NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
देशभर में शनिवार को भाजपा सांसदों के आवास के बाहर प्रदर्शन करेंगे किसान
पिछले साल 5 जून को ही केंद्र की मोदी सरकार ने कृषि संबंधी तीन विवादित कानूनों को अध्यादेशों के रूप में देश के किसानों पर थोपा था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Jun 2021
किसान
Image courtesy : NDTV

संयुक्त किसान मोर्चा ने शनिवार, 5 जून को संपूर्ण विरोध दिवस का आह्वान किया है। पिछले साल 5 जून को ही केंद्र की मोदी सरकार ने कृषि संबंधी तीन विवादित कानूनों को अध्यादेशों के रूप में देश के किसानों पर थोपा था। तभी से इन अध्यादेशों और बाद में बने कानूनों के खिलाफ किसान देश भर में संघर्ष कर रहे हैं और पिछले 6 महीनों से दिल्ली की सीमाओं पर देश के किसानों का ऐतिहासिक धरना जारी है।

अध्यादेश लागू होने के एक साल पूरा होने पर किसानों के संगठन संयुक्त किसान मोर्चा ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि 5 जून को किसान, भाजपा सांसद और विधायकों के दफ्तरों के आगे तीन कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही बॉर्डर पर किसानों की संख्या बढ़ाने को भी रणनीति तैयार की गई है।

इन तीनों कानूनों को वापस लिये जाने और फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की गारंटी की मांग को लेकर देश के हजारों किसान पिछले साल नंवबर से ही दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि 5 जून 1974 को जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने संपूर्ण क्रांति की घोषणा की थी और तत्कालीन केंद्र सरकार के खिलाफ जनांदोलन शुरू किया था।

संयुक्त किसान मोर्चा ने 5 जून को देश भर में संपूर्ण क्रांति दिवस मनाने का आह्वान किया है। मोर्चा ने कहा, हम नागरिकों से भाजपा सांसदों, विधायकों और प्रतिनिधियों के कार्यालयों के सामने तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाने की अपील करते हैं। इसे जनांदोलन बनाया जाए और सरकार को कृषि कानून वापस लेने के लिए मजबूर किया जाए।

भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘प्रदर्शनकारी केंद्र के खिलाफ सांकेतिक प्रदर्शन के तौर पर देशभर में भाजपा सांसदों और विधायकों के आवास के बाहर कानूनों की प्रतियां जलाएंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जिन जिलों में भाजपा का कोई सांसद या विधायक नहीं है, वहां जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।’’

farmers protest
Farm Bills
Samyukt Kisan Morcha
BJP
Modi government

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

विशाखापट्टनम इस्पात संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ़ श्रमिकों का संघर्ष जारी, 15 महीने से कर रहे प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • एम.ओबैद
    एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे
    26 Apr 2022
    चयनित शिक्षक पिछले एक महीने से नियुक्ति पत्र को लेकर प्रदेश भर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन मांग पूरी न होने पर अंत में आमरण अनशन का रास्ता चयन किया।
  • अखिलेश अखिल
    यह लोकतांत्रिक संस्थाओं के पतन का अमृतकाल है
    26 Apr 2022
    इस पर आप इतराइये या फिर रुदाली कीजिए लेकिन सच यही है कि आज जब देश आज़ादी का अमृतकाल मना रहा है तो लोकतंत्र के चार प्रमुख स्तम्भों समेत तमाम तरह की संविधानिक और सरकारी संस्थाओं के लचर होने की गाथा भी…
  • विजय विनीत
    बलिया पेपर लीक मामला: ज़मानत पर रिहा पत्रकारों का जगह-जगह स्वागत, लेकिन लड़ाई अभी बाक़ी है
    26 Apr 2022
    "डबल इंजन की सरकार पत्रकारों को लाठी के जोर पर हांकने की हर कोशिश में जुटी हुई है। ताजा घटनाक्रम पर गौर किया जाए तो कानपुर में पुलिस द्वारा पत्रकारों को नंगाकर उनका वीडियो जारी करना यह बताता है कि…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जन आंदोलनों के आयोजन पर प्रतिबंध अलोकतांत्रिक, आदेश वापस लें सरकार : माकपा
    26 Apr 2022
    माकपा ने सवाल किया है कि अब जन आंदोलन क्या सरकार और प्रशासन की कृपा से चलेंगे?
  • ज़ाहिद खान
    आग़ा हश्र काश्मीरी: गंगा-ज़मुनी संस्कृति पर ऐतिहासिक नाटक लिखने वाला ‘हिंदोस्तानी शेक्सपियर’
    26 Apr 2022
    नाट्य लेखन पर शेक्सपियर के प्रभाव, भारतीय रंगमंच में महत्वपूर्ण योगदान और अवाम में उनकी मक़बूलियत ने आग़ा हश्र काश्मीरी को हिंदोस्तानी शेक्सपियर बना दिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License