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वित्त मंत्री अयमन बेनअब्दर्रह्मान अल्जीरिया के नए प्रधानमंत्री
यह घोषणा इस महीने हाल ही में संपन्न विधायी चुनावों के बाद हुई है जिसमें कोई भी पार्टी बहुमत हासिल करने में कामयाब नहीं हो पाई।
पीपल्स डिस्पैच
01 Jul 2021
वित्त मंत्री अयमन बेनअब्दर्रह्मान अल्जीरिया के नए प्रधानमंत्री

अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलमदजीद तेब्बाउने ने बुधवार 30 जून को निवर्तमान सरकार में वित्त मंत्री अयमन बेनाबदर्राहमान को प्रधानमंत्री पद के लिए मनोनीत किया। इस निर्णय की घोषणा 12 जून को विधायी चुनावों के 18 दिन बाद की गई। इन चुनावों में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिली।

बुधवार को जारी एक बयान में अल्जीरियाई राष्ट्रपति ने घोषणा की कि "अयमन बेनअब्देर्राहमान को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है और जल्द से जल्द सरकार बनाने के लिए राजनीतिक दलों और नागरिक समाज के साथ परामर्श करने का काम सौंपा गया है। एफएलएन जो 1962 में फ्रांस से अल्जीरिया की स्वतंत्रता के बाद से देश में प्रमुख राजनीतिक दल रहा है उसको सरकार बनाने योग्य होने के लिए कम से कम दो अन्य संसदीय राजनीतिक गुटों से समर्थन प्राप्त करना होगा।

इस चुनाव में ऐतिहासिक रूप से कम मतदान अर्थात 23 प्रतिशत हुए और सत्ता-समर्थक नेशनल लिबरेशन फ्रंट (एफएलएन) संसद में सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है। इसने 407 सीटों वाली संसद में बहुमत के लिए आवश्यक 204 में से काफी कम 98 सीटों पर जीत हासिल किया है।

संसद में शेष सीटें सत्ता-समर्थक डेमोक्रेटिक नेशनल रैली पार्टी को 58 सीट, सोसाइटी फॉर पीस को 65 सीट, फ्यूचर पार्टी को 48 सीट, नेशनल बिल्डिंग मूवमेंट को 39 सीट और जस्टिस एंड डेवलपमेंट फ्रंट पार्टी को दो सीटें मिलीं। गौरतलब है कि निर्दलीय उम्मीदवारों ने 84 सीटें जीतने में कामयाबी हासिल की है जो पिछले चुनावों की तुलना में सबसे बड़ा अंतर है, जिनमें से अधिकांश पर धांधली और धोखाधड़ी के आरोप लगे थे।

बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी हिरक आंदोलन और चुनावों का बहिष्कार करने के आह्वान के बीच ये चुनाव हुए। इस आह्वान को सामान्य अल्जीरियाई से भारी समर्थन मिला जिसके चलते जिसने कम मतदान हुए। पहले के हफ्तों और महीनों में भी सरकार ने हिरक आंदोलन के सैकड़ों सदस्यों, कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, नेताओं और अन्य नागरिक समाज के लोगों का उत्पीड़न करते हुए कार्रवाई की जिसमें हजारों गैरकानूनी और मनमानी गिरफ्तारियों का अभियान भी शामिल था। सरकार साफ तौर पर बढ़ते समर्थन और लामबंदी से डर रही थी कि साल 2019 में अब्देलअज़ीज़ बुउटेफ्लिका के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान पहली बार शुरू हुआ ये आंदोलन तेज हो सकता था। लगभग 20 वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद बुउटेफ्लिका को बाद में पद छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा और उनकी तानाशाही दमनकारी सरकार उखड़ गई।

Algeria
Ayman Benabdarrahman

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