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गार्गी कॉलेज यौन हमला : डीयू के छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई भी कठघरे में
क्रांतिकारी युवा संगठन के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और कॉलेज प्रिंसिपल और पुलिसकर्मियों को तुरंत बर्खास्त करने भी मांग की।
सोनिया यादव
11 Feb 2020
Gargi college protest

गार्गी कॉलेज में कल्चरल फ़ेस्टिवल के दौरान छात्राओं पर हुए यौन हमले को लेकर मंगलवार11 फरवरी को दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने नार्थ कैंपस आर्ट्स फेकल्टी के मेन गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इस मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को भी कठघरे में खड़ा किया।

क्रांतिकारी युवा संगठन के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। यौन हिंसा के खिलाफ सभी से एकजुटता दिखाते हुए छात्रों ने शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की। इस दौरान छात्रों ने जमकर नारेबाजी की,कॉलेज प्रशासन का पुतला भी फूंका। साथ ही घटना के लिए कॉलेज प्रिंसिपल और पुलिसकर्मियों को जिम्मेदार ठहराते हुए तुरंत बर्खास्त करने भी मांग की।

प्रदर्शन में शामिल मैत्री कॉलेज की छात्रा काजल ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में कहा, ‘ये बहुत ही शर्मनाक घटना है। अगर हम अपने कैंपस में ही सुरक्षित नहीं हैं तो फिर हम कहां सुरक्षित होंगे। हैरानी की बात है कि इस घटना को एक सामान्य घटना की तौर पर प्रशासन और पुलिस ले रही है लेकिन ये बहुत खौफनाक है।'

लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्रा ऋचा बताती हैं, ‘आप सोचिए ज़रा जहां देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री रहते हैं वहां से कुछ दूरी पर ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, तो हमारे देश में कानून व्यवस्था के क्या हालात हैं? कभी जामिया के छात्रों को पीटा जाता है, फिर जेएनयू में घटनाओं होती हैं और अब गार्गी में छात्राओं पर ये यौन हमला। सब पुलिस और प्रशासन की मौजुदगी में होता है लेकिन किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। ये सरकार राजधानी को नहीं सुरक्षित कर पा रही देश को क्या सुरक्षा देगी।'

प्रदर्शनकारी छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। इसमें गार्गी कॉलेज के प्रिंसिपल को तुरंत बर्खास्त करने और कॉलेज प्रशासन के अन्य अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

बता दें कि गार्गी कॉलेज में 4से 6फ़रवरी के बीच एक एनुअल फ़ेस्ट (सालाना जलसा) हुआ। फ़ेस्ट के आख़िरी दिन 6 फ़रवरी को सिंगर ज़ुबिन नौटियाल का कार्यक्रम हुआ। जिसके दौरान कुछ लड़के कॉलेज में गेट और बैरिकेड फांदकर अंदर घुस आए। आरोप है कि उन्होंने लड़कियों से बद्तमीज़ी की, छेड़छाड़ जैसी घटनाएं हुईं। इस घटना से संबंधित कई पोस्ट सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल हो रहे हैं। एक पोस्ट के मुताबिक, जो लड़के कॉलेज में घुसे वो नशे में थे और ‘जय श्री राम’ के नारे लगा रहे थे।

इस घटना के ख़िलाफ़ छात्राओं ने सोमवार10 फरवरी को कैंपस में धरना प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 452, 354, 509और 34 के तहत प्राथमिकी दर्ज की। फिलहाल पुलिस कॉलेज परिसर के सीसीटीवी कैमरों का जांच में लगी है।

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छात्राओं का आरोप है कि वारदात के दौरान पुलिस और कॉलेज प्रशासन ने शिकायत के बावजूद उनकी कोई मदद नहीं की। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने कॉलेज से प्रिंसिपल और नेटवर्क जैमर को हटाने की भी मांग की।

इसे भी पढ़े :गार्गी कॉलेज छेड़छाड़ मामला : छात्राओं का प्रदर्शन, पुलिस ने दर्ज की एफ़आईआर

गार्गी कॉलेज की एक छात्रा जो 6 फ़रवरी की शाम अपने कॉलेज फ़ेस्ट रेवरी में ज़ुबिन नौटियाल की परफॉर्मेंस देखने पहुंची थीं, उन्होंने न्यूज़क्लिक को बताया, "जब हम अंदर गए तो हमने देखा कि कैंपस में बाहर से लोग गेट फांदकर अंदर घुस रहे हैं, वो क़रीब 30-35 साल के लोग थे। उनमें से आधे नशे में थे, हमारे पास उनकी तस्वीरें हैं जिनमें वो कैंपस के अंदर सिगरेट पी रहे हैं।"

वो लड़कियों को छेड़ रहे थे और परेशान कर रहे थे। कुछ लड़कियों का कहना है कि कुछ ने तो उनके सामने मास्टरबेट तक किया। शिकायत के बाद भी प्रशासन ने इसे रोकने के लिए कुछ भी नहीं किया। रैपिड एक्‍शन फ़ोर्स (RAF) के जवान कैंपस के ठीक सामने खड़े थे, उन्होंने भी कुछ नहीं किया।"

इस संबंध में राष्ट्रीय महिला आयोग और दिल्ली महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने सोमवार को दिल्ली पुलिस और कॉलेज प्रशासन को नोटिस जारी कर के इस बारे में जवाब तलब किया है।

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स्वाति मालीवाल ने कहा, "पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। कार्रवाई करने के लिए पुलिस को आख़िर और किस तरह की शिकायत चाहिए। पिछले साल की गई शिकायत का आख़िर क्या हुआ? चूंकि पिछले साल की जांच का कोई नतीजा नहीं निकला, तो इस बार अराजक भीड़ के हौसले बढ़ गए और उसने सोचा कि अब तो वो कॉलेज कैम्पस में घुस सकती है।"

गौरतलब है कि कि इस पूरी घटना में पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की मौजूदगी में इस वारदात को अंजाम दिया गया है। पहले जामिया फिर जेएनयू और अब गार्गी की इस घटना ने छात्रों के बीच आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। एक बार फिर दिल्ली में आम आदमी पार्टी और बीजेपी शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा के मुद्दे को लेकर आमने-सामने हैं।

इसे भी पढ़े: गार्गी कॉलेज प्रकरण: अब हमले हमें डरा नहीं रहे, बल्कि एकजुट होना और बोलना सिखा रहे हैं

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