NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
बिहार में भी किसान सड़कों पर उतरे, जिलाधिकारी कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन
अखिल भारतीय किसान महासभा ने कहा कि भाजपा के लोग अब तक प्रचारित कर रहे थे कि दिल्ली किसान आंदोलन में केवल पंजाब के किसान हैं, लेकिन अब बिहार के बटाईदार किसान तक आंदोलन में उतर चुके हैं और आंदेालन का चौतरफ़ा विस्तार हो रहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Dec 2020
बिहार

पटना (बिहार): एआईकेएससीसी के आज देशव्यापी आह्वान पर पूरे बिहार में जिलाधिकारी कार्यालयों पर किसानों का प्रदर्शन व धरना का आयोजन किया गया, जिसमें दसियों हजार किसानों की भागीदारी हुई।

राजधानी पटना सहित जहानाबाद, अरवल, आरा, औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, बिहारशरीफ, नवादा, पूर्णिया, गया, कटिहार, सिवान, गोपालगंज, बेतिया, मोतिहारी, हाजीपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मधुबनी, भागलपुर, सासाराम, भभुआ आदि जिला केंद्रों पर किसान संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया और 6 सूत्री मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।

तीनों कृषि कानूनों की वापसी, प्रस्तावित बिजली बिल 2020 रद्द करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य 1868-1888 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धार खरीद की गारंटी करने, प्रदूषण कानून से किसानों को मुक्त करने आदि की मांगें शामिल थीं। इन कार्यक्रमों में भाकपा-माले के विधायकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दरभंगा में आइसा के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली किसान आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किया।

राजधानी पटना में बु़द्धा स्मृति पार्क के पास एआईकेएससीसी के संयुक्त बैनर से प्रतिवाद किया गया। आज के कार्यक्रम को भाकपा-माले, ऐक्टू, खेग्रामस सहित अन्य संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया था। प्रतिवाद सभा की अध्यक्षता अखिल भारतीय किसान महासभा के पटना जिला सचिव कृपानारायण सिंह, किसान सभा के पटना जिला सचिव रामजीवन सिंह और किसान सभा-जमाल रोड के सचिव सोनेलाल प्रसाद ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम को मुख्य रूप से किसान महासभा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवसागर शर्मा, उमेश सिंह, राजेन्द्र पटेल, किसान सभा-जमाल रोड के विनोद कुमार, किसान सभा-अजय भवन के अशोक प्रसाद सिंह, ऐक्टू के राज्य सचिव आरएन ठाकुर, जल्ला किसान संघर्ष समिति के सचिव मनोहर लाल, अनय मेहता, सुरेश प्रसाद, रविन्द्र प्रसाद आदि नेताओं ने संबोधित किया।

मौके पर फुलवारी से भाकपा-माले के विधायक व खेग्रामस के राज्य सचिव गोपाल रविदास, खेग्रामस के महासचिव धीरेन्द्र झा, मधेश्वर शर्मा, मुन्ना चैहान, गुरूदेव दास, शरीफा मांझी सहित सैंकड़ों की संख्या में अखिल भारतीय किसान महासभा, बिहार राज्य किसान सभा, ऐक्टू, खेग्रामस आदि संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे।

प्रतिवाद सभा के उपरांत डाकबंगला चैरहा होते हुए मार्च जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा, जहां मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया। लगभग एक घंटे तक जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव चलता रहा. इस बीच संगठनों के कार्यकर्ता कृषि बिल की वापसी को लेकर लगातार नारे लगाते रहे.

वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के चल रहे आंदोलन को बदनाम व विभाजित करने की कोशिश कर रही है, जिसे हम कभी कामयाब नहीं होने देंगे। बिहार से भी अब किसानों की आवाज उठने लगी है और यह आवाज मोदी सरकार को झुका कर ही दम लेगी। कहा कि सरकार समस्या को हल नहीं ढूंढना है बल्कि उसका असली मकसद भारतीय व विदेशी कारपोरेट को बढ़ावा देना और देश की खेती-किसानी को बर्बाद करना है। 

बिहार में नीतीश सरकार के दावे के ठीक विपरीत कहीं भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है। बिहार के किसान 800-900 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अपना धान बेचने को बाध्य हैं। बिहार में नीतीश कुमार की सरकार ने 2006 में ही मंडियों को खत्म कर दिया और इस प्रकार सबसे पहले बिहार के किसानों का भविष्य नष्ट कर दिया गया।

अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव व एआईकेएससीसी के बिहार-झारखंड प्रभारी राजाराम सिंह ने आज के कार्यक्रम में किसानों की जबरदस्त भागीदारी पर पूरे बिहार की जनता को धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग अब तक प्रचारित कर रहे थे कि दिल्ली किसान आंदोलन में केवल पंजाब के किसान हैं, लेकिन अब बिहार के बटाईदार किसान तक आंदोलन में उतर चुके हैं और आंदेालन का चौतरफा विस्तार हो रहा है।

उन्होंने बिहार की जनता से एआईकेएससीसी के आह्वान पर 29 दिसंबर को आयोजित राजभवन मार्च को भी अपना समर्थन देने की अपील की है।

आरा में कार्यक्रम का नेतृत्व किसान महासभा के राज्य सह सचिव व विधायक सुदामा प्रसाद, किसान महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य व काराकाट से विधायक अरूण सिंह, पूर्व विधायक चंद्रदीप सिंह, भोजपुर के चर्चित व युवा किसान नेता राजू यादव, हाजीपुर में राज्य अध्यक्ष विशेश्वर यादव, किसान महासभा के राज्य सचिव रामाधार सिंह ने जहानाबाद में, सिवान में पूर्व विधायक अमरनाथ यादव, मुजफ्फरपुर में जितेन्द्र यादव, अरवल में राजेश्वरी यादव आदि नेताओं ने आज के कार्यक्रम का नेतृत्व किया।

Bihar
Bihar Protests
farmers protest
Farm bills 2020
All India Kisan Mahasabha
AIKSCC
Nitish Kumar

Related Stories

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

पटना : जीएनएम विरोध को लेकर दो नर्सों का तबादला, हॉस्टल ख़ाली करने के आदेश

बिहार: 6 दलित बच्चियों के ज़हर खाने का मुद्दा ऐपवा ने उठाया, अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया

बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध

बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता

पटना: विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त सीटों को भरने के लिए 'रोज़गार अधिकार महासम्मेलन'

बिहार बजट सत्र: विधानसभा में उठा शिक्षकों और अन्य सरकारी पदों पर भर्ती का मामला 

बिहार : सीटेट-बीटेट पास अभ्यर्थी सातवें चरण की बहाली को लेकर करेंगे आंदोलन


बाकी खबरें

  • subhashini
    न्यूज़क्लिक टीम
    UP Elections: जनता के मुद्दे भाजपा के एजेंडे से गायब: सुभाषिनी अली
    23 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल तेज़ी से बदल रहा है, यह मानना है CPI(M) नेता और कानपुर से पूर्व संसद सुभाषिनी अली का। किस तरफ है जनता का झुकाव, क्या हैं चुनावी मुद्दे और किसका है पलड़ा भारी, जानने के…
  • bhasha
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट: पंजाब में दलित डेरे व डेरों पर राजनीतिक खेल
    23 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने पंजाब के लुधियाना से सटे नूरमहल और नकोदर में बसे वाल्मीकि समाज के डेरों की कहानी के संग-संग भाजपा द्वारा डेरों के जरिये खेली गई चुनावी सियासत का…
  • BJP MLA
    रवि शंकर दुबे
    चुनाव के रंग: कहीं विधायक ने दी धमकी तो कहीं लगाई उठक-बैठक, कई जगह मतदान का बहिष्कार
    23 Feb 2022
    यूपी चुनाव में कई तरह के नज़ारे देखने को मिल रहे हैं। आज चौथे चरण के मतदान के दौरान समाजवादी पार्टी से लेकर भाजपा तक के ट्वीटर एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतों से भरे मिले। कहीं भाजपा नेताओं द्वारा धमकी के…
  • यूपी चुनावः सरकार की अनदेखी से राज्य में होता रहा अवैध बालू खनन 
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः सरकार की अनदेखी से राज्य में होता रहा अवैध बालू खनन 
    23 Feb 2022
    राज्य में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों, एनजीटी की नियमावली और खनिज अधिनियम के निर्देशों की पूरी तरह अनदेखी की जाती रही है। 
  • Ukraine
    एपी
    यूक्रेन संकट और गहराया, यूरोप के रुख से टकराव बढ़ने के आसार
    23 Feb 2022
    विनाशकारी युद्ध से कूटनीतिक तरीके से बाहर निकलने की उम्मीदें दिखाई तो दे रही थीं, लेकिन वे सभी असफल प्रतीत हुईं। रूस के नेता पुतिन को अपने देश के बाहर सैन्य बल का उपयोग करने की हरी झंडी मिल गई और…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License