NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
जॉर्ज फ़्लॉयड हत्या मामला : चारों आरोपी पुलिस अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज
मुख्य आरोपी पर पहले लगे हत्या की धारा को बढ़ा दिया गया है, जबकि बाक़ी तीन आरोपियों जिनपर पहले कोई धारा नहीं लगी थी, उन पर हत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
04 Jun 2020
जॉर्ज फ़्लॉयड

3 जून बुधवार को जॉर्ज फ़्लॉयड की हत्या के मामले में मिनियापोलिस के चारों पूर्व पुलिस कर्मियों पर हत्या की धाराओं के तहत मामले दर्ज कर लिए गए हैं। ये जानकारी मिनसोटा के अटॉर्नी जनरल कीथ एलिसन ने दी।

इस मामले के मुख्य आरोपी डेरेक शौविन पर अब सेकंड डिग्री हत्या का मामला चलाया जाएगा। बाक़ी तीन आरोपी पुलिसवालों पर हत्या में साथ देने और उकसाने के मामले चलाये जाएंगे।

ये ऐलान देश भर में 8 दिन से हो रहे व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद किया गया है। जब हत्या का वीडियो सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारित हुआ, उसके कुछ ही घंटों बाद चारों पुलिस कर्मियों को बर्ख़ास्त कर दिया गया था। हालांकि सिर्फ़ शौविन पर सेकंड डिग्री होमिसाइड और थर्ड डिग्री मर्डर की धारा लगाई गई थी।

शौविन जिसने फ़्लॉयड की हत्या के दौरान 9 मिनट तक उनकी गर्दन को घुटने से दबाया था। शौविन पर पिछली धाराओं के साथ नई धाराओं के तहत मुक़दमा चलाया जाएगा। जहाँ पहले शौविन को 15 साल की सज़ा होती, अब उसे ज़्यादा से ज़्यादा 40 साल की सज़ा होगी। इसी दौरान बाक़ी तीनों आरोपी थॉमस लेन, जे एलेग्जेंडर और टू थाओ के नाम के भी अरेस्ट वारंट जारी कर दिए गए हैं।

एलिसन ने यह भी कहा कि उन्होंने तीनों की ज़मानत के लिए 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रक़म तय की है। उन्होंने कहा कि अद्यतन आरोप और अतिरिक्त जमानत न्याय के हित में है। लेकिन उन्होंने एक चेतावनी नोट भी जोड़ा। उन्होंने मीडिया से कहा कि उन्हें पता है कि न्याय की लड़ाई लंबी होगी। उन्होंने आगे कहा, "चारों पर आरोप साबित करना मुश्किल होगा। इतिहास गवाह है कि इसमें कितनी चुनौतियां होती हैं।"

विभिन्न स्वतंत्र स्रोतों के अनुसार, 2015 से प्रतिवर्ष पुलिस हत्याओं के औसतन 900 से अधिक मामलों के सामने आने के बावजूद, आरोपियों के केवल एक हिस्से पर आरोप लगाया जाता है और मुट्ठी भर लोगों को सजा मिली है। मिनेसोटा राज्य में, जहां फ्लॉयड की मौत हुई थी, अब तक केवल एक पुलिस अधिकारी को ड्यूटी पर रहते हुए एक नागरिक की हत्या करने का दोषी ठहराया गया है।

George Floyd
George floyd Murder
USA Police
USA
Protest in USA

Related Stories

युवा श्रमिक स्टारबक्स को कैसे लामबंद कर रहे हैं

अमेरिका में फ्लॉयड की बरसी पर रखा गया मौन, निकाली गईं रैलियां

अमेरिकी नागरिक समाज समूह ने "प्रोटेक्ट द रिज़ल्ट" के लिए देशव्यापी प्रदर्शन की योजना बनाई

अमेरिका में पुलिस द्वारा एक किशोर की हत्या के बाद ताज़ा विरोध प्रदर्शन

अमेरिका में नस्लवाद-विरोध तेज़ होने के साथ प्रदर्शनकारियों पर हिंसा बढ़ी

अमेरिकी बहुत ही चालाक हैं, हमें ट्विटर पर आंदोलन करना सिखा दिया और खुद सड़क पर निकले हैं

अमेरिका को जो चिंगारी जला रही है उसका बारूद सदियों से तैयार होते आ रहा है

Black Lives Matter और अन्य अधिकार  संगठनों ने प्रदर्शनकारियों पर हमले के लिए ट्रंप पर मुक़दमा दायर किया

जॉर्ज फ़्लॉयड के लिए विरोध का ‘सही वक़्त’ क्या है?

अमेरिका में क्यों टूट जाती है इंसाफ़ की उम्मीद !


बाकी खबरें

  • निखिल करिअप्पा
    कर्नाटक : कच्चे माल की बढ़ती क़ीमतों से प्लास्टिक उत्पादक इकाईयों को करना पड़ रहा है दिक़्क़तों का सामना
    02 May 2022
    गलाकाट प्रतियोगिता और कच्चे माल की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी ने लघु औद्योगिक इकाईयों को बहुत ज़्यादा दबाव में डाल दिया है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिजली संकट को लेकर आंदोलनों का दौर शुरू
    02 May 2022
    पूरा देश इन दिनों बिजली संकट से जूझ रहा है। कोयले की प्रचुर मात्रा होने के बावजूद भी पावर प्लांट में कोयले की कमी बनी हुई है। इसे लेकर देश के कई इलाके में विरोध शुरू हो गए हैं।  
  • सतीश भारतीय
    मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में सैलून वाले आज भी नहीं काटते दलितों के बाल!
    02 May 2022
    भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 भारत के हर नागरिक को समानता का दर्जा देता है। मगर हक़ीक़त यह है कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी दलित आवाम असमानताओं में जीने को विवश है। आज भी ऊंची जाति ने दलित समाज को सिर के…
  • पीपल्स डिस्पैच
    "एएलबीए मूल रूप से साम्राज्यवाद विरोधी है": सच्चा लोरेंटी
    02 May 2022
    एएलबीए मूवमेंट्स की तीसरी कंटिनेंटल असेंबली के दौरान संबद्ध मंचों ने एकता स्थापित करने और साम्राज्यवाद व पूंजीवाद के ख़िलाफ़ एक साथ लड़ने की अहमियत के बारे में चर्चा की।
  • राजु कुमार
    6 से 9 जून तक भोपाल में होगी 17वीं अखिल भारतीय जन विज्ञान कांग्रेस
    02 May 2022
    “भारत का विचार : वैज्ञानिक स्वभाव, आत्मनिर्भरता और विकास“ के साथ-साथ देश की वर्तमान चुनौतियों पर मंथन एवं संवाद के लिए 600 से अधिक जन विज्ञान कार्यकर्ता एवं वैज्ञानिक शिरकत करेंगे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License