NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
मशहूर सितारवादक पंडित देबू चौधरी का कोविड संबंधी जटिलताओं के चलते निधन
भारत के प्रख्यात सितारवादकों में से एक, चौधरी संगीत के सेनिया घराना से थे। उन्हें पद्म भूषण और पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
भाषा
01 May 2021
मशहूर सितारवादक पंडित देबू चौधरी का कोविड संबंधी जटिलताओं के चलते निधन
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

नयी दिल्ली:  प्रख्यात सितारवादक पंडित देवब्रत चौधरी (85) का कोविड-19 संबंधी जटिलताओं के कारण शनिवार को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। उनके बेटे प्रतीक चौधरी ने यह जानकारी दी।

प्रतीक ने देबू चौधरी के नाम से प्रसिद्ध, अपने पिता के निधन की जानकारी अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर दी।

उन्होंने लिखा, “मेरे पिता, सितार के दिग्गज, पंडित देबू चौधरी...नहीं रहे। उन्हें कोविड के साथ ही मनोभ्रंश की जटिलताओं के साथ भर्ती कराया गया और उन्हें आज (एक मई, 2021) मध्यरात्रि के आस-पास आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया था..जिसके बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उन्हें बचाया नहीं जा सका।”

सितारवादक के परिवार में उनके बेटे प्रतीक, बहू रूना और पोती रयाना तथा पोता अधिराज हैं।

उनकी नाजुक स्थिति को लेकर संकट का एक संदेश (एसओएस) ट्विटर पर पोस्ट किया गया था। उनके प्रशंसकों के संदेश के बाद, चौधरी को गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उन्हें आईसीयू में रखा गया, लेकिन उनकी स्थिति बिगड़ गई।

चौधरी का नाम उस्ताद विलायत खान, पंडित रविशंकर और पंडित निखिल बनर्जी जैसे भारत के प्रख्यात सितारवादकों में गिना जाता है। वह जयपुर के सेनिया संगीत घराना से थे जिसे तानसेन परिवार के वंशजों ने शरू किया था और जिन्हें रागों की शुद्धता को संरक्षित रखने के लिए जाना जाता है।

उन्हें पद्म भूषण और पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। वह शिक्षक और लेखक भी थे जिन्होंने छह पुस्तकें लिखीं और नये राग बनाए। मुश्ताक अली खान के शागिर्द, चौधरी का जन्म 1935 में म्यमेनसिंह (अब बांग्लादेश में) हुआ था। भारत के महान शास्त्रीय संगीतज्ञों की तरह उन्होंने बाल्यावस्था में, जब वह महज चार साल के थे तभी से प्रशिक्षण प्राप्त करना शुरू कर दिया था।

भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत को एक हफ्ते के अंतराल पर कोविड-19 के कारण अपने दो दिग्गजों को खोना पड़ा है। 25 अप्रैल को हिंदुस्तानी गायक पंडित राजन मिश्रा की कोविड-19 संबंधी जटिलताओं और दिल्ली के अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की तलाश में मौत हो गई थी।

चौधरी के निधन पर शोक प्रकट करते हुए संगीतज्ञ निलाद्री कुमार ने कहा, ‘‘कोविड और उसकी जटिलताओं के कारण सितारवादक पंडित देबू चौधरी जी के निधन की एक और दुखभरी खबर। उनका विरासत उनके बेटे के माध्यम से जारी रहे यही कामना है और उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हैं।ओम शांति।”

चौधरी के साथी पवन झा ने 28 अप्रैल को दोपहर करीब चार बजे उनकी गंभीर हालत की जानकारी देते हुए ट्विटर पर मदद मांगी थी। बाद में उन्होंने इस जानकारी को अद्यतन किया और उन्हें जीटीबी अस्पताल ले जाए जाने की जानकारी दी।

Sitarist Pandit Debu
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • women in politics
    तृप्ता नारंग
    पंजाब की सियासत में महिलाएं आहिस्ता-आहिस्ता अपनी जगह बना रही हैं 
    31 Jan 2022
    जानकारों का मानना है कि अगर राजनीतिक दल महिला उम्मीदवारों को टिकट भी देते हैं, तो वे अपने परिवारों और समुदायों के समर्थन की कमी के कारण पीछे हट जाती हैं।
  • Indian Economy
    प्रभात पटनायक
    बजट की पूर्व-संध्या पर अर्थव्यवस्था की हालत
    31 Jan 2022
    इस समय ज़रूरत है, सरकार के ख़र्चे में बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी मेहनतकश जनता के हाथों में सरकार की ओर से हस्तांतरण के रूप में होनी चाहिए और सार्वजनिक शिक्षा व सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हस्तांतरणों से…
  • Collective Security
    जॉन पी. रुएहल
    यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?
    31 Jan 2022
    कज़ाकिस्तान में सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) का हस्तक्षेप क्षेत्रीय और दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बदलाव का प्रतीक है।
  • strike
    रौनक छाबड़ा
    समझिए: क्या है नई श्रम संहिता, जिसे लाने का विचार कर रही है सरकार, क्यों हो रहा है विरोध
    31 Jan 2022
    श्रम संहिताओं पर हालिया विमर्श यह साफ़ करता है कि केंद्र सरकार अपनी मूल स्थिति से पलायन कर चुकी है। लेकिन इस पलायन का मज़दूर संघों के लिए क्या मतलब है, आइए जानने की कोशिश करते हैं। हालांकि उन्होंने…
  • mexico
    तान्या वाधवा
    पत्रकारों की हो रही हत्याओंं को लेकर मेक्सिको में आक्रोश
    31 Jan 2022
    तीन पत्रकारों की हत्या के बाद भड़की हिंसा और अपराधियों को सज़ा देने की मांग करते हुए मेक्सिको के 65 शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License