NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
करौली हिंसा पर फैक्ट फाइंडिंग:  संघ-भाजपा पर सुनियोजित ढंग से हिंसा भड़काने का आरोप
सीपीएम ने जारी की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट। रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान के करौली में 2 अप्रैल को जो साम्प्रदायिक दंगे की घटना हुई वह पूरी तरह से प्रायोजित और सुनियोजित थी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Apr 2022
Karauli Violence

करौली हिंसा पर भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा तथ्यान्वेषण दल (फैक्ट फाइंडिंग टीम) ने 19 अप्रैल, 2022 को अपनी जाँच रिपोर्ट मीडिया के सामने रखी। राजस्थान के करौली जिले में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान प्रशासन की भारी चूक और अपराधों के लिए प्रशासन और पुलिस के एक वर्ग पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया। साथ ही माकपा के नेताओं ने बताया कि जल्द ही वो इस मामले में राज्य के गृहमंत्री और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलकर अपनी रिपोर्ट सौपेंगे और आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करेंगे।

माकपा राज्य कमेटी की इस फैक्ट फाइंडिंग टीम का नेतृत्व पार्टी के विधायक दल के नेता बलवान पूनिया और डॉ. संजय माधव कर रहे थे। इस टीम में युवा नेता संदीप सिहाग, भुपेन्द्र झुरिया, राजकुमार बेरड़ भी शामिल थे। इस पूरी टीम ने करौली हिंसा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया।

माकपा ने अपने बयान में बताया कि इस दौरान करौली के जिला प्रशासन से प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की और दंगा के दौरान और उसके बाद के घटनाक्रम के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी हासिल की। इसके पश्चात घटना के बारे में घटना स्थल का दौरा करते हुए आमजन और दंगा पीड़ित परिवारों से भी मुलाकात कर समस्त जानकारी हासिल की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जली हुई व गिराई हुई दुकानों को देखा। घटनास्थल का मुआयना किया।

इस बारे में जो जानकारी निकल कर के आई उसके बारे में जानकारी देते हुए बलवान पुनिया और डॉ. संजय माधव ने पत्रकारों को बताया कि करौली में 2 अप्रैल 2022 को जो साम्प्रदायिक दंगे की घटना हुई उसकी गहन पड़ताल से यह स्पष्ट होता है कि यह घटना पूरी तरह से प्रायोजित और सुनियोजित रूप से अंजाम दी गई थी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के पिछले दिनों किये गये राजस्थान दौरे के दौरान पूर्वी राजस्थान में पिछले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के कमजोर प्रदर्शन को रेखाकिंत करते हुए इस इलाके पर ध्यान केन्द्रित करने की बात कही गई थी। उसके तुरंत पश्चात करौली हिंसा को अंजाम दिया गया।

माकपा नेताओ ने इस दंगे में बीजेपी आरएसएस के संलिप्ता का सीधा आरोप लगाया और इसे एक अल्पसंख्यकों पर सुनियोजित हमला बताया। माकपा नेताओं के मुताबिक़ शोभा यात्रा पर कथित पथराव की घटना के पहलुओं की पड़ताल करने से यह स्पष्ट होता है कि इस घटना के तुरंत बाद जिस प्रकार से सैकड़ों दुकानों के बीच में से चिह्नित कर-करके सिर्फ अल्पसंख्यक समुदाय की दुकानों को पेट्रोल और अन्य अत्यंत ज्वलनशील पदार्थ डालकर बुरी तरह से जलाया गया। उस इलाके की स्थिति का विश्लेषण करने से यह स्पष्ट होता है कि घटना के तुरंत बाद जिस प्रकार दुकानों को चिह्नित कर जलाया गया। उसके लिए इन दंगाई तत्वों ने पूर्व में ही तैयारी की हुई थी और शोभा यात्रा के दौरान ये तत्व ज्वलनशील पदार्थ साथ में लेकर गये थे और बाकायदा अल्पसंख्यक समुदाय की दुकानों को चिह्नित कर रखा था, ठीक वैसे ही जैसे गुजरात के दंगों में और 2 अप्रेल 2018 में हिन्डौन में दलितों के घरों और दुकानों को चिह्नित करके चुन-चुन कर जलाया गया था।

कम्युनिस्ट पार्टी ने सीधे संघ पर हमला बोलते हुए कहा कि इस घटना के लिए भाजपा, आरएसएस से जुड़े साम्प्रादायिक तत्वों ने काफी पहले की पूरी तैयारी के साथ इसे अंजाम दिया और करौली जैसे शांतिपूर्ण इलाके में ये ताकतें अत्यंत मेल-जोल के साथ रह रहे समुदायों के बीच अविश्वास और साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण करने में सफल हो गये हैं।

क्या था पूरा मामला

एक दक्षिणपंथी हिंदुत्व समूह ने 2 अप्रैल, 2022 को नवरात्र और नव संवत्सर के मौके पर एक जुलूस का आयोजन किया था। जब यह जुलूस मुस्लिम बहुल पड़ोस हटवारा से गुजरा, तो इसमें शामिल लोगों ने कथित तौर पर सांप्रदायिक गालियां दीं और स्थानीय निवासियों के लिए आपत्तिजनक अपशब्द कहे। ऐसा लगता है कि यह सब असर की नमाज़ के दौरान उपद्रव के लिए जानबूझकर किया गया है।

इसके तुरंत बाद, सांप्रदायिक हिंसा शुरू हो गई। पथराव, आगजनी और संपत्ति के नुकसान की घटनाओं की सूचना मिली थी। इस गहरी परेशान करने वाली कहानी में एकमात्र उम्मीद यह है कि झड़पों में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि कुछ प्रकाशनों ने बताया है कि इस घटना के बाद पुलिस ने कुछ मुसलमानों को हिरासत में लेकर कैसे प्रताड़ित किया।

आरोप है कि पुलिस और स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता के कारण झड़पें और बढ़ गईं। झड़पों के मद्देनजर समाचार और सोशल मीडिया करौली जिले में प्रशासन और पुलिस द्वारा चूक के कृत्यों के उदाहरणों से भरे हुए थे।

उल्लेखनीय है कि भले ही यह हिंडन और गंगापुर जैसे सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों के पास स्थित है, जिन्होंने अतीत में सांप्रदायिक हिंसा देखी है, करौली अब तक इस तरह की हिंसा से अछूती था, लेकिन 2 अप्रैल को यह सब बदल गया।

माकपा की पूरी फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट यहाँ पढ़ी जा सकती है ; 

Rajasthan
Karauli
Karauli violence
BJP
RSS
CPI-M

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • कर्मचारी संगठनों ने ई-श्रम पोर्टल का स्वागत किया पर कमियाँ भी बताईं
    रौनक छाबड़ा
    कर्मचारी संगठनों ने ई-श्रम पोर्टल का स्वागत किया पर कमियाँ भी बताईं
    30 Aug 2021
    संगठनों ने कहा है कि रेजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की वजह से कई मज़दूर इसमें शामिल होने में असमर्थ होंगे।
  • काबुल पर अमेरिकी ड्रोन हमले में बच्चों समेत कई नागरिकों की मौत
    पीपल्स डिस्पैच
    काबुल पर अमेरिकी ड्रोन हमले में बच्चों समेत कई नागरिकों की मौत
    30 Aug 2021
    स्थानीय लोग अमेरिका के उस दावे को ख़ारिज करते हैं जिसमें उसने कहा कि उसने काबुल हवाई अड्डे पर फिर से हमला करने के लिए एक कार में विस्फोटक लोड करने की कोशिश कर रहे दो कथित आतंकवादियों पर हमला किया था।
  • क्या श्रम मंत्रालय अपने श्रम सुविधा पोर्टल के जरिये सुप्रीम कोर्ट को ठग रहा है?
    बी. सिवरामन
    क्या श्रम मंत्रालय अपने श्रम सुविधा पोर्टल के जरिये सुप्रीम कोर्ट को ठग रहा है?
    30 Aug 2021
    यह कहना कि सरकार केवल पोर्टल चलाएगी और बाक़ी सिरदर्द श्रमिक का है, अत्यधिक ग़ैर-ज़िम्मेदाराना व्यवहार है।
  • केन्या : वेतन समझौता लागू करने में विफलता पर सरकारी विश्वविद्यालयों के प्रोफ़ेसरों की हड़ताल
    पीपल्स डिस्पैच
    केन्या : वेतन समझौता लागू करने में विफलता पर सरकारी विश्वविद्यालयों के प्रोफ़ेसरों की हड़ताल
    30 Aug 2021
    केन्या में यूनिवर्सिटीज़ एकेडमिक स्टाफ़ यूनियन (यूएएसयू) ने चेतावनी दी है कि हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक कि वेतन समझौता लागू नहीं हो जाता और लंबित बकाया राशि का भुगतान नहीं कर दिया जाता।
  • जलवायु परिवर्तन पर दुनिया के आदिवासी समूहों के सम्मेलन में क्या कहा गया?
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    जलवायु परिवर्तन पर दुनिया के आदिवासी समूहों के सम्मेलन में क्या कहा गया?
    30 Aug 2021
    40 अलग-अलग आदिवासी समूहों में से 120 पारंपरिक तौर पर स्वामित्व रखने वालों ने केर्न्स (ऑस्ट्रेलिया) में जलवायु परिवर्तन पर पाँच दिन तक चली नेशनल फ़र्स्ट पीपुल्स गैदरिंग में हिस्सा लिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License