NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
किसान आंदोलन: दिल्ली सरकार ने दिल्ली पुलिस के वकीलों का पैनल ख़ारिज किया
मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय हुआ है कि किसानों के आंदोलन से संबंधित अदालती मामलों में लोक अभियोजक दिल्ली सरकार के वकील होंगे। मंत्रिमंडल के निर्णय को मंज़ूरी के लिए उप राज्यपाल अनिल बैजल को भेजा जाएगा।
भाषा
16 Jul 2021
किसान आंदोलन: दिल्ली सरकार ने दिल्ली पुलिस के वकीलों का पैनल ख़ारिज किया

नयी दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरूद्ध किसानों के प्रदर्शन से संबंधित मामले लड़ने के लिए वकीलों की समिति बनाने का पुलिस का प्रस्ताव शुक्रवार को खारिज कर दिया। सरकार के सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि यह फैसला मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया। इसमें निर्णय हुआ है कि किसानों के आंदोलन से संबंधित अदालती मामलों में लोक अभियोजक दिल्ली सरकार के वकील होंगे। मंत्रिमंडल के निर्णय को मंजूरी के लिए उप राज्यपाल अनिल बैजल को भेजा जाएगा।

दिल्ली सरकार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के मामलों में पेश होने वाले अपने अभियोजकों को बदलने और उनकी जगह दिल्ली पुलिस के अभियोजकों की सेवाएं लेने के लिए दबाव डालने का बृहस्पतिवार को आरोप लगाया था।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से एक बयान में कहा गया कि उपराज्यपाल (एलजी) अनिल बैजल ने शहर की सीमाओं पर केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के खिलाफ मामलों में पेश होने वाले दिल्ली सरकार के वकीलों के पैनल को ‘खारिज’ कर दिया है।

घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने दावा किया कि यह मुद्दा दिल्ली पुलिस द्वारा गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनकारी किसानों द्वारा निकाली गई ट्रैक्टर रैली में हिंसा, राष्ट्रीय ध्वज का अनादर और कानून के उल्लंघन से संबंधित मामलों के लिए विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति को लेकर किए गए अनुरोध से संबंधित है।

सीएमओ ने बृहस्पतिवार को कहा था, ‘‘कृषि कानून विरोधी आंदोलन के आरोपी किसानों के खिलाफ केंद्र सरकार अब खुलकर सामने आ गई है। एलजी ने दिल्ली सरकार के वकीलों को मामले में पक्ष रखने से रोक दिया है। केंद्र आरोपी किसानों के विरूद्ध मामले लड़ने के लिए केजरीवाल सरकार पर राज्य के वकीलों की जगह अपने वकीलों की सेवाएं लेने का दबाव बना रहा है।’’

उसने कहा था कि केजरीवाल सरकार ने किसानों के खिलाफ मामलों की ‘‘निष्पक्ष’’ सुनवाई के लिए वकीलों की समिति बनाई थी।

वक्तव्य में कहा गया, ‘‘मामलों की जांच कर रही दिल्ली पुलिस अपने वकीलों की समिति को नियुक्त करना चाहती है। कानून मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली पुलिस के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है लेकिन एलजी ने दिल्ली सरकार पर दबाव बनाया है कि वह मंत्रिमंडल की बैठक बुलाए और दिल्ली पुलिस के वकीलों की समिति के बारे में फैसला ले।’’

इसमें दावा किया गया कि जैन के साथ ऑनलाइन बैठक में एलजी ने यह माना था कि दिल्ली सरकार के लोक अभियोजक अच्छा काम कर रहे हैं और मामलों को ठीक तरह से लड़ रहे हैं।

गणतंत्र दिवस हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने 40 से अधिक मामले दर्ज किए थे।

farmers protest
republic day
AAP
Arvind Kejriwal
delhi police
Red Fort Violence

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

ख़बरों के आगे-पीछे: MCD के बाद क्या ख़त्म हो सकती है दिल्ली विधानसभा?

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

छोटे-मझोले किसानों पर लू की मार, प्रति क्विंटल गेंहू के लिए यूनियनों ने मांगा 500 रुपये बोनस


बाकी खबरें

  • general strike
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्यों है 28-29 मार्च को पूरे देश में हड़ताल?
    27 Mar 2022
    भारत के औद्योगिक श्रमिक, कर्मचारी, किसान और खेतिहर मज़दूर ‘लोग बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ 28-29 मार्च 2022 को दो दिवसीय आम हड़ताल करेंगे। इसका मतलब यह है कि न सिर्फ देश के विशाल विनिर्माण क्षेत्र…
  • Bhagat Singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    शहीद भगत सिंह के इतिहास पर एस. इरफ़ान हबीब
    27 Mar 2022
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस एपिसोड में नीलांजन ने बात की है इतिहासकार एस. इरफ़ान हबीब से भगत सिंह के इतिहास पर।
  • Raghav Chadha
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: पंजाब में राघव चड्ढा की भूमिका से लेकर सोनिया गांधी की चुनौतियों तक..
    27 Mar 2022
    हर हफ़्ते की प्रमुख ख़बरों को लेकर एकबार फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन…
  • jaunpur violence against dalits
    विजय विनीत
    उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप
    27 Mar 2022
    आरोप है कि बदलापुर थाने में औरतों और बच्चियों को पीटने से पहले सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए। पहले उनके कपड़े उतरवाए गए और फिर बेरहमी से पीटा गया। औरतों और लड़कियों ने पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि वे…
  • सोनिया यादव
    अपने ही देश में नस्लभेद अपनों को पराया बना देता है!
    27 Mar 2022
    भारत का संविधान सभी को धर्म, जाति, भाषा, वेशभूषा से परे बिना किसी भेदभाव के एक समान होने की बात करता है, लेकिन नस्लीय भेद इस अनेकता में एकता की भावना को कलंकित करता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License