NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
जेवर टोल प्लाजा पर जारी है किसानों का धरना
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पांच टोल प्लाजा पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारी धरने पर बैठे हैं। ये टोल प्लाजा जेवर, मेरठ, अमरोहा, मुरादाबाद और मुजफ्फरनगर में स्थित है।
भाषा
28 May 2021
जेवर टोल प्लाजा पर जारी है किसानों का धरना
Image courtesy : The Tribune

नोएडा: भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के आह्वान पर जेवर टोल पर चल रहा किसानों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह चिरौली किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर अपने समर्थकों के साथ जेवर टोल पर धरने पर बैठे हैं और उन्होंने टोल प्लाजा की एक लेन को बंद करा दिया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। देर रात को पुलिस व यूनियन के पदाधिकारियों के बीच धरना समाप्त करने को लेकर वार्ता हुई थी जो विफल रही।

चिरौली ने बताया कि केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार किसानों का उत्पीड़न कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार ने किसान विरोधी तीन कानून बनाकर किसानों को पंगु बना दिया है। बार-बार आह्वान के बावजूद भी केंद्र सरकार किसानों की बात नहीं सुन रही है। इस बात को लेकर किसानों ने बृहस्पतिवार से जेवर टोल प्लाजा पर विरोध प्रदर्शन शुरू किया है।’’

उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार रात को दो बजे थाना जेवर पुलिस और धरने पर बैठे किसानों के बीच जेवर थाना में वार्ता हुई, लेकिन किसान अपनी मांग पूरी होने तक धरना समाप्त करने को तैयार नहीं है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय संगठन के आह्वान पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पांच टोल प्लाजा पर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी धरने पर बैठे हैं। ये टोल प्लाजा जेवर, मेरठ, अमरोहा, मुरादाबाद और मुजफ्फरनगर में स्थित है।

वहीं थाना जेवर के प्रभारी निरीक्षक उमेश बहादुर सिंह ने बताया कि टोल पर प्रदर्शन कर रहे किसानों से देर रात को वार्ता की गई और किसानों को समझाने का प्रयास किया गया कि वे धरना समाप्त कर लें लेकिन किसान धरना समाप्त करने को तैयार नहीं है।

farmers protest
Jewar toll plaza
Indian Farmer's Union
Farm Laws

Related Stories

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार

ख़बर भी-नज़र भी: किसानों ने कहा- गो बैक मोदी!

किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे

ऐतिहासिक किसान विरोध में महिला किसानों की भागीदारी और भारत में महिलाओं का सवाल

पंजाब : किसानों को सीएम चन्नी ने दिया आश्वासन, आंदोलन पर 24 दिसंबर को फ़ैसला

लखीमपुर कांड की पूरी कहानी: नहीं छुप सका किसानों को रौंदने का सच- ''ये हत्या की साज़िश थी'’

कृषि क़ानूनों के निरस्त हो जाने के बाद किसानों को क्या रास्ता अख़्तियार करना चाहिए

इतवार की कविता : 'ईश्वर को किसान होना चाहिये...

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा


बाकी खबरें

  • Bank union strike
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बैंक यूनियनों का ‘निजीकरण’ के ख़िलाफ़ दो दिन की हड़ताल का ऐलान
    06 Dec 2021
    दो सरकारी बैंकों के प्रस्तावित निजीकरण के ख़िलाफ़ बैंक कर्मचारियों के संयुक्त मंच ने सरकार को 16 व 17 दिसंबर की हड़ताल का नोटिस दे दिया है। 
  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: स्वास्थ्य विभाग का नया ‘संकल्प पत्र, सरकारी ब्लड बैंकों से नहीं मिलेगा निःशुल्क ख़ून, स्वास्थ्य जन संगठनों ने किया विरोध
    06 Dec 2021
    राजधानी रांची स्थित रिम्स और सदर अस्पताल में लोगों को पैसों से ब्लड मिल रहा है। बीपीएल व आयुष्मान कार्ड धारकों को छोड़ किसी भी गरीब-लाचार अथवा धनवान व्यक्ति को समान रूप से प्रदेश के किसी भी सरकारी…
  • Babasaheb
    बादल सरोज
    65 साल बाद भी जीवंत और प्रासंगिक बाबासाहब
    06 Dec 2021
    जाति के बारे में उनका दृष्टिकोण सर्वथा वैज्ञानिक था। उन्होंने जाति व्यवस्था का तब तक का सबसे उन्नत विश्लेषण किया था। वे अपने जमाने के बड़े नेताओं में अकेले थे, जिसने जाति व्यवस्था के ध्वंस यानि…
  • vinod dua
    शंभूनाथ शुक्ल
    मृतक को अपमानित करने वालों का गिरोह!
    06 Dec 2021
    हम लोगों ने जब पत्रकारिता शुरू की थी, तब इमरजेंसी के दिन थे। लोगों में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के प्रति ग़ुस्सा था और लोग आंदोलन कर रहे थे। किंतु धार्मिक आधार पर बँटवारे की कोई बात नहीं थी। कोई…
  • india and bangladesh
    एम. के. भद्रकुमार
    भारत-बांग्लादेश संबंध का मौजूदा दौर
    06 Dec 2021
    नई दिल्ली के मौन प्रोत्साहन से प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की घरेलू राजनीति को उनके सत्तावादी शासन के मामले में निर्णायक रूप से फ़ायदा हुआ है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License