NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
सरकारी बैंकों में अप्रैल-दिसंबर,19 के बीच 1.17 लाख करोड़ रुपये की धोखाधड़ी: आरटीआई
आरटीआई के तहत मुहैया कराये गये आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा वित्तीय वर्ष के शुरूआती नौ महीनों में देश का शीर्ष वाणिज्यिक बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) धोखाधड़ी का सबसे बड़ा शिकार बना।
भाषा
13 Feb 2020
Bank
Image courtesy: Jagran Josh

इंदौर : सूचना के अधिकार (आरटीआई) से प्राप्त एक जानकारी के अनुसार चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों, अप्रैल-दिसंबर,2019 के दौरान 18 सरकारी बैंकों में कुल 1.17 लाख करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 8,926 मामले सामने आये।  

प्रदेश के नीमच निवासी आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने बृहस्पतिवार को "पीटीआई-भाषा" को बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने उन्हें सूचना के अधिकार के तहत यह जानकारी दी है। 

आरटीआई के तहत मुहैया कराये गये आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा वित्तीय वर्ष के शुरूआती नौ महीनों में देश का शीर्ष वाणिज्यिक बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) धोखाधड़ी का सबसे बड़ा शिकार बना। आलोच्य अवधि में एसबीआई की ओर से 30,300.01 करोड़ रुपये की बैंकिंग धोखाधड़ी के 4,769 मामले सूचित किये गये। यह राशि इस अवधि में सरकारी बैंकों में बैंकिंग धोखाधड़ी के सूचित मामलों की कुल रकम 1,17,463.73 करोड़ रुपये की करीब 26 प्रतिशत है। 

पंजाब नेशनल बैंक द्वारा अप्रैल से दिसंबर तक बैंकिंग धोखाधड़ी के 294 मामले सूचित किये गये जिसमें 14,928.62 करोड़ रुपये की धनराशि शामिल है। इस अवधि के दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा में कुल 11,166.19 करोड़ रुपये के 250 मामले सामने आये। 

आलोच्य अवधि के दौरान इलाहाबाद बैंक में 6,781.57 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 860 मामले, बैंक ऑफ इंडिया में 6,626.12 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 161 मामले, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 5,604.55 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 292 मामले, इंडियन ओवरसीज बैंक में 5,556.64 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 151 मामले और ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में 4,899.27 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 282 मामले सूचित किये गये।

केनरा बैंक, यूको बैंक, सिंडिकेट बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक, युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक में 1,867 मामले सामने आये जिसमें कुल 31,600.76 करोड़ रुपये की धनराशि शामिल है।

आरबीआई की ओर से आरटीआई के तहत मुहैया करायी गयी जानकारी में बैंकिंग धोखाधड़ी के मामलों की प्रकृति और छल के शिकार बैंकों या उनके ग्राहकों को हुए नुकसान का विशिष्ट ब्योरा नहीं दिया गया है।

RBI
RTI
right to information
SBI
PNB बैंक
Canara Bank
UCO Bank
Syndicate Bank
Corporation Bank
Bank of Maharashtra
Central Bank of India
Andhra Bank
United Bank of India
Indian Bank
Punjab & Sind Bank

Related Stories

ओडिशा: अयोग्य शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित होंगे शिक्षक

लंबे समय के बाद RBI द्वारा की गई रेपो रेट में बढ़ोतरी का क्या मतलब है?

आम आदमी जाए तो कहाँ जाए!

महंगाई 17 महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर, लगातार तीसरे महीने पार हुई RBI की ऊपरी सीमा

रिपोर्टर्स कलेक्टिव का खुलासा: कैसे उद्योगपतियों के फ़ायदे के लिए RBI के काम में हस्तक्षेप करती रही सरकार, बढ़ती गई महंगाई 

आज़ादी के बाद पहली बार RBI पर लगा दूसरे देशों को फायदा पहुंचाने का आरोप: रिपोर्टर्स कलेक्टिव

ख़बरों के आगे-पीछे: 23 हज़ार करोड़ के बैंकिंग घोटाले से लेकर केजरीवाल के सर्वे तक..

गुजरात : एबीजी शिपयार्ड ने 28 बैंकों को लगाया 22,842 करोड़ का चूना, एसबीआई बोला - शिकायत में नहीं की देरी

DCW का SBI को नोटिस, गर्भवती महिलाओं से संबंधित रोजगार दिशा-निर्देश वापस लेने की मांग

RBI कंज्यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे: अर्थव्यवस्था से टूटता उपभोक्ताओं का भरोसा


बाकी खबरें

  • women in politics
    तृप्ता नारंग
    पंजाब की सियासत में महिलाएं आहिस्ता-आहिस्ता अपनी जगह बना रही हैं 
    31 Jan 2022
    जानकारों का मानना है कि अगर राजनीतिक दल महिला उम्मीदवारों को टिकट भी देते हैं, तो वे अपने परिवारों और समुदायों के समर्थन की कमी के कारण पीछे हट जाती हैं।
  • Indian Economy
    प्रभात पटनायक
    बजट की पूर्व-संध्या पर अर्थव्यवस्था की हालत
    31 Jan 2022
    इस समय ज़रूरत है, सरकार के ख़र्चे में बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी मेहनतकश जनता के हाथों में सरकार की ओर से हस्तांतरण के रूप में होनी चाहिए और सार्वजनिक शिक्षा व सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हस्तांतरणों से…
  • Collective Security
    जॉन पी. रुएहल
    यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?
    31 Jan 2022
    कज़ाकिस्तान में सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) का हस्तक्षेप क्षेत्रीय और दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बदलाव का प्रतीक है।
  • strike
    रौनक छाबड़ा
    समझिए: क्या है नई श्रम संहिता, जिसे लाने का विचार कर रही है सरकार, क्यों हो रहा है विरोध
    31 Jan 2022
    श्रम संहिताओं पर हालिया विमर्श यह साफ़ करता है कि केंद्र सरकार अपनी मूल स्थिति से पलायन कर चुकी है। लेकिन इस पलायन का मज़दूर संघों के लिए क्या मतलब है, आइए जानने की कोशिश करते हैं। हालांकि उन्होंने…
  • mexico
    तान्या वाधवा
    पत्रकारों की हो रही हत्याओंं को लेकर मेक्सिको में आक्रोश
    31 Jan 2022
    तीन पत्रकारों की हत्या के बाद भड़की हिंसा और अपराधियों को सज़ा देने की मांग करते हुए मेक्सिको के 65 शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License