NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सरकार ने मानसून सत्र में पेश करने के लिये 23 नये विधेयक सूचीबद्ध किये
सरकार ने 18 दिनों के सत्र के दौरान जिन अध्यादेशों को विधेयक के रूप में पारित कराने की योजना बनाई है, वे 11 संबंधित अध्यादेश का स्थान लेंगे।
भाषा
11 Sep 2020
मानसून सत्र

नयी दिल्ली: सरकार ने सोमवार से शुरू होने वाले संसद के मानसूत्र सत्र के दौरान पेश करने के लिये 23 नये विधेयक सूचीबद्ध किये हैं जो 11 संबंधित अध्यादेश का स्थान लेंगे।

सरकार ने 18 दिनों के सत्र के दौरान जिन अध्यादेशों को विधेयक के रूप में पारित कराने की योजना बनाई है, उनमें से एक स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हिंसा की रोकथाम से जुड़े कदमों से संबंधित अध्यादेश है।

इस अध्यादेश में कोविड-19 से मुकाबला करने के लिये तैनात स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हिंसा और उन्हें परेशान करने के कार्यों को गैर जमानती अपराध करार दिया गया है और इसमें अधिकतम सजा सात वर्ष कारावास और पांच लाख रूपये जुर्माने का प्रावधान है।

इसमें डाक्टरों, नर्सों, आशाकर्मियों सहित स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा का प्रावधान है।

एक अन्य अध्यादेश 1 अप्रैल 2020 से एक वर्ष के लिये सांसदों के वेतन में 30 प्रतिशत कटौती करने से जुड़ा है और इसके स्थान पर भी एक विधेयक लाया जायेगा। इससे प्राप्त राशि का उपयोग कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में किया जायेगा ।

किसान उत्पाद कारोबार एवं वाणिज्य (प्रोत्साहन एवं सुविधा) विधेयक 2020 को हाल में जारी एक अध्यादेश के स्थान पर लाया जायेगा जिसमें एक ऐसी व्यवस्था तैयार करने का दावा किया गया है जहां किसानों और कारोबारियों को अपने उत्पाद की बिक्री और खरीद में अपनी पसंद की स्वतंत्रता हो ताकि उन्हें वैकिल्पिक प्रतिस्पर्धी कारोबारी माध्यमों से उचित मूल्य प्राप्त हो सके। इसमें किसानों को बाधा मुक्त एवं पारदर्शी वातावरण में उत्पादों के संबंध में अंतर राज्यीय कारोबार और वाणिज्य की सुविधा हो।  

सदन में जम्मू कश्मीर आधिकारिक भाषा विधेयक 2020 भी पेश किया जायेगा जिसमें इस केंद्र शासित प्रदेश की आधिकारिक भाषा के रूप में वर्तमान उर्दू और अंग्रेजी के अलावा कश्मीरी, डोगरी और हिन्दी का भी प्रस्ताव किया गया है।

लोकसभा की बुलेटिन के अनुसार, निचले सदन में वर्ष 2020-21 के लिये अनुदान की अनुपूरक मांगों का पहला बैच चर्चा एवं पारित होने के लिये पेश किया जायेगा। इसमें वर्ष 2016-17 के अधिशेष अनुदान की मांगों पर भी चर्चा और मतदान कराया जायेगा।

इसमें कहा गया है कि सत्र के दौरान बहु राज्य सहकारी सोसायटी संशोधन विधेयक 2020 भी पेश किये जाने के लिये सूचीबद्ध है। इसके अलावा आढ़त नियमन विधेयक 2020 भी पेश किया जा सकता है।

सत्र के दौरान मैला ढोने संबंधी काम को निषेध करने और उनके पुनर्वास संशोधन विधेयक 2020 को भी पेश किये जाने के लिये सूचीबद्ध किया गया है।

Monsoon Session of Parliament
COVID-19
Jammu and Kashmir
lok sabha
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है


बाकी खबरें

  • एम.ओबैद
    एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे
    26 Apr 2022
    चयनित शिक्षक पिछले एक महीने से नियुक्ति पत्र को लेकर प्रदेश भर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन मांग पूरी न होने पर अंत में आमरण अनशन का रास्ता चयन किया।
  • अखिलेश अखिल
    यह लोकतांत्रिक संस्थाओं के पतन का अमृतकाल है
    26 Apr 2022
    इस पर आप इतराइये या फिर रुदाली कीजिए लेकिन सच यही है कि आज जब देश आज़ादी का अमृतकाल मना रहा है तो लोकतंत्र के चार प्रमुख स्तम्भों समेत तमाम तरह की संविधानिक और सरकारी संस्थाओं के लचर होने की गाथा भी…
  • विजय विनीत
    बलिया पेपर लीक मामला: ज़मानत पर रिहा पत्रकारों का जगह-जगह स्वागत, लेकिन लड़ाई अभी बाक़ी है
    26 Apr 2022
    "डबल इंजन की सरकार पत्रकारों को लाठी के जोर पर हांकने की हर कोशिश में जुटी हुई है। ताजा घटनाक्रम पर गौर किया जाए तो कानपुर में पुलिस द्वारा पत्रकारों को नंगाकर उनका वीडियो जारी करना यह बताता है कि…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जन आंदोलनों के आयोजन पर प्रतिबंध अलोकतांत्रिक, आदेश वापस लें सरकार : माकपा
    26 Apr 2022
    माकपा ने सवाल किया है कि अब जन आंदोलन क्या सरकार और प्रशासन की कृपा से चलेंगे?
  • ज़ाहिद खान
    आग़ा हश्र काश्मीरी: गंगा-ज़मुनी संस्कृति पर ऐतिहासिक नाटक लिखने वाला ‘हिंदोस्तानी शेक्सपियर’
    26 Apr 2022
    नाट्य लेखन पर शेक्सपियर के प्रभाव, भारतीय रंगमंच में महत्वपूर्ण योगदान और अवाम में उनकी मक़बूलियत ने आग़ा हश्र काश्मीरी को हिंदोस्तानी शेक्सपियर बना दिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License