अपनी जीत, जारी है 28 नवंबर को महाराष्ट्र महापंचायत की तैयारी
    24 Nov 2021
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विवादित कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा के बावजूद, किसानों अपना प्रदर्शन जारी रखने के लिए दृढ़ निश्चय कर चुके हैं। शाहपुर के दत्तात्रेय शंकर महात्र
  •  "Ceasefire announced by the government, our struggle will continue
    ओंकार सिंह
    “संघर्ष विराम की घोषणा सरकार की, हमारा संघर्ष जारी रहेगा”
    24 Nov 2021
    किसान आंदोलन की एक ख़ासियत यह रही कि विभिन्न संगठन अपने अलग-अलग झंडों के साथ शामिल हुए। जिसको लेकर कहीं कोई ऐतराज नहीं रहा और यही इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती रही। लखनऊ महापंचायत में इस विविधता और उसकी…
  • cartun
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: किताबों की राजनीति, राजनीति की किताब
    24 Nov 2021
    राजनीति में समय का बहुत महत्व है। और दोनों किताब वाकई भाजपा के हिसाब से ‘समय पर’ ही आईं हैं!
  • संदीपन तालुकदार
    अर्जेंटीना: बिना इलाज के ठीक हुई एचआईवी पॉज़िटिव महिला
    24 Nov 2021
    शोध से पता चला है कि ऐसे कई मरीज़ हो सकते हैं, जो प्राकृतिक ढंग से इस वायरस से लड़ सकते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License