NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायल के छापे और फ़िलीस्तीनी नेताओं व कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी की वैश्विक निंदा
कई संगठनों ने सोमवार को देर रात छापेमारी में गिरफ्तार किए गए सभी फिलिस्तीनी नेताओं और कार्यकर्ताओं की जल्दी और बिना शर्त रिहाई का आह्वान किया है। साथ ही सभी फिलिस्तीनी राजनीतिक क़ैदियों और प्रशासनिक बंदियों के लिए रिहाई की मांग की है।
पीपल्स डिस्पैच
03 Nov 2020
khitam

2 नवंबर की रात क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक के विभिन्न हिस्सों में इजरायली सेना द्वारा फिलिस्तीनी महिला अधिकारों और वामपंथी नेताओं के साथ-साथ कुछ पूर्व राजनीतिक क़ैदियों की गिरफ्तारी और अपहरण को लेकर अरब-मगरिब क्षेत्र की महिला संगठनों और फिलिस्तीनी वामपंथी संगठनों ने कड़ी निंदा की है।

इज़रायली सेना द्वारा गिरफ्तार की गई महिलाओं में से एक पैलेस्टिनियन वीमेन्स कमेटी की अध्यक्षा ख़ितम साफ़िन हैं। एक अन्य महिला की पहचान छात्र नेता शाता अल-तवील के रूप में हुई है। साफिन जिन्होंने जनरल यूनियन ऑफ पैलेस्टिनियन वीमेन के जनरल सेक्रेटरी के सदस्य के रूप में भी सेवा करती हैं उनको उनके घर से पश्चिमी रामल्ला के बेतुनिया शहर गिरफ़्तार किया गया जबकि अल-तवील को अल बिरह शहर में उनके घर से अपहरण कर लिया गया। पश्चिम बैंक में कई अन्य प्रमुख सामुदायिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को इसी छापेमारी में हिरासत में लिया गया था।

फिलिस्तीनी नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियों और छापेमारी की निंदा करने वाले बयान पर हस्ताक्षर करने वाले संगठनों में पैलेस्टिनियन वर्किंग वीमेन कमेटी यूनियन, यूनियन ऑफ पैलेस्टिनियन वीमेन्स कमेटी, वर्ल्ड मार्च ऑफ वीमेन्स (एमईएनए क्षेत्र), वीमेन्स सेक्टर- डेमोक्रेटिक वे (मोरक्को) और जिन वीमेन एसोसिएशन (लेबनान) शामिल है।

अपहृत नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ इज़रायल की जेलों और हिरासत केंद्रों में बिना किसी आरोप या मुकदमे के बंद सभी अन्य फिलिस्तीनी राजनीतिक क़ैदियों और प्रशासनिक बंदियों के साथ एकजुटता दिखाते हुए इन संगठनों ने मानवाधिकारों और महिलाधिकार संगठनों सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि मनमाने ढंग से हिरासत के शिकार कॉमरेड खितम साफिन और सभी क़ैदियों को रिहा करने के लिए इज़रायल पर दबाव डाले और साथ ही महिला नेताओं को निशाना बनाने की नीति को रोकने और प्रशासनिक हिरासत की नीति को रोकने के लिए क़दम उठाए।"

उन्होंने इज़रायल द्वारा ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से जेल में रखे जा रहे खितम साफिन और अन्य सभी फिलिस्तीनी क़ैदियों को रिहा करने की मांग के लिए एक क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता अभियान शुरू करने का आह्वान किया। इस बयान में ज़ोर देकर कहा गया है कि इज़रायल की सैनिकों द्वारा ये अवैध और मनमानी गिरफ्तारियां और हिरासत चौथे जिनेवा सम्मेलन का घोर उल्लंघन है।

इस बात पर जोर दिया गया है कि रात के समय छापेमारी के दौरान होने वाला एक्सट्रा-ज्यूडिशियल एबडक्शन इन नेताओं और कार्यकर्ताओं के मानवाधिकारों और नागरिक अधिकारों का इजरायल द्वारा स्पष्ट और जबरन उल्लंघन है। ये इज़रायल के क़ब्ज़े और नस्लभेद के ख़िलाफ़ प्रतिरोध को दबाने के लिए भय पैदा करने के उद्देश्य से किया गया है।

Israel
Palestine
West Bank

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • अनिंदा डे
    मैक्रों की जीत ‘जोशीली’ नहीं रही, क्योंकि धुर-दक्षिणपंथियों ने की थी मज़बूत मोर्चाबंदी
    28 Apr 2022
    मरीन ले पेन को 2017 के चुनावों में मिले मतों में तीन मिलियन मत और जुड़ गए हैं, जो  दर्शाता है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद धुर-दक्षिणपंथी फिर से सत्ता के कितने क़रीब आ गए थे।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे
    28 Apr 2022
    महामारी के भयंकर प्रकोप के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक सर्कुलर जारी कर 100 दिन की 'कोविड ड्यूटी' पूरा करने वाले कर्मचारियों को 'पक्की नौकरी' की बात कही थी। आज के प्रदर्शन में मौजूद सभी कर्मचारियों…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में आज 3 हज़ार से भी ज्यादा नए मामले सामने आए 
    28 Apr 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,303 नए मामले सामने आए हैं | देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 0.04 फ़ीसदी यानी 16 हज़ार 980 हो गयी है।
  • aaj hi baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    न्यायिक हस्तक्षेप से रुड़की में धर्म संसद रद्द और जिग्नेश मेवानी पर केस दर केस
    28 Apr 2022
    न्यायपालिका संविधान और लोकतंत्र के पक्ष में जरूरी हस्तक्षेप करे तो लोकतंत्र पर मंडराते गंभीर खतरों से देश और उसके संविधान को बचाना कठिन नही है. माननीय सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कथित धर्म-संसदो के…
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र: एक कवि का बयान
    28 Apr 2022
    आजकल भारत की राजनीति में तीन ही विषय महत्वपूर्ण हैं, या कहें कि महत्वपूर्ण बना दिए गए हैं- जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र। रात-दिन इन्हीं की चर्चा है, प्राइम टाइम बहस है। इन तीनों पर ही मुकुल सरल ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License