NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
गार्गी कॉलेज यौन हमला : डीयू के छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई भी कठघरे में
क्रांतिकारी युवा संगठन के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और कॉलेज प्रिंसिपल और पुलिसकर्मियों को तुरंत बर्खास्त करने भी मांग की।
सोनिया यादव
11 Feb 2020
Gargi college protest

गार्गी कॉलेज में कल्चरल फ़ेस्टिवल के दौरान छात्राओं पर हुए यौन हमले को लेकर मंगलवार11 फरवरी को दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने नार्थ कैंपस आर्ट्स फेकल्टी के मेन गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इस मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को भी कठघरे में खड़ा किया।

क्रांतिकारी युवा संगठन के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। यौन हिंसा के खिलाफ सभी से एकजुटता दिखाते हुए छात्रों ने शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की। इस दौरान छात्रों ने जमकर नारेबाजी की,कॉलेज प्रशासन का पुतला भी फूंका। साथ ही घटना के लिए कॉलेज प्रिंसिपल और पुलिसकर्मियों को जिम्मेदार ठहराते हुए तुरंत बर्खास्त करने भी मांग की।

प्रदर्शन में शामिल मैत्री कॉलेज की छात्रा काजल ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में कहा, ‘ये बहुत ही शर्मनाक घटना है। अगर हम अपने कैंपस में ही सुरक्षित नहीं हैं तो फिर हम कहां सुरक्षित होंगे। हैरानी की बात है कि इस घटना को एक सामान्य घटना की तौर पर प्रशासन और पुलिस ले रही है लेकिन ये बहुत खौफनाक है।'

लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्रा ऋचा बताती हैं, ‘आप सोचिए ज़रा जहां देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री रहते हैं वहां से कुछ दूरी पर ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, तो हमारे देश में कानून व्यवस्था के क्या हालात हैं? कभी जामिया के छात्रों को पीटा जाता है, फिर जेएनयू में घटनाओं होती हैं और अब गार्गी में छात्राओं पर ये यौन हमला। सब पुलिस और प्रशासन की मौजुदगी में होता है लेकिन किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। ये सरकार राजधानी को नहीं सुरक्षित कर पा रही देश को क्या सुरक्षा देगी।'

प्रदर्शनकारी छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। इसमें गार्गी कॉलेज के प्रिंसिपल को तुरंत बर्खास्त करने और कॉलेज प्रशासन के अन्य अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

बता दें कि गार्गी कॉलेज में 4से 6फ़रवरी के बीच एक एनुअल फ़ेस्ट (सालाना जलसा) हुआ। फ़ेस्ट के आख़िरी दिन 6 फ़रवरी को सिंगर ज़ुबिन नौटियाल का कार्यक्रम हुआ। जिसके दौरान कुछ लड़के कॉलेज में गेट और बैरिकेड फांदकर अंदर घुस आए। आरोप है कि उन्होंने लड़कियों से बद्तमीज़ी की, छेड़छाड़ जैसी घटनाएं हुईं। इस घटना से संबंधित कई पोस्ट सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल हो रहे हैं। एक पोस्ट के मुताबिक, जो लड़के कॉलेज में घुसे वो नशे में थे और ‘जय श्री राम’ के नारे लगा रहे थे।

इस घटना के ख़िलाफ़ छात्राओं ने सोमवार10 फरवरी को कैंपस में धरना प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 452, 354, 509और 34 के तहत प्राथमिकी दर्ज की। फिलहाल पुलिस कॉलेज परिसर के सीसीटीवी कैमरों का जांच में लगी है।

IMG-20200211-WA0013.jpg

छात्राओं का आरोप है कि वारदात के दौरान पुलिस और कॉलेज प्रशासन ने शिकायत के बावजूद उनकी कोई मदद नहीं की। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने कॉलेज से प्रिंसिपल और नेटवर्क जैमर को हटाने की भी मांग की।

इसे भी पढ़े :गार्गी कॉलेज छेड़छाड़ मामला : छात्राओं का प्रदर्शन, पुलिस ने दर्ज की एफ़आईआर

गार्गी कॉलेज की एक छात्रा जो 6 फ़रवरी की शाम अपने कॉलेज फ़ेस्ट रेवरी में ज़ुबिन नौटियाल की परफॉर्मेंस देखने पहुंची थीं, उन्होंने न्यूज़क्लिक को बताया, "जब हम अंदर गए तो हमने देखा कि कैंपस में बाहर से लोग गेट फांदकर अंदर घुस रहे हैं, वो क़रीब 30-35 साल के लोग थे। उनमें से आधे नशे में थे, हमारे पास उनकी तस्वीरें हैं जिनमें वो कैंपस के अंदर सिगरेट पी रहे हैं।"

वो लड़कियों को छेड़ रहे थे और परेशान कर रहे थे। कुछ लड़कियों का कहना है कि कुछ ने तो उनके सामने मास्टरबेट तक किया। शिकायत के बाद भी प्रशासन ने इसे रोकने के लिए कुछ भी नहीं किया। रैपिड एक्‍शन फ़ोर्स (RAF) के जवान कैंपस के ठीक सामने खड़े थे, उन्होंने भी कुछ नहीं किया।"

इस संबंध में राष्ट्रीय महिला आयोग और दिल्ली महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने सोमवार को दिल्ली पुलिस और कॉलेज प्रशासन को नोटिस जारी कर के इस बारे में जवाब तलब किया है।

IMG-20200211-WA0007.jpg

स्वाति मालीवाल ने कहा, "पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। कार्रवाई करने के लिए पुलिस को आख़िर और किस तरह की शिकायत चाहिए। पिछले साल की गई शिकायत का आख़िर क्या हुआ? चूंकि पिछले साल की जांच का कोई नतीजा नहीं निकला, तो इस बार अराजक भीड़ के हौसले बढ़ गए और उसने सोचा कि अब तो वो कॉलेज कैम्पस में घुस सकती है।"

गौरतलब है कि कि इस पूरी घटना में पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की मौजूदगी में इस वारदात को अंजाम दिया गया है। पहले जामिया फिर जेएनयू और अब गार्गी की इस घटना ने छात्रों के बीच आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। एक बार फिर दिल्ली में आम आदमी पार्टी और बीजेपी शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा के मुद्दे को लेकर आमने-सामने हैं।

इसे भी पढ़े: गार्गी कॉलेज प्रकरण: अब हमले हमें डरा नहीं रहे, बल्कि एकजुट होना और बोलना सिखा रहे हैं

Gargi College
sexual harassment
Mass Molestation
Delhi University
delhi police
Ramesh Pokhriyal Nishank
MHRD
DCW
ncw
national commission for women
student protest

Related Stories

मुस्लिम विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़ अमन का संदेश देने के लिए एकजुट हुए दिल्ली के नागरिक

बिहार बजट सत्र: विधानसभा में उठा शिक्षकों और अन्य सरकारी पदों पर भर्ती का मामला 

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

बिहार : रेलवे परीक्षा परिणाम में धांधली का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों का दूसरे दिन भी प्रदर्शन

दिल्ली: प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों पर पुलिस का बल प्रयोग, नाराज़ डॉक्टरों ने काम बंद का किया ऐलान

दिल्ली: एसएससी जीडी भर्ती 2018 के अभ्यर्थियों की नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

दिल्ली: ऐक्टू ने किया निर्माण मज़दूरों के सवालों पर प्रदर्शन

सुप्रीम कोर्ट को दिखाने के लिए बैरिकेड हटा रही है सरकार: संयुक्त किसान मोर्चा


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    सद्भाव बनाए रखना मुसलमानों की जिम्मेदारी: असम CM
    17 Mar 2022
    हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि एक करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्य में मुस्लिम आबादी का 35 प्रतिशत हैं, वे अब अल्पसंख्यक नहीं, बल्कि बहुसंख्यक हैं।
  • सौरव कुमार
    कर्नाटक : देवदासियों ने सामाजिक सुरक्षा और आजीविका की मांगों को लेकर दिया धरना
    17 Mar 2022
    कलबुर्गी, विजयपुरा, विजयनगर, रायचूर, दवेंगेरे, बागलकोट, बल्लारी, यादगीर और कोप्पल ज़िलों की लगभग 1500 देवदासियों ने पुनर्वास की मांग को लेकर बेंगलुरु शहर में धरना दिया।
  • UKRAIN
    क्लाउस उलरिच
    गेहूं के निर्यात से कहीं बड़ी है यूक्रेन की अर्थव्यवस्था 
    17 Mar 2022
    1991 में सोवियत संघ से स्वतंत्रता मिलने के बाद, यूक्रेन का आर्थिक विकास भ्रष्टाचार, कैपिटल फ्लाइट और सुधारों की कमी से बाधित हुआ। हाल ही में हुए सुधारों से अब देश में रूस के युद्ध की धमकी दी जा रही…
  • भाषा
    दिल्ली हिंसा में पुलिस की भूमिका निराशाजनक, पुलिस सुधार लागू हों : पूर्व आईपीएस प्रकाश सिंह
    17 Mar 2022
    ‘पुलिस के लिये सबसे सशक्त हथियार नागरिकों का भरोसा एवं विश्वास होता है । नागरिक आपके ऊपर भरोसा तभी करेंगे जब आप उचित तरीके से काम करेंगे । ऐसे में लोगों को साथ लें । सामान्य जनता के प्रति संवेदनशील…
  • तान्या वाधवा
    कोलंबिया में राष्ट्रपति पद के दौड़ में गुस्तावो पेट्रो
    17 Mar 2022
    अलग-अलग जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक़ कोलंबिया में आगामी राष्ट्रपति चुनावों के लिए प्रगतिशील नेता गुस्तावो पेट्रो पसंदीदा उम्मीदवार हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License