NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
सरकारी डॉक्टरों ने अभद्रता का आरोप लगाते हुये दिया इस्तीफा
सीमित संसाधनों में काम करने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों पर अभद्रता और शोषण का आरोप लगाते हुये प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ से जुड़े 14 डॉक्टरों ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव में सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है ।
भाषा
13 May 2021
 सरकारी डॉक्टरों ने अभद्रता का आरोप लगाते हुये दिया इस्तीफा

उन्नाव (उप्र) : सीमित संसाधनों में काम करने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों पर अभद्रता और शोषण का आरोप लगाते हुये प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ से जुड़े 14 डॉक्टरों ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव में सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है ।

यह डॉक्टर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के प्रभारी हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वे जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी से वार्ता होने तक कोरोना संबंधित कार्यो में कोई बाधा नही डालेंगे ।

बुधवार शाम प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (पीएमएस) के सचिव डॉ संजीव के नेतृत्व में 14 सीएचसी और पीएचसी के प्रभारियों ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर अपने प्रभारी पद से मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की अनुपस्थित में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) डॉ तन्‍मय कक्‍कड़ को इस्‍तीफा सौंपकर गंभीर आरोप लगाए थे।

इन लोगों ने इस्तीफे की प्रति अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य), महानिदेशक (स्वास्थ्य), अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के साथ ही जिलाधिकारी (डीएम) को भी भेजी है।

सामूहिक इस्‍तीफा देने वाले चिकित्सकों का आरोप है कि कोरोना वायरस के काल में विपरीत परिस्थितियों में काम करने के बावजूद मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना के साथ अधिकारी बेवजह कार्रवाई कर दबाव बना कर अभद्रता करते हैं।

उन्होंने अधिकारियों पर बेवजह दबाव बनाने का आरोप लगाते हुये कहा कि डॉक्टरों का वेतन आदि रोककर आर्थिक शोषण किया जा रहा है। इस्‍तीफे की प्रति में आरोप लगाया गया है कि प्रशासनिक अधिकारियों के दंडात्मक आदेश, अमर्यादित व्यवहार और स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के असहयोगात्मक रवैये के कारण प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों के विरुद्ध बिना आरोप पत्र दिए व स्पष्टीकरण मांगे दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।

डॉ संजीव ने बताया, “ यह लड़ाई प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (पीएमएस) के बैनर तले नहीं लड़ी जायेगी। यह लड़ाई हम प्रभारियों की है, जिसे हम सभी मिलकर लड़ रहे हैं।”

डॉ संजीव ने बताया कि बृहस्पतिवार को डीएम के साथ वार्ता होनी है।

उधर, सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार ने बताया कि सभी सीएचसी और पीएचसी के प्रभारी काम पर वापस आ गये हैं और अभद्रता करने के आरोप गलत है।

उन्होंने कहा, “इस तरह की बातें हम नहीं करते हैं, आगे हम सब मिलकर काम करेंगे।”


बाकी खबरें

  • kisan andolan
    राजेंद्र शर्मा
    ओये किसान, तू तो बड़ा चीटिंगबाज़ निकला!
    27 Nov 2021
    कटाक्ष: बेचारे मोदी जी को साल भर, जी हां पूरे साल भर, इसके सब्ज़बाग़ दिखाए कि बस, तीन कानूनों की वापसी की ही बात है। तीन कानून बस। इधर कानून वापस हुए और उधर बार्डर खाली, लेकिन...
  •  Prayagraj murder and rape case
    सोनिया यादव
    यूपी: प्रयागराज हत्या और बलात्कार कांड ने प्रदेश में दलितों-महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठाए सवाल!
    27 Nov 2021
    इस घटना के बाद एक बार विपक्ष खस्ता कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमलावर है, तो वहीं सरकार इस मामले में फिलहाल चुप्पी साधे हुए है। हालांकि राज्य में एक के बाद एक घटित हो रही ऐसी घटनाएं सरकार के '…
  • ncrt
    गौरी आनंद
    ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए NCERT वेबसाइट पर डाली गई शिक्षक प्रशिक्षण नियमावली को हटाया गया, LGBTQ+ समूहों ने किया विरोध
    27 Nov 2021
    700 से ज़्यादा लोगों द्वारा हस्ताक्षरित पत्र को सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को भेजा गया।
  • farming
    डॉ. ज्ञान सिंह
    किसानों की बदहाली दूर करने के लिए ढेर सारे जायज कदम उठाने होंगे! 
    27 Nov 2021
    केवल 3 कृषि कानूनों को वापस ले लेने से ही छोटे किसानों, खेतिहर मजदूरों और ग्रामीण कारीगरों की दुर्दशा में सुधार नहीं होने जा रहा है। भारी कर्ज और बेहद गरीबी में जी रहे किसानों की भलाई के लिए ढेर सारे…
  • poverty
    भरत डोगरा
    डेटा: ग़रीबी कम करने में नाकाम उच्च विकास दर
    27 Nov 2021
    सरकार को असमानता को कम करना चाहिए और जीडीपी विकास दर को बढ़ा-चढ़ा कर पेश नहीं करना चाहिए। ग़रीबों को कोने में धकेलते हुए उनकी क़ीमत पर, आय और पूंजी को चंद मुट्ठियों में जमा किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License