NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
गुजरात : शारीरिक परीक्षण के लिये उतरवाए गए महिला प्रशिक्षु लिपिकों के कपड़े
सूरत नगर निगम के करीब 10 महिला प्रशिक्षु लिपिकों को नगर निकाय द्वारा संचालित एक अस्पताल के प्रसूति रोग वार्ड में चिकित्सीय परीक्षण के लिए बिना कपड़ों के खड़े रखा गया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Feb 2020
Girls Medical
Image Courtesy: NDTV

सूरत : गुजरात में महिलाओं के साथ अपमानजनक व्यवहार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। भुज के एक कॉलेज में छात्राओं की माहवारी जांज की घटना के बाद सूरत नगर निगम (एसएमसी) में प्रशिक्षु महिला लिपिकों को यहां नगर निकाय द्वारा संचालित एक अस्पताल में शारीरिक जांच के लिये एक कमरे में कथित तौर पर बिना कपड़ों के खड़े रखा गया। मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं।

सू्रत नगरपालिका आयुक्त बंचानिधि पाणि ने शुक्रवार को उन आरोपों की जांच के आदेश दिये जिनमें कहा गया है कि करीब 10 महिला प्रशिक्षु लिपिकों को अस्पताल के प्रसूति रोग वार्ड में चिकित्सीय परीक्षण के लिये बिना कपड़ों के खड़े रखा गया।

यह चौंकाने वाला वाकया हाल में गुजरात के भुज में एक कॉलेज के छात्रावास में छात्राओं के अंत:वस्त्र उतरवाकर माहवारी की जांच की घटना के कुछ दिनों बाद सामने आया है। आयुक्त को दी अपनी शिकायत में एसएमसी कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया कि महिला चिकित्सकों ने अविवाहित महिलाओं की भी गर्भावस्था से जुड़ी जांच कीं।

यह कथित घटना 20 फरवरी को एसएमसी द्वारा संचालित सूरत नगरपालिका चिकित्सा शिक्षा एवं शोध संस्थान (एसएमआईएमईआर) अस्पताल में हुई। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पाणि ने आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय एक समिति गठित की है जो 15 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। समिति में मेडिकल कॉलेज की पूर्व डीन डॉ. कल्पना देसाई, सहायक नगरपालिका आयुक्त गायत्री जरीवाला और कार्यकारी अभियंता तृप्ति कलाथिया शामिल हैं।

महिला आयोग ने भी मांगी रिपोर्ट

इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लिया है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने मुख्य सचिव (आईएएस), और डॉ जयंती एस रवि, प्रमुख सचिव (आईएएस) को मामले की जांच कर आयोग को रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है। इससे पहले अधिकारियों ने कहा कि प्रशिक्षण अवधि पूरी होने के बाद नियमों के मुताबिक प्रशिक्षु कर्मचारियों को नौकरी के लिये शारीरिक तौर पर खुद को स्वस्थ साबित करने के लिये शारीरिक परीक्षण से गुजरना होता है।

उन्होंने कहा कि तीन साल का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद कुछ महिला प्रशिक्षु लिपिक चिकित्सीय परीक्षण के लिये अस्पताल आई थीं, जो अनिवार्य है। कर्मचारी संघ ने कहा कि वह अनिवार्य जांच के खिलाफ नहीं है लेकिन महिला कर्मचारियों की जांच के लिये प्रसूति वार्ड में जो तरीका अपना गया वह उचित नहीं था। कर्मचारी संघ ने अपनी शिकायत में कहा, “परीक्षण के लिये कमरे में महिलाओं को एक-एक कर बुलाने की जगह महिला चिकित्सक ने उन्हें 10 के समूह में बुलाकर बिना कपड़ों के एक साथ खड़ा किया। यह निंदनीय है।”

इसमें कहा गया, “यह तरीका अवैध और मानवता के खिलाफ है। यह जरूरी है कि हर महिला की अलग जांच की जाए।”सं घ के महासचिव अहमद शेख के मुताबिक महिला कर्मचारियों को महिला चिकित्सक द्वारा परीक्षण के दौरान गर्भावस्था से संबंधित बेतुके सवालों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, “चिकित्सकों को जांच के दौरान गर्भावस्था से संबंधित निजी सवाल पूछने बंद करने चाहिए। इतना ही नहीं समूह में मौजूद अविवाहित महिलाओं को भी उन परीक्षणों से गुजरना पड़ा जो यह देखने के लिये थे कि वे गर्भवती हैं या नहीं।”

सूरत के महापौर जगदीश पटेल ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। पटेल ने कहा, “यह मामला बेहद गंभीर है। अगर महिला कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए तो हम दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।”

छात्राओं के साथ हुई थी बदसलूकी

इससे पहले गुजरात में भुज स्थित श्री सहजानंद ग‌र्ल्स इंस्टीट्यूट (एसएसजीआइ) में पीरियड की जांच करने के लिए करीब 68 छात्राओं के अंत:वस्त्र (अंडरगार्मेंट्स) जबरन उतरवाने का मामला सामने आया है। ये छात्राएं अब संस्थान के अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रही हैं। राष्ट्रीय एवं गुजरात महिला आयोग ने इस घटना पर संज्ञान लिया है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोप सामने आने और हंगामा मचने के बाद पुलिस की एक टीम इंस्टीट्यूट पहुंची और जांच शुरू की। यह इंस्टीट्यूट स्वामीनारायण मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित है और घटना 11 फरवरी की है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Gujarat
Stand Naked
Surat Muncipal Corporation
Physical examination
Surat
National women commission
exploitation of women

Related Stories

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

शर्मनाक: अवैध संबंध के आरोप में पति, गांव वालों ने आदिवासी महिला को निर्वस्त्र कर घुमाया

गुजरात : महिला स्वास्थ्यकर्मियों के यौन शोषण का आरोप कार्यस्थल पर महिलाओं की स्थिति दर्शाता है!

महाराष्ट्र: जलगांव के हॉस्टल में लड़कियों से अभद्रता हमारे सिस्टम पर कई सवाल खड़े करती है!

मध्यप्रदेश: महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध का लगातार बढ़ता ग्राफ़, बीस दिन में बलात्कार की पांच घटनाएं!

मध्यप्रदेश: आश्रम में महिलाओं के शोषण-उत्पीड़न की आशंका, जांच में जुटा पुलिस-प्रशासन

मध्यप्रदेश: महिलाओं के ख़िलाफ़ नहीं थम रहे अपराध, विकलांग पीड़िता दोबारा हुई दुष्कर्म की शिकार

हाथरस, कठुआ, खैरलांजी, कुनन पोशपोरा और...

हाथरस बनाम बलरामपुर, यूपी बनाम राजस्थान की बहस कौन खड़ी कर रहा है!

बिहार: महिला पुलिसकर्मी ने लगाया उत्पीड़न का आरोप, महिला आयोग ने एसएसपी से तलब की रिपोर्ट


बाकी खबरें

  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    आप ने भगवंत मान को बनाया सीएम उम्मीदवार, चुनाव आयोग पर भेदभाव का आरोप और अन्य ख़बरें
    18 Jan 2022
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी आम आदमी पार्टी का भगवंत मान को सीएम उम्मीदवार घोषित करने पर , चुनाव आयोग की कार्रवाइयों पर उठते सवाल और अन्य ख़बरों पर।
  • up elections
    अजय कुमार
    5 साल के कामकाज में महंगाई और मज़दूरी के मोर्चे पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पूरी तरह से फेल!
    18 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश और पंजाब में 5 साल में रोजगार पहले से भी कम हुआ है। बेरोजगारी बढ़ी है। महंगाई बढ़ी है। कमाई कम हुई है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: क्या कोरोना के नए मामलों में आई है कमी? या जाँच में कमी का है असर? 
    18 Jan 2022
    दिल्ली में अचानक कोरोना मामलों में कमी आई है। आखिर केस कम होने के पीछे क्या कारण है? क्योंकि इस बीच कोरोना जाँच में भी भारी कमी हुई है। आँकड़े बताते हैं कि जाँच की संख्या घटाकर आधी कर दी गई है।
  • BJP
    रवि शंकर दुबे
    बीजेपी में चरम पर है वंशवाद!, विधायक, मंत्री, सांसद छोड़िए राज्यपाल तक को चाहिए परिवार के लिए टिकट
    18 Jan 2022
    यूपी विधानसभा चुनावों से पहले इन दिनों बीजेपी के भीतर जमकर बवाल चल रहा है। हर नेता अपने परिवार के सदस्यों के लिए टिकट मांग रहा है, ऐसे में बीजेपी ने कुछ की ख्वाहिशें तो पूरी कर दी हैं, लेकिन कुछ…
  • Asaduddin Owaisi
    अजय गुदावर्ती
    राजनीतिक धर्मनिरपेक्षता के बारे में ओवैसी के विचार मुसलमानों के सशक्तिकरण के ख़िलाफ़ है
    18 Jan 2022
    मुसलमानों के सामाजिक बस्तीकरण के खिलाफ और उनकी आर्थिक गतिशीलता के लिए निरंतर अभियान, जो एआइएमआइएम और उसके नेताओं की राजनीति से परे है, के जरिए ही देश की अल्पसंख्यक राजनीति सही दिशा में आगे बढ़ेगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License