NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
अंतरराष्ट्रीय
अर्थव्यवस्था
FinCEN फाइल्स: अमेरिकी बैंकों ने 44 भारतीय बैंकों की 2011 से 2017 के बीच संदिग्ध लेनदेन के लिए पहचान की
FinCEN फाइलों की जांच में 1999 से 2017 के बीच 2 ट्रिलियन डॉलर से ज़्यादा कीमत के लेनदेन की पहचान हुई है। यह लेनदेन 90 वित्तीय संस्थानों द्वारा दर्ज की गई 2100 रिपोर्टों के ज़रिए सामने आया है।
पृध्वीराज रूपावत
26 Sep 2020
FinCEN फाइल्स
Image Courtesy: Business Standard

हैदराबाद: अमेरिकी बैंकों द्वारा "संदिग्ध गतिविधि रिपोर्ट्स- सस्पीसियस एक्टिविटी रिपोर्ट्स (SARs)" में 44 भारतीय बैंकों की निशानदेही की गई है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़, यह रिपोर्ट "फायनेंशियल क्राइम एंफोर्समेंट नेटवर्क (FinCEN)" के पास जमा की गई हैं। FinCEN अमेरिकी राजकोष विभाग की निगरानी संस्था है।

इन रिपोर्ट्स को "FinCEN फाइल्स" नाम से बुलाया जा रहा है। इनके ज़रिए अमेरिका के राजकोष से सबंधित गुप्त दस्तावेज़ों में नई जांच शुरू हो गई हैं। इन फाइल्स को "इंटरनेशनल कंसोर्टिअम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट (ICIJ)" ने बजफीड न्यूज समेत 108 दूसरे मीडिया आउटलेट्स के साथ शेयर किया है। FinCEN फाइल्स में करीब़ 2100 दस्तावेज़ों में, 1999 से 2017 के बीच, 90 वित्तीय संस्थानों द्वारा 2 ट्रिलियन डॉलर से ज़्यादा कीमत वाले लेनदेन को दर्ज किया गया है। इनके संभावित तौर पर मनी लांड्रिंग या दूसरी आपराधिक गतिविधियों से संबंद्ध होने की संभावना है।

द इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में बताया है, "एक रिकॉर्ड सेट, जिसमें संबंधित पक्षों का पता भारत में दर्ज किया गया है, उसके मुताबिक़ SARs में भारतीय बैंकों के 2000 से ज्यादा लेनदेन शामिल हैं, जिनकी कीमत एक बिलियन डॉलर (7,369 करोड़ रुपये) से ज्यादा है। यह लेनदेन 2011 से 2017 के बीच किए गए हैं। अहम बात है कि भारतीय व्यापारियों या संस्थाओं से जुड़े ऐसे हजारों लेनदेन होते हैं, जहां भारतीय देनदाता या फायदा उठाने वाले का पता विदेशों में दर्ज होता है।"

SARs में शामिल भारतीय बैंक, जिन पर संदिग्ध लेनदेन में शामिल होने के आरोप हैं, उनके नाम कुछ इस तरह हैं: पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ोदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, कैनरा बैंक, HDFC बैंक, ICICI बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक और इंडसलेंड बैंक व अन्य।

ऐसे अमेरिकी बैंक जिन्होंने भारतीय बैंकों के बारे में SARs दर्ज की हैं, उनमें ड्यूश बैंक ट्रस्ट कंपनी अमेरिकाज़ (DBTCA), BNY मेलॉन, सिटीबैंक, स्टैंडर्ड चार्टर्ड, जे पी मॉर्गन और अन्य शामिल हैं।

इन विदेशी बैंकों द्वारा भारतीय बैंकों की निशानदेही की वज़ह "मनी लांड्रिंग या दूसरे वित्तीय अपराधों का अधिक जोख़िम वाला क्षेत्राधिकार, मुवक्किल के प्रति विरोधी मीडिया प्रचार या सार्वजनिक जानकारी, पहचान तय ना कर पाने वाले पक्ष और पैसे के स्त्रोत या लेनदेन के उद्देश्य को सुनिश्चित ना कर पाना" बताया गया है।

FinCEN में दर्ज की गई SARs में 2012 से 2015 के बीच भूषण स्टील लिमिटेड से संबंधित 4.39 मिलियन डॉलर (32 करोड़ रुपये) का जिक्र है। इस कंपनी को इंसॉल्वेंसी कोर्ट के ज़रिए 2018 में टाटा स्टील ने खरीद लिया है।

जांच रिपोर्टों के मुताबिक़, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और द स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड जैसी सार्वजनिक कंपनियों और भारतीय एयरटेल, एस्सार जैसी बड़ी निजी कंपनियों  का उल्लेख FinCEN के पास दर्ज की गई SARs में है। इन निजी कंपनियों पर भारतीय जांच एजेंसियों की भी जांच चल रही है।

भारत में कालेधन पर बनाया गया विशेष जांच दल (SIT) FinCEN फाइल्स में सामने आए संदिग्ध लेनदेन पर नज़र बनाए हुए है और भारत में इन पर जांच की कार्रवाई करने के लिए विमर्श करने वाला है। इस SIT को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 2014 में बनाया गया था। 

SARs पर आधारित लेखों की श्रंखला के पहले FinCEN ने अपने वक्तव्य में कहा, "SAR का गैरअधिकृत खुलासा अपराध है, जो अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है, कानूनी एजेंसियों की जांच प्रभावित कर सकता है और SAR जैसी रिपोर्ट दर्ज करवाने वाले संस्थानों और व्यक्तियों की सुरक्षा को खतरा पैदा कर सकता है।"

लेकिन ICIJ और दूसरे मीडिया संस्थानों ने इन खुलासों को प्रकाशित कर दिया। 

ICIJ ने कहा, "FinCEN फाइल्स से पता चलता है कि बैंक अंधे होकर अपने खातों के ज़रिए उन लोगों का पैसा चला रहे हैं, जिनकी पहचान वे सुनिश्चित नहीं कर सकते, यह बैंक उन लेनदेन को बताने में भी नाकामयाब रहे हैं, जिनमें मनी लांड्रिंग के सभी तत्व मौजूद रहे हैं। बल्कि कई बार तो वित्तीय फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार में शामिल ग्राहक के साथ यह लोग व्यापार करते रहे हैं।"

न्यूयॉर्क में स्टेंडर्ड चार्टर्ड बैंक द्वारा दर्ज की गई SAR पर आधारित एक दूसरी रिपोर्ट में इंडियन एक्सप्रेस ने बताया, "FinCEN फाइल्स से पाकिस्तानी नागरिक अल्ताफ खानानी द्वारा सफलतापूर्वक चलाए जाने वाले मनी लांड्रिंग के जाल का खुलासा हुआ है। खानानी को भगौड़े आतंकी दाऊद इब्राहिम का मुख्य निवेशक बताया जाता है।"

जांच रिपोर्टों के मुताबिक़, ड्यूश बैंक, बैंक ऑफ न्यूयॉर्क मेलॉन, स्टेंडर्ड चार्टर्ड, जेपी मॉर्गन और HSBC लगातार नियमों का उल्लंघन करते रहे हैं। ICIJ ने बताया, "इन बैंकों ने खतरनाक और ताकतवर खिलाड़ियों से मुनाफा कमाना जारी रखा, जबकि अमेरिकी प्रशासन इन वित्तीय संस्थानों पर कालेधन को रोकने में असफल होने पर पहले भी जुर्माना लगा चुका है।"

ICIJ का कहना है कि FinCEN फाइल्स में "FinCEN के पास 2011 से 2017 के बीच वित्तीय संस्थानों द्वारा दर्ज की गई 12 मिलियन संदिग्ध गतिविधि रिपोर्टों में से केवल 0.02 फ़ीसदी ही शामिल हैं।"

इस लेख को मूल अंग्रेजी में पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

FinCEN Files: US Banks Red-Flagged 44 Indian Banks for Suspicious Transactions Between 2011 and 2017

FinCEN files
Banking
money laundering
Financial Crimes
Dark Money
US Treasury
SAR
ICIJ
Fraud

Related Stories

ईडी ने फ़ारूक़ अब्दुल्ला को धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए तलब किया

केरल बीजेपी में बदलाव से भी नहीं कम हुए बढ़ते फ़ासले

क्या पनामा, पैराडाइज़ व पैंडोरा पेपर्स लीक से ग्लोबल पूंजीवाद को कोई फ़र्क़ पड़ा है?

पैंडोरा पेपर्स: अमीरों की नियम-कानून को धता बताने और टैक्स चोरी की कहानी

केरल में वाममोर्चे की ऐतिहासिक जीत से विपक्ष में अफरा-तफरी

26-27 नवंबर को किसानों-मज़दूरों का मोर्चा देश को बचाने की लड़ाई है

क्या लूट का दूसरा नाम है ‘मेक-इन-इंडिया’!

मोईन कुरैशी धन शोधन मामला : ईडी ने कारोबारी सतीश बाबू को किया गिरफ़्तार

मेडिकल उपकरण बाजार में ‘डरावना भ्रष्टाचार’


बाकी खबरें

  • Sustainable Development
    सोनिया यादव
    सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में भारत काफी पीछे: रिपोर्ट
    03 Mar 2022
    एनुअल स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरमेंट 2022 रिपोर्ट के मुताबिक सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में भारत फिलहाल काफी पीछे है। ऐसे कम से कम 17 प्रमुख सरकारी लक्ष्य हैं, जिनकी समय-सीमा 2022 है और धीमी गति…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पूर्वांचल की जंग: 10 जिलों की 57 सीटों पर सामान्य मतदान, योगी के गोरखपुर में भी नहीं दिखा उत्साह
    03 Mar 2022
    इस छठे चरण में शाम पांच बजे तक कुल औसतन 53.31 फ़ीसद मतदान दर्ज किया गया। अंतिम आंकड़ों का इंतज़ार है। आज के बाद यूपी का फ़ैसला बस एक क़दम दूर रह गया है। अब सात मार्च को सातवें और आख़िरी चरण के लिए…
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव: बस्ती के इस गांव में लोगों ने किया चुनाव का बहिष्कार
    03 Mar 2022
    बस्ती जिले के हर्रैया विधानसभा में आधा दर्ज़न गांव के ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार करने का एलान किया है। ग्रामीणों ने बाकायदा गांव के बाहर इसका बैनर लगा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी…
  • gehariyaa
    एजाज़ अशरफ़
    गहराइयां में एक किरदार का मुस्लिम नाम क्यों?
    03 Mar 2022
    हो सकता है कि इस फ़िल्म का मुख्य पुरुष किरदार का अरबी नाम नये चलन के हिसाब से दिया गया हो। लेकिन, उस किरदार की नकारात्मक भूमिका इस नाम, नामकरण और अलग नाम की सियासत की याद दिला देती है।
  • Haryana
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने
    03 Mar 2022
    यूनियन नेताओं ने गुरुवार को कहा पंचकुला-यमुनानगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरवाला टोल प्लाजा पर हड़ताली कार्यकर्ताओं और सहायकों पर  हरियाणा पुलिस ने लाठीचार्ज  किया।  
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License