NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
अमेरिका
फ्लॉयड हत्या मामला: सात जूरी सदस्यों से फिर से होंगे सवाल-जवाब
मिनियापोलिस सिटी काउंसिल के फ्लॉयड के परिवार के साथ दो करोड़ 27 लाख डॉलर में समझौता करने संबंधी घोषणा पिछले सप्ताह की गई थी। नेल्सन ने जूरी के चयन की प्रक्रिया के बीच आए इस समाचार को ‘‘बहुत व्यथित करने वाला’’ और ‘‘अनुचित’’ बताया था।
एपी
17 Mar 2021
George Floyd

मिनियापोलिस (अमेरिका): मिनियापोलिस के पूर्व पुलिस अधिकारी की संलिप्तता वाले, अफ्रीकी-अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या मामले की सुनवाई को बुधवार को तब झटका लगा कि जज ने यह तय करने के लिए सात जूरी सदस्यों से फिर से सवाल-जवाब करने का फैसला किया कि वे फ्लॉयड के परिवार के साथ दो करोड़ 27 लाख डॉलर के समझौते के समाचार से प्रभावित हुए हैं या नहीं।

हेन्नेपिन काउंटी जज पीटर काहिल वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जूरी सदस्यों से सवाल करेंगे। जज ने यह फैसला आरोपी पूर्व पुलिस अधिकारी डेरेक चौविन के वकील एरिक नेल्सन के अनुरोध पर किया है।

मिनियापोलिस सिटी काउंसिल के फ्लॉयड के परिवार के साथ दो करोड़ 27 लाख डॉलर में समझौता करने संबंधी घोषणा पिछले सप्ताह की गई थी। नेल्सन ने जूरी के चयन की प्रक्रिया के बीच आए इस समाचार को ‘‘बहुत व्यथित करने वाला’’ और ‘‘अनुचित’’ बताया था।

नेल्सन ने मामले की सुनवाई स्थगित किए जाने का भी अनुरोध किया था, जिस पर काहिल विचार कर रहे हैं। काहिल ने मामले में दलीलें सुनने की शुरुआत के लिए 29 मार्च की तारीख तय की थी, लेकिन पहले से ही चुन लिए गए कुछ जूरी सदस्यों को हटाए जाने से यह तिथि टल सकती है।

जूरी में नौ सदस्यों को मंगलवार तक चुन लिया गया था और कुल 14 लोगों को चुना जाना है।

चौविन ने फ्लॉयड की गर्दन पर नौ मिनट तक अपना घुटना रखा था, जिसके बाद फ्लॉयड को 25 मई को मृत घोषित कर दिया गया था। इस घटना को लेकर बाद देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे।

George floyd Murder
George Floyd
USA
Black Lives Matter

Related Stories

क्या है तालिबान, क्या वास्तव में उसकी छवि बदली है?

अमेरिका में फ्लॉयड की बरसी पर रखा गया मौन, निकाली गईं रैलियां

हमारे समाज और सिस्टम की हक़ीक़त से रूबरू कराती हैं मॉब लिंचिंग की घटनाएं!

अमेरिका में अपहरण के दोषी भारतीय मूल के ऊबर चालक को तीन साल की सज़ा

अमेरिका में सिख परिवार के चार सदस्यों की गोली मारकर हत्या


बाकी खबरें

  • अनिंदा डे
    मैक्रों की जीत ‘जोशीली’ नहीं रही, क्योंकि धुर-दक्षिणपंथियों ने की थी मज़बूत मोर्चाबंदी
    28 Apr 2022
    मरीन ले पेन को 2017 के चुनावों में मिले मतों में तीन मिलियन मत और जुड़ गए हैं, जो  दर्शाता है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद धुर-दक्षिणपंथी फिर से सत्ता के कितने क़रीब आ गए थे।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे
    28 Apr 2022
    महामारी के भयंकर प्रकोप के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक सर्कुलर जारी कर 100 दिन की 'कोविड ड्यूटी' पूरा करने वाले कर्मचारियों को 'पक्की नौकरी' की बात कही थी। आज के प्रदर्शन में मौजूद सभी कर्मचारियों…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में आज 3 हज़ार से भी ज्यादा नए मामले सामने आए 
    28 Apr 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,303 नए मामले सामने आए हैं | देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 0.04 फ़ीसदी यानी 16 हज़ार 980 हो गयी है।
  • aaj hi baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    न्यायिक हस्तक्षेप से रुड़की में धर्म संसद रद्द और जिग्नेश मेवानी पर केस दर केस
    28 Apr 2022
    न्यायपालिका संविधान और लोकतंत्र के पक्ष में जरूरी हस्तक्षेप करे तो लोकतंत्र पर मंडराते गंभीर खतरों से देश और उसके संविधान को बचाना कठिन नही है. माननीय सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कथित धर्म-संसदो के…
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र: एक कवि का बयान
    28 Apr 2022
    आजकल भारत की राजनीति में तीन ही विषय महत्वपूर्ण हैं, या कहें कि महत्वपूर्ण बना दिए गए हैं- जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र। रात-दिन इन्हीं की चर्चा है, प्राइम टाइम बहस है। इन तीनों पर ही मुकुल सरल ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License