NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
गूगल और अल्फ़ाबेट के कर्मचारियों ने यूएस में पहली यूनियन का गठन किया
गूगल के सैन फ्रांसिस्को बे एरिया के कार्यालयों के 200 से अधिक कर्मचारियों ने यूएस में इस कंपनी के ऐसे पहले यूनियन का गठन किया है जो नियमित तौर पर यूनियन को भुगतान करेंगे।
पीपल्स डिस्पैच
05 Jan 2021
गूगल और अल्फ़ाबेट के कर्मचारियों ने यूएस में पहली यूनियन का गठन किया

गूगल और इसकी प्रमुख कंपनी अल्फाबेट के कर्मचारियों ने सोमवार 4 जनवरी को अमेरिका में कंपनी के पहले यूनियन का गठन किया है। इस यूनियन का नाम अल्फाबेट वर्कर्स यूनियन (एडब्ल्यूयू) रखा गया है जो कम्युनिकेशन वर्कर्स ऑफ अमेरिका (सीडब्ल्यूए) से संबद्ध होगी और यह कम्पैन टू ऑर्गनाईज डिजिटल एम्प्लाइज (सीओडी-सीडब्ल्यूए) की सहायता से स्थापित किया गया। प्रारंभ में एडब्ल्यूयू के 227 सदस्य हैं और इस टेक दिग्गज कंपनी में यह पहला ऐसा यूनियन है जिसके सदस्य नियमित भुगतान करेंगे।

यूनियन के अधिकांश सदस्य कैलिफोर्निया में सैन फ्रांसिस्को बे एरिया और कुछ मैसाचुसेट्स के कैम्ब्रिज में केंद्रित हैं। सदस्यों ने संगठन को बकाया के रूप में अपनी क्षतिपूर्ति का 1 प्रतिशत साझा करने का वादा किया है।

अपनी नई लॉन्च की गई वेबसाइट में एडब्ल्यूयू ने कहा है कि इसके उद्देश्यों में निष्पक्ष और समावेशी कार्य वातावरण, दुर्व्यवहार, भेदभाव, उत्पीड़न और प्रतिशोध करने वालों को पकड़ कर जिम्मेदार ठहरान, सभी कर्मचारियों के लिए समान लाभ और किसी की आस्था का उल्लंघन करने वाले कार्यों के लिए उस कार्य से इनकार करने का अधिकार शामिल है। पूर्णकालिक कर्मचारियों के अलावा ये यूनियन विक्रेताओं, अस्थायी कर्मचारियों और ठेकेदारों सहित सभी प्रकार के श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करना चाहता है।

सदस्यतों की संख्या अभी भी अल्फाबेट में कार्यरत 100,000 से अधिक कर्मचारियों का एक छोटा सा हिस्सा है। नेशनल लेबर रिलेशन्स बोर्ड (एनएलआरबी) द्वारा कलेक्टिव बार्गेनिंग राइट्स के साथ आधिकारिक यूनियन के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए आवश्यक प्रतिशत अभी भी 30 प्रतिशत की सीमा से कम है। लेकिन इस यूनियन के नेता और सीडब्ल्यूए अभी मान्यता प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि यह कदम कंपनी में श्रमिकों को संगठित करने के लिए पहला कदम होगा।

एडब्ल्यूए के नवनिर्वाचित अध्यक्ष पारुल कॉल और उपाध्यक्ष चेवी शॉ ने न्यूयॉर्क टाइम्स के ऑप-एड में लिखा, "ये यूनियन यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेगा कि श्रमिक यह जानें कि वे क्या काम कर रहे हैं और दुर्व्यवहार, प्रतिशोध या भेदभाव के डर के बिना एक उचित वेतन पर वे क्या कर सकते हैं।”

यह कदम गूगल और अल्फाबेट कर्मचारियों द्वारा यौन उत्पीड़न के मामलों को लेकर कथित रूप से घटिया निर्णय के लिए जिम्मेदार कंपनी और रक्षा उद्योग के साथ इसके विवादास्पद अनुबंधों के खिलाफ सक्रियता के कई वर्षों बाद उठाया गया है। इस कंपनी पर वर्तमान में ये आरोप लगाया गया है कि इसने उन कर्मचारियों पर प्रतिशोध की कार्रवाई की जिन्होंने कार्यस्थल पर उत्पीड़न के खिलाफ वैश्विक वॉकआउट में कर्मचारियों को संगठित किया। उधर एनएलआरबी ने इस कंपनी को यूनियन की शक्ति को कम करने वाला पाया।

google
Alphabet
Alphabet Workers Union
COD-CWA

Related Stories

भारती एयटेल में एक अरब डॉलर का निवेश करेगी गूगल, 1.28 फीसदी हिस्सेदारी भी खरीदेगी

मोदी का मेक-इन-इंडिया बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा श्रमिकों के शोषण का दूसरा नाम

डेटा निजता विधेयक: हमारे डेटा के बाजारीकरण और निजता के अधिकार को कमज़ोर करने का खेल

इससे पहले बड़ी टेक कंपनियां क़ाबू से बाहर हो जाएं, उन पर लगाम कसने की ज़रूरत!

फेसबुक ने ऑस्ट्रेलिया में भले अपनी दुकान बंद कर ली मगर दुनिया के सामने बहुत गहरे सवाल खोल दिए!

टिकटॉक पर प्रतिबंध और ट्रंप की जबरन उगाही की नीतियां

चीन के ख़िलाफ़ अमेरिका की तकनीकी जंग और 5G की युद्धभूमि

विशाल टेक कम्पनियाँ, मृत लोकतंत्र

आत्मनिर्भर भारत से "रिलायंस इंडिया" तक

JIO-FB-Google: हमारे डेटा पर किसका कंट्रोल?


बाकी खबरें

  • Fab and Ceat
    सोनिया यादव
    विज्ञापनों की बदलती दुनिया और सांप्रदायिकता का चश्मा, आख़िर हम कहां जा रहे हैं?
    23 Oct 2021
    विकासवादी, प्रगतिशील सोच वाले इन विज्ञापनों से कंपनियों को कितना फायदा या नुकसान होगा पता नहीं, लेकिन इतना जरूर है कि ये समाज में सालों से चली आ रही दकियानुसी परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ-साथ…
  • Georgia
    एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन को रूस से संबंध का पूर्वानुमान
    23 Oct 2021
    रूसी और चीनी रणनीतियों में समानताएं हैं और संभवतः उनमें परस्पर एक समन्वय भी है। 
  • Baghjan Oilfield Fire
    अयस्कांत दास
    तेल एवं प्राकृतिक गैस की निकासी ‘खनन’ नहीं : वन्यजीव संरक्षण पैनल
    23 Oct 2021
    इस कदम से कुछ बेहद घने जंगलों और उसके आस-पास के क्षेत्रों में अनियंत्रित ढंग से हाइड्रोकार्बन के दोहन का मार्ग प्रशस्त होता है, जो तेल एवं प्राकृतिक गैस क्षेत्र में कॉर्पोरेट दिग्गजों के लिए संभावित…
  • Milton Cycle workers
    न्यूज़क्लिक टीम
    वेतन के बग़ैर मिल्टन साइकिल के कर्मचारी सड़क पर
    23 Oct 2021
    सोनीपत के मिल्टन साइकिल कंपनी के कर्मचारी पिछले छह महीने से अपनी तनख़्वाह का इंतज़ार कर रहे है। संपत्ति को लेकर हुए विवाद के बाद मिल्टन के मालिकों ने फ़ैक्ट्री बंद कर दी लेकिन कर्मचारियों का न वेतन…
  • COVID
    उज्जवल के चौधरी
    100 करोड़ वैक्सीन डोज़ : तस्वीर का दूसरा रुख़
    23 Oct 2021
    एक अरब वैक्सीन की ख़ुराक पूरी करने पर मीडिया का उत्सव मनाना बचकाना तो है साथ ही गलत भी है। अब तक भारत की केवल 30 प्रतिशत आबादी को ही पूरी तरह से टीका लगाया गया है, और इस आबादी में से एक बड़ी संख्या ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License