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समस्तीपुर में चक्का जाम, वैशाली में पुतला फूंका
किसानों ने नए कृषि क़ानून के विरोध में बंद का आयोजन किया। इस क़ानून को किसान विरोधी बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Sep 2020
समस्तीपुर में चक्का जाम

समस्तीपुर। बिहार के विभिन्न ज़िलों में भी किसानों ने नए कृषि क़ानूनों के विरोध में प्रदर्शन किया। यहां इस बंद का काफी असर देखा गया। बिहार के समस्तीपुर ज़िले में किसानों ने चक्का जाम किया। इसका आयोजन ज़िला मुख्यालय मोहिउद्दीन नगर, दलसिंहसराय, विभूतिपुर के सिंधिया उजियारपुर के अंगार घाट, गांवपुर चौक और बिथान में किया गया।

इस आंदोलन के दौरान चक्का जाम किए गए स्थानों पर सभा का आयोजन किया गया और किसान नेताओं ने सभा को संबोधित करते हुए किसान विरोधी विधेयक वापस लेने की मांग की।

समस्तीपुर मुख्यालय में मनोज कुमार गुप्ता, सतनारायण सिंह, इमाम, रामप्रकाश यादव, श्यामसुंदर ने जहां किसानों की सभा को संबोधित किया वहीं उजियारपुर के अंगार घाट में उपेंद्र राय, रामप्रवेश राम राम नारायण चौरसिया और योगी चौक पर सीपीआईएम के जिला सचिव रामाश्रय, किसान नेता कामरेड अवधेश मिश्रा उमेश मलिक साहनी दिनेश पासवान कुमार सैनी एवं विभूतिपुर के सिंघिया चौक पर सीपीआईएम राज्य सचिव मंडल सदस्य अजय कुमार, खेतिहर मजदूर यूनियन के ज़िला सचिव किसान नेता पवन सिंह, महेश कुमार सिया प्रसाद यादव ने सभा को संबोधित किया।

किसानों को संबोधित करते हुए इन नेताओं ने कहा कि संसद के भीतर लोकतंत्र की हत्या करते हुए किसान विरोधी बिल को ग़लत तरीके से पारित किया गया है। मनोज कुमार ने कहा कि संसद में बिल पास मत विभाजन के बाद करना चाहिए था। इसको किए बगैर सभापति ने संसद की गरिमा को ताक पर रखते हुए उन्होंने ध्वनि मत से इसे पारित कर दिया।

Vaishali.jpeg

इन किसान नेताओं ने कहा कि जब संसद अपने कार्य करने में किसान के हित की रक्षा करने में अक्षम हो जाए तो जनता को सड़क पर आंदोलन करने के सिवा दूसरा कोई रास्ता नहीं बचता है। इस परिस्थिति में किसान को अपने गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बिल को वापस लेने के सिवाय सरकार के पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा। इस किसान विरोधी बिल को हर हाल में वापस लेना ही होगा।

वैशाली जिले के हाजीपुर में कचहरी मैदान से नगर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए गांधी चौक में पीएम मोदी का पुतला दहन किया गया और महनार अनुमंडल में पटेल चौक से प्रदर्शन निकाला गया। मदन चौक पर इस क़ानून को किसान विरोधी कहते हुए दस्तावेज़ों को जलाया गया। इस मौके पर आर एन सिंह, राजेन्द्र पटेल, विशेश्वर यादव, अमृत गिरी, चन्देश्वर वर्मा, रेखा देवी ने किसानों को संबोधित करते हुए मोदी सरकार की किसान विरोधी नीतियों की आलोचना की।

किसानों को संबोधित करते हुए नेताओं ने नए कृषि क़ानून को वापस लेने की मांग की। इस दौरान किसानों और नेताओं ने मोदी सरकार विरोधी नारे भी लगाए।

Bihar
Farmer protest
Farm Bills
Bharat Bandh

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