NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
गुजरात : दवाई बनाने वाली कंपनी में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा, चपेट में आए आसपास घर बनाकर रह रहे श्रमिक
गुजरात के वडोदरा में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा हो गया, जिसकी चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Dec 2021
 boiler explosion
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

गुजरात के वडोदरा में शुक्रवार 24 दिसंबर सुबह करीब साढ़े 9 बजे तेज़ धमाके से अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक दवा बनाने वाली एक फैक्ट्री में बॉयलर ब्लास्ट होने से आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई जबकि 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए। मरने वालों में चार साल की बच्ची समेत एक अन्य नाबालिग लड़का भी शामिल था, जबकि एक 65 वर्षीय पुरुष और एक 30 साल की महिला की भी मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार होने वालों में ज्यादातर श्रमिक शामिल थे, जबकि तेज़ विस्फोट होने से फैक्ट्री के पास से गुजर रहे लोग भी इसकी चपेट में आ गए।

मामले में पुलिस का कहना है कि मकरापुरा जीआईडीसी स्थित दवा कंपनी केंटन लेबोरेटरीज के बॉयलर में सुबह अचानक विस्फोट के बाद आग लग गई। विस्फोट इतना तेज़ था कि आधा किलोमीटर के दायरे में आने वाली बिल्डिंगों और घरों के कांच टूट गए।

हालांकि सूचना के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया, लेकिन बॉयलर के आसपास घर बनाकर रहने को मजबूर श्रमिकों को काफी नुकसान झेलना पड़ा।

मकरापुरा पुलिस थाने के इंस्पेक्टर साजिद बलूच ने बताया कि हादसे में क़रीब 15 लोग घायल हुए थे, जिन्हें तत्काल प्रभाव से अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसमें इलाज के वक्त 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य लोगों का इलाज जारी है। इंस्पेक्टर बलूच ने बताया फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की है वो जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

गौरतलब है कि हाल ही में मध्य गुजरात के पंचमहल ज़िले में एक केमिकल कंपनी में भी ऐसी ही घटना हुई थी, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी।

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

Gujrat
Boiler explosion
Vadodara

Related Stories

गुजरात में किसानों की करंट लगने से मौत

गुजरात : अस्पताल में आग लगने से कोविड-19 के 16 मरीजों सहित दो नर्सिंग स्टाफ की मौत

गुजरात में सड़क किनारे सो रहे 15 प्रवासी मज़दूरों को ट्रक ने कुचला, सभी की मौत

निर्मम समाज में स्वच्छता सेनानियों की गुमनाम शहादत

वड़ोदरा : होटल में सीवर साफ करने के दौरान 4 सफाईकर्मियों समेत 7 की मौत

चक्रवाती तूफान वायु ने बदला अपना रास्ता लेकिन अभी भी खतरा बरक़रार


बाकी खबरें

  • विक्रम और बेताल: सरकार जी और खेल में खेला
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    विक्रम और बेताल: सरकार जी और खेल में खेला
    15 Aug 2021
    सरकार जी खेलों की दुनिया को पैसे की दुनिया से अलग ही रखते थे। वे जानते थे कि खिलाड़ी अपनी नैसर्गिक प्रतिभा से ही आगे बढ़ता है न कि सरकारी सहायता से। इसीलिए उन्होंने खेल में सरकारी मदद को सिर्फ़ खेल…
  • अजय कुमार
    कभी रोज़गार और कमाई के बिंदु से भी आज़ादी के बारे में सोचिए?
    15 Aug 2021
    75 साल पहले ही गुलामी से आजादी मिल गई। लेकिन जिसे असली आजादी कहते हैं क्या उसका एहसास भारत के ज्यादातर लोगों ने किया है?
  • आज़ादी@75: आंदोलन के 74 बरस और नई उम्मीद और नया रास्ता दिखाता किसान आंदोलन
    लाल बहादुर सिंह
    आज़ादी@75: आंदोलन के 74 बरस और नई उम्मीद और नया रास्ता दिखाता किसान आंदोलन
    15 Aug 2021
    आज़ादी के अमृत महोत्सव वर्ष का सबसे पवित्र अमृत यह किसान आंदोलन ही है जो संघ-भाजपा के विषवमन का सबसे बड़ा एंटीडोट है।
  • 75वीं सालगिरह के मौके पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम। तस्वीर में अजय सिंह (दाएं) अपनी जीवन साथी शोभा सिंह (बाएं) के साथ।
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: मर्द खेत है, औरत हल चला रही है
    15 Aug 2021
    आज आज़ादी की 74वीं सालगिरह है और हमारे कवि और पत्रकार अजय सिंह की 75वीं। 15 अगस्त, 1946 को बिहार के ज़िला बक्सर के चौगाईं गांव में अजय सिंह का जन्म हुआ। आज इतवार भी है, यानी मौका भी है और दस्तूर भी…
  • आज़ादी@75: लोकतंत्र को फिर से जीवित करने का संघर्ष हो
    अनिल सिन्हा
    आज़ादी@75: लोकतंत्र को फिर से जीवित करने का संघर्ष हो
    15 Aug 2021
    अब तक हमारी चितां देश को लोकतंत्र को बेहतर बनाने की होती थी। हमारी चिंता यह नहीं होती थी कि लोकतंत्र बचेगा या नहीं...।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License