NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अफ़ग़ानिस्तान में लड़ाई में तेज़ी से हज़ारों लोग विस्थापित
अफ़ग़ानिस्तान में सप्ताह भर से चल रही लड़ाई में 30 से अधिक नागरिक मारे गए हैं और हज़ारों लोग विस्थापित हुए हैं। 24 घंटे के भीतर कम से कम पांच ज़िले तालिबान के क़ब्ज़े में आ गए हैं।
पीपल्स डिस्पैच
28 Jun 2021
अफ़ग़ानिस्तान में लड़ाई में तेज़ी से हज़ारों लोग विस्थापित

तालिबान लड़ाकों और सरकारी बलों के बीच लड़ाई तेज होने के बाद से कम से कम पांच हजार परिवार उत्तरी शहर कुंदुज से भागने को मजबूर हो गए हैं। कुंदुज रिफ्यूजी एंड रिपैट्रिएशन डिपार्टमेंट के निदेशक ने पुष्टि की कि जारी लड़ाई ने हजारों लोगों को विस्थापित कर दिया है, जिनमें से अधिकांश काबुल और अन्य पड़ोसी प्रांतों में भाग गए हैं।

अफगानिस्तान में सप्ताह भर से चल रही लड़ाई में 30 से अधिक नागरिक मारे गए हैं और 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं। टोलो न्यूज ने 27 जून को रिपोर्ट में बताया कि पिछले 24 घंटों में तालिबान के कब्जे में पांच और जिले आ गए हैं जिसमें मैदान वर्दक में शोर तापा, बल्ख, चक और सैयद अबाद, तखर में रुस्तक और कंधार में अरगिस्तान शामिल हैं।

27 जून को मुख्य शहर से लगभग 65 किलोमीटर दूर परवन के चरिकर शहर में दर्जनों यात्रियों को ले जा रही एक बस को निशाना बनाकर किए गए एक विस्फोट में कम से कम 13 लोग घायल हो गए। रविवार शाम को एक अन्य लक्षित हमले में गजनी शहर में सड़क किनारे बम विस्फोट में एक पुलिस अधिकारी यूनुस रमाज़ानी की मौत हो गई। अभी तक किसी भी आतंकवादी संगठन ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है। इस बीच, अफगान सरकार के अधिकारियों ने तालिबान पर देश में बढ़ती हिंसा का आरोप लगाया है।

स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार तालिबान ने कम समय में दर्जनों जिलों पर कब्जा कर लिया है और उधर सैकड़ों अफगानियों को तालिबान के खिलाफ लड़ने के लिए हथियार उपलब्ध कराए गए हैं जिससे जमीनी स्थिति और जटिल हो गई है।

28 जून की टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार कम से कम 10 जिलों ने तालिबान के खिलाफ सशस्त्र प्रतिरोध करने का फैसला किया है। इस प्रतिक्रिया में तालिबान विद्रोहियों ने हथियार उठाने वाले नागरिकों को "अरबकिस कहा और चेतावनी दी कि उन्हें माफ नहीं किया जाएगा।"

इस देश से सभी विदेशी सैनिकों की वापसी की घोषणा के बाद तालिबान ने अफगान सरकार के खिलाफ बड़े हमले किए हैं। इसने 90 जिलों पर कब्जा करते हुए अधिकारियों, पत्रकारों, सैन्य चौकियों को निशाना बनाते हुए कई आक्रामक हमले शुरू किए है। विद्रोहियों को इस क्षेत्र पर कब्जा करते देख अशरफ गनी के नेतृत्व वाली अफगान सरकार ने सरकारी बलों की सहायता के लिए देश भर में अधिक से अधिक स्थानीय लोगों की भर्ती शुरू कर दी है।

Afghanistan
TALIBAN

Related Stories

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

तालिबान के आने के बाद अफ़ग़ान सिनेमा का भविष्य क्या है?

अफ़ग़ानिस्तान हो या यूक्रेन, युद्ध से क्या हासिल है अमेरिका को

बाइडेन का पहला साल : क्या कुछ बुनियादी अंतर आया?

सीमांत गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष: सभी रूढ़िवादिता को तोड़ती उनकी दिलेरी की याद में 

पाकिस्तान-तालिबान संबंधों में खटास

अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की


बाकी खबरें

  • Nisha Yadav
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    चंदौली: निशा यादव हत्या मामले में सड़क पर उतरे किसान-मज़दूर, आरोपियों की गिरफ़्तारी की माँग उठी
    14 May 2022
    प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा- निशा यादव का कत्ल करने के आरोपियों के खिलाफ दफ़ा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
  • Delimitation
    रश्मि सहगल
    कैसे जम्मू-कश्मीर का परिसीमन जम्मू क्षेत्र के लिए फ़ायदे का सौदा है
    14 May 2022
    दोबारा तैयार किये गये राजनीतिक निर्वाचन क्षेत्रों ने विवाद के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं, जो इस बात का संकेत देते हैं कि विधानसभा चुनाव इस पूर्ववर्ती राज्य में अपेक्षित समय से देर में हो सकते हैं।
  • mnrega workers
    सरोजिनी बिष्ट
    मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?
    14 May 2022
    "किसी मज़दूर ने 40 दिन, तो किसी ने 35, तो किसी ने 45 दिन काम किया। इसमें से बस सब के खाते में 6 दिन का पैसा आया और बाकी भुगतान का फ़र्ज़ीवाड़ा कर दिया गया। स्थानीय प्रशासन द्वारा जो सूची उन्हें दी गई है…
  • 5 वर्ष से कम उम्र के एनीमिया से ग्रसित बच्चों की संख्या में वृद्धि, 67 फीसदी बच्चे प्रभावित: एनएफएचएस-5
    एम.ओबैद
    5 वर्ष से कम उम्र के एनीमिया से ग्रसित बच्चों की संख्या में वृद्धि, 67 फीसदी बच्चे प्रभावित: एनएफएचएस-5
    14 May 2022
    सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, 2015-16 में किए गए सर्वेक्षण में 5 वर्ष से कम उम्र (6-59 महीने) के 58.6 प्रतिशत बच्चे इससे ग्रसित थे जबकि एनएफएचएस-5 के 2019-21 के सर्वे में इस बीमारी से ग्रसित बच्चों की…
  • masjid
    विजय विनीत
    ज्ञानवापी मस्जिद: कड़ी सुरक्षा के बीच चार तहखानों की वीडियोग्राफी, 50 फीसदी सर्वे पूरा
    14 May 2022
    शनिवार को सर्वे का काम दोपहर 12 बजे तक चला। इस दौरान ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के करीब आधे हिस्से का सर्वे हुआ। सबसे पहले उन तहखानों की वीडियोग्राफी कराई गई, जहां हिन्दू धर्म के देवी-देवताओं की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License