NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
ओडिशा-मध्यप्रदेश में बाढ़ का क़हर जारी, जान-माल के साथ फ़सल भी बर्बाद
ओडिशा में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है तो वहीं लगभग 14 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। जबकि मध्यप्रदेश के 12 जिलों के 400 से ज्यादा गांवों में बाढ़ के तबाही मचाने की ख़बर है।
सोनिया यादव
31 Aug 2020
ओडिशा-मध्यप्रदेश में बाढ़ का क़हर जारी
Image courtesy: Hindustan Times

 "इस बाढ़ में 3,256 गांव प्रभावित हुए हैं। 340 गांवों से यातायात संपर्क पूरी तरह टूट गया है। 107 सड़कों के ऊपर पानी बह रहा है। ढाई लाख से ज्यादा लोग पानी से घिरे हुए हैं।"

ओडिशा सरकार के स्वतंत्र राहत आयुक्त प्रदीप कुमार जेना ने रविवार, 30 अगस्त की शाम मीडिया से ये बातें कहीं। उन्होंने अन्य जानकारियां साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार की तरफ़ से राहत और बचाव कार्य भी शुरू हो गया है। 254 नावों को इस काम में लगाया गया है। एनडीआरएफ़ की 14, एसडीआरएफ़ की 17 और अग्निशमन विभाग की 22 टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हैं।

बता दें कि देश में एक ओर कोरोना का संकट दिनों-दिन गहराता जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर कई राज्यों में बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है।

छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में हुई तेज़ बारिश के कारण ओडिशा के कई इलाक़े बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। जबकि मध्यप्रदेश के 12 जिलों के 400 से ज्यादा गांवों में बाढ़ के तबाही मचाने की खबर है।

बाढ़ के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, लाखों की संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। जान-माल का भारी नुकसान तो हुआ ही है कुछ जगहों पर लोगों के पास पीने के लिए साफ़ पानी और खाने के लिए अनाज तक की दिक्कत हो गई है। खेतों में फसलें बाढ़ के चलते तहस-नहस पड़ी हैं, तो वहीं सड़क और यातायात के भी कुछ इलाकों में ठप्प होने की बात सामने आ रही है।

क्या हैं ओडिशा के हालात?

ओडिशा सरकार द्वार जारी आंकड़ो के मुताबिक बाढ़ की वजह से अब तक राज्य में 17 लोगों की मौत हो चुकी है। तो वहीं लगभग 14 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं। लोग जान बचाने के लिए मकान की छत पर, नदियों के बांध पर या फिर राहत शिविरों में रह रहे हैं।

ओडिशा और आस-पास के राज्यों में भारी बारिश के कारण महानदी के साथ-साथ सुबर्णरेखा, बुढाबलंग, बैतरणी और ब्राह्मणी नदी में भी बाढ़ आ गई है। महानदी से निकली काठजोड़ी, देवी, पाइका नदियां भी उफ़ान पर हैं। जिस कारण राज्य के 20 ज़िले प्रभावित हुए हैं। कटक, जाजपुर, केंद्रपड़ा, खोर्धा, पूरी और भद्रक ज़िलों में स्थिति ज़्यादा गंभीर है।

इसके अलावा हीराकुंड बांध से भी प्रशासन को बड़ी मात्रा में पानी छोड़ना पड़ रहा है। राज्य सरकार के प्रमुख शासन सचिव असित त्रिपाठी ने वीडियो जारी करके कहा है कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के विभिन्न इलाकों में हुई तेज़ बारिश के बाद महानदी के हीराकुंड डैम में 9.11 लाख क्यूसेक पानी आ गया था। इसलिए, डैम से 46 गेटों के ज़रिये 7.65 लाख क्यूसेक पानी निकालना पड़ा है।

प्रशासन क्या कर रहा है?

बाढ़ प्रभावित इलाकों में ओडिशा सरकार खाने और अन्य जरूरत का सामान पहुंचाने की कोशिश कर रही है। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक़, रविवार शाम तक 357 फ्री किचन खोले गए हैं जहां 57 हज़ार लोगों को खाना दिया गया है। हालांकि कई लोगों की ये भी शिकायत है कि प्रशासन की ओर से कोई भी मदद अभी तक उन तक नहीं पहुंच पाई है।

केंद्रपड़ा और जगतसिंपुर के कुछ स्थानीय निवासियों के अनुसार इस समय खेतों में सब्ज़ी और धान की फसल लगी थी, जो बाढ़ के कारण अब पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। फसल के ऊपर लगभग 3-4 फुट का पानी बह रहा है।

एक किसान बताते हैं, “मेरा घर पानी में डूब गया है, खेत में पूरा पानी लगा है। खाने के लिए हमारे पास कुछ नहीं है। हम जैसे-तैसे अपनी जान बचाकर रिश्तेदार के घर में आए हैं, यहां भी अब पानी आ गया है। सरकार क्या मदद कर रही है, कहां खाना मिल रहा है, हमें कुछ नहीं पता।”

मध्य प्रदेश की क्या स्थिति है?

मध्य प्रदेश में पिछले दो दिन से जारी मूसलाधार बारिश के कारण होशंगाबाद सहित राज्य के कई जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। प्रदेश में स्थिति से इतनी बिगड़ गई है कि जलमग्न क्षेत्रों से लोगों को बचाने के लिए शनिवार, 29 अगस्त से एनडीआरएफ के साथ सेना भी लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

इन सब के बीच 30 अगस्त, रविवार के दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। उन्होंने प्रधानमंत्री को राज्य में बाढ़ के हालात के बारे में बताया। इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने होशंगाबाद और अन्य जिलों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया।

प्रशासन का क्या कहना है?

प्रशासन के मुताबिक, होशंगाबाद में लगभग 3,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है जबकि छिंदवाड़ा में वायुसेना के एक हेलीकाप्टर से बाढ़ में फंसे पांच लोगों को सुरक्षित निकला गया है। 12 जिलों के 411 गांवों से बाढ़ से तबाही की जानकारी है, जबकि अबतक 8 हजार से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया गया है। प्रदेश के सीहोर और छिंदवाड़ा सहित सात से अधिक जिलों में भारी बारिश के कारण तालाब और नदी, नाले उफान पर हैं।

मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जबकि उज्जैन में शिप्रा और शिवनी में गंगा नदी उफान पर हैं। बाढ़ के पानी के चलते वैनगंगा नदी के दो बड़े पुल पानी में बह गए। कई जगह पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। बाढ़ बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित छिंदवाड़ा, सिहोर, नरसिंघपुर होशंगाबाद और शाजापुर जिले हैं।

सरकारी मदद की आस में लोग

गौरतलब है कि अपने एक ट्वीट में मुख्यमंत्री ने बताया कि मां नर्मदा का ऐसा रौद्र रूप 20 साल बाद देखने को मिला है। नदी के बेसिन में हुई भारी बारिश की वजह से 12 जिलों के 454 गांव बाढ़ के पानी में घिरे हुए हैं, लेकिन जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, सेना और वायुसेना के जवानों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर करीब 11 हजार लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया गया है। प्रशासन का दावा है कि बाढ़ के चलते अपनी तक किसी की जान नहीं गई और लोगों की हर संभव मदद की जा रही है लेकिन कई समाजिक कार्यकर्ताओँ और स्थानिय लोगों के मुताबिक इस वक्त राज्य के हालात बद से बदतर हो गए हैं।

नरसिंहपुर के एक निवासी के अनुसार गांव और बस्तियां पानी में पूरी तरह से डूब गई हैं। कई इलाकों में तो पक्के मकान जलमग्न हो गए हैं और कच्चे ढह भी गए हैं। इसके अलावा कई मकानों की एक मंजिल पानी से डूब गई है जिसके चलते लोगों को ऊपरी मंजिल पर जाकर जान बचानी पड़ रही है। होशंगाबाद से पिपरिया-हरदा, सिवनी-मालवा, बैतूल का सड़क मार्ग से संपर्क कट गया। सरकारी सुविधाएं कुछ ही इलाकों तक पहुंच पा रही हैं, बाकी लोग अभी भी सरकारी मदद की आस लगाए बैठे हैं।

उधर, नर्मदा नदी के उफान पर होने के कारण सरदार सरोवर बांध के 23 गेट को खोलकर 5 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा पानी इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध से भी आ रहा है। पानी बढ़ने के साथ नर्मदा घाटी में विरोध भी शुरू हो गया है। ग्राम पिछोड़ी में डूब प्रभावितों ने नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं के साथ क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। रोजाना 10 प्रभावित अनशन पर बैठेंगे। प्रभावितों की मांग की है पहले सभी का पुनर्वास किया जाए। इसके बाद डूब थोपी जाए। 

Odisha
Madhya Pradesh
floods
Coronavirus
COVID-19
heavy rains
Heavy rain and storm
Narmada River

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

नर्मदा के पानी से कैंसर का ख़तरा, लिवर और किडनी पर गंभीर दुष्प्रभाव: रिपोर्ट

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत


बाकी खबरें

  • protest
    न्यूज़क्लिक टीम
    दक्षिणी गुजरात में सिंचाई परियोजना के लिए आदिवासियों का विस्थापन
    22 May 2022
    गुजरात के दक्षिणी हिस्से वलसाड, नवसारी, डांग जिलों में बहुत से लोग विस्थापन के भय में जी रहे हैं। विवादास्पद पार-तापी-नर्मदा नदी लिंक परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। लेकिन इसे पूरी तरह से…
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: 2047 की बात है
    22 May 2022
    अब सुनते हैं कि जीएसटी काउंसिल ने सरकार जी के बढ़ते हुए खर्चों को देखते हुए सांस लेने पर भी जीएसटी लगाने का सुझाव दिया है।
  • विजय विनीत
    बनारस में ये हैं इंसानियत की भाषा सिखाने वाले मज़हबी मरकज़
    22 May 2022
    बनारस का संकटमोचन मंदिर ऐसा धार्मिक स्थल है जो गंगा-जमुनी तहज़ीब को जिंदा रखने के लिए हमेशा नई गाथा लिखता रहा है। सांप्रदायिक सौहार्द की अद्भुत मिसाल पेश करने वाले इस मंदिर में हर साल गीत-संगीत की…
  • संजय रॉय
    महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 
    22 May 2022
    पेट्रोलियम उत्पादों पर हर प्रकार के केंद्रीय उपकरों को हटा देने और सरकार के इस कथन को खारिज करने यही सबसे उचित समय है कि अमीरों की तुलना में गरीबों को उच्चतर कीमतों से कम नुकसान होता है।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: महंगाई, बेकारी भुलाओ, मस्जिद से मंदिर निकलवाओ! 
    21 May 2022
    अठारह घंटे से बढ़ाकर अब से दिन में बीस-बीस घंटा लगाएंगेे, तब कहीं जाकर 2025 में मोदी जी नये इंडिया का उद्ïघाटन कर पाएंगे। तब तक महंगाई, बेकारी वगैरह का शोर मचाकर, जो इस साधना में बाधा डालते पाए…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License