NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ़्रांस : वामपंथी पार्टियों ने की दवाइयों के पब्लिक उत्पादन की मांग
फ़्रेंच पार्लियामेंट में लेफ़्ट ब्लॉक द्वारा एक बिल तैयार किया गया है जो आवश्यक दवाओं के स्टॉक की सप्लाई सुनिश्चित करेगा ताकि R&D की सार्वजनिक फंडिंग में पारदर्शिता क़ायम हो सके और दवाइयों और टीकों के लिए R&D से।फ़ायदा पाने वाले प्राइवेट सेक्टर पर शर्तें लागू की जा सकें।
पीपल्स डिस्पैच
22 May 2020
वामपंथी पार्टियों ने की दवाइयों के पब्लिक उत्पादन की मांग

26 मई को फ़्रांस की संसद में La France Insoumise(LFI) द्वारा तैयार किया गया एक बिल पेश किया जाएगा जो देश ने दवाइयों के सार्वजनिक उत्पादन की मांग करता है। इस बिल को राष्ट्रीय संसद में LFI सांसद कैरोलिन फ़िएट द्वारा पेश किया जाएगा। इसका प्रस्ताव LFI के डेप्युटी जैसे Jean-Luc Melenchon, Clémentine Autain, Ugo Bernalicis, Éric Coquerel, Alexis Corbiere, Fiat और LFI के अन्य सदस्यों द्वारा पेश किया गया है।

रिपोर्टों के अनुसार, बिल अनिवार्य लाइसेंसिंग प्रावधान के आसान और अधिक व्यवस्थित उपयोग की अनुमति देने का प्रस्ताव करता है। यह दवाइयों के पब्लिक उत्पादन का प्रस्ताव करता है, जिसे निम्न और मध्यम-आय वाले देशों में निर्यात या आपूर्ति के लिए अनुमति दी जाएगी।

आवश्यक दवाओं के स्टॉक की सप्लाई सुनिश्चित करेगा ताकि R&D की सार्वजनिक फंडिंग में पारदर्शिता क़ायम हो सके और दवाइयों और टीकों के लिए R&D से।फ़ायदा पाने वाले प्राइवेट सेक्टर पर शर्तें लागू की जा सकें। इसके साथ ही, यह बिल दवाइयों के नियंत्रित क़ीमत पर ज़ोर देता है, टेस्टिंग के लिए "ओपन" डायग्नोस्टिक प्लेटफ़ॉर्म के इस्तेमाल पर ज़ोर देता है और अन्य देशों में दवाइयों के निर्यात की अनुमति की भी बात करता है।

फ्रेंच कम्युनिस्ट पार्टी (PCF) जिसमें फेबियन रोसेल, मेरी जॉर्ज बफ़े, आंद्रे चसाइग्ने, जीन पॉल लेकोक़ और अन्य शामिल हैं, ने भी एक बिल का प्रस्ताव रखा है जो दवाइयों और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के उत्पादन और वितरण पर सरकार के नियंत्रण की मांग करता है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच 

France
left parties
La France Insoumise
LFI
PCF

Related Stories

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

दिल्ली: ''बुलडोज़र राजनीति'' के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरे वाम दल और नागरिक समाज

कोलकाता : वामपंथी दलों ने जहांगीरपुरी में बुलडोज़र चलने और बढ़ती सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ निकाला मार्च

फ्रांस में मैक्राँ की जीत से दुनियाभर में राहत की सांस

जहांगीरपुरी हिंसा: वाम दलों ने जारी की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट

जहांगीरपुरी हिंसा: वाम दलों ने जारी की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट, पुलिस की भूमिका पर सवाल

माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है

मॉस्को कर रहा है 'गुड कॉप, बैड कॉप' का सामना

अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन को आतंकवाद का स्रोत नहीं बनना चाहिए : भारत, फ्रांस

विशेष : पांडिचेरी के आज़ादी आंदोलन में कम्युनिस्ट पार्टी की भूमिका


बाकी खबरें

  • Oxfam report
    अब्दुल रहमान
    सरकारों द्वारा होने वाली आर्थिक हिंसा की तरह है बढ़ती असमानता- ऑक्सफ़ैम रिपोर्ट
    20 Jan 2022
    रिपोर्ट अपने दावे में कहती है कि ग़लत सरकारी नीतियों के चलते असमानता में भारी वृद्धि हुई है। शुरुआती 10 अमीर पुरुषों ने, मार्च 2020 में महामारी की शुरुआत के बाद से नवंबर 2021 तक अपनी संपत्ति दोगुनी कर…
  • election commission
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव आयोग की विश्वसनीयता ख़त्म होती जा रही है
    19 Jan 2022
    चुनाव आयोग की जो विश्वसनीयता और जो एक मज़बूती उनके नियमों में होनी चाहिए, वह इस सरकार यानी मोदी सरकार में कमज़ोर नज़र आ रही है।
  • round up
    न्यूज़क्लिक टीम
    2021 में बढ़ी आर्थिक असमानता, लगातार बढ़ते कोरोना मामले और अन्य ख़बरें
    19 Jan 2022
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हम बात करेंगे Oxfam की हालिया रिपोर्ट, कोरोना के बढ़ते मामले और अन्य ख़बरों पर।
  • rbi
    अजय कुमार
    RBI कंज्यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे: अर्थव्यवस्था से टूटता उपभोक्ताओं का भरोसा
    19 Jan 2022
    आरबीआई ने जब कंज्यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे में लोगों से यह पूछा कि भारत की अर्थव्यवस्था का हाल पहले से बेहतर है या पहले से खराब? तो खराब बताने वालों की संख्या, बेहतर बताने वालों से 57% अधिक निकली। 
  • akhilesh
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तर प्रदेश गरमाया! अखिलेश भी लड़ेंगे चुनाव!
    19 Jan 2022
    बोल की लब आज़ाद हैं तेरे के इस अंक में अभिसार शर्मा अखिलेश यादव के चुनाव लड़ने के फैसले पर बात कर रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License