NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे: कोर्ट कमिश्नर बदलने के मामले में मंगलवार को फ़ैसला
वाराणसी के सिविल जज (सीनियर डिविजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने कहा है कि सर्वे की टीम के कमिश्नर को बदलने की मांग वाली याचिका पर फ़ैसला मंगलवार को सुनाया जाएगा।
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
09 May 2022
Gyanvapi

वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वेक्षण और वीडियोग्राफी के विवाद में अब 10 मई (मंगलवार) को सुनवाई होगी। वाराणसी के सिविल जज (सीनियर डिविजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने कहा है कि सर्वे की टीम के कमिश्नर को बदलने की मांग वाली याचिका पर फैसला मंगलवार को सुनाया जाएगा।

अदालत ने मस्जिद प्रबंधन समिति की ओर से अदालत द्वारा श्रृंगार गौरी मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे और वीडियोग्राफी के लिए नियुक्त कोर्ट कमिश्नर को बदलने के लिए दाखिल याचिका पर अपना आदेश नौ मई तक के लिए सुरक्षित रखा था। कोर्ट ने जिसे अधिवक्ता कमिश्नर नियुक्त किया था वह शनिवार को ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मंदिर परिसर में गए, लेकिन करीब दो घंटे बाद सर्वेक्षण किए बगैर वापस आ गए। बाद में मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि मुस्लिम पक्ष उन्हें सर्वे करने नहीं दे रहा है।  

फ़ैसला सुरक्षित

वाराणसी के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद कमेटी की ओर से दाखिल अर्जी पर सुनवाई के बाद अगली सुनवाई की तारीख नौ मई तय करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में अब मंगलवार को फैसला सुनाया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई मुकर्रर की जाएगी।  

दिल्ली की राखी सिंह, लक्ष्मी देवी, सीता साहू और अन्य की दैनिक पूजा और श्रृंगार गौरी में अनुष्ठान करने की अनुमति की मांग करने वाली याचिका पर धार्मिक स्थल की वीडियोग्राफी और सर्वेक्षण करने के लिए उसी अदालत के पहले के आदेश पर यह प्रक्रिया शुरू की है। दावा है कि ज्ञानवापी मस्जिद की बाहरी दीवार पर भगवान गणेश, भगवान हनुमान और नंदी स्थित हैं। उन्होंने 18 अप्रैल, 2021 को अपनी याचिका के साथ अदालत का रुख किया था और विरोधियों को मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने से रोकने की मांग की थी।

जितेंद्र बिसेन ने लिया यू-टर्न

विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन खुद को अलग-थलग होता देख 24 घंटे बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। रविवार के अपने मैसेज और फोन पर हुई बातचीत पर सोमवार को बिसेन ने यू-टर्न लिया। वाराणसी में कहा कि मीडिया ने मेरे मैसेज का गलत अर्थ निकाला है। हालांकि वह चौबीस घंटे तक मोबाइल बंद कर चुप क्यों रहे, इस पर वह कोई सटीक जवाब नहीं दे पाए। बिसेन का फोन पर दिया गया यह बयान सामने आने के बाद लोग उनकी तलाश करते रहे, लेकिन उनका पता नहीं चल सका।

जितेंद्र सिंह बिसेन ने सोमवार को वाराणसी की दीवानी कचहरी में कहा कि यहां हमारे संगठन के नेतृत्व में सात मुकदमे चल रहे हैं। छह मुकदमे ज्ञानवापी परिसर को लेकर हैं और एक मुकदमा लाटभैरव को लेकर है। ज्ञानवापी परिसर सर्वे को लेकर राखी सिंह बनाम उत्तर प्रदेश सरकार का मुकदमा आज की डेट में देश भर में हाईलाइट हो चुका है। इस मुकदमे के कारण ही दो दिन ज्ञानवापी परिसर में सर्वे की कार्रवाई भी हुई।

जितेंद्र सिंह बिसेन ने कहा, “राखी सिंह बनाम उत्तर प्रदेश सरकार का मुकदमा वापस नहीं हो रहा है। मैं खुद आदिविश्वेशर स्वयंभू ज्योतिर्लिंग विश्वेश्वर की तरफ से वादी हूं, उसे वापस ले लिया हूं। उसके लिए नया मुकदमा दाखिल करूंगा। इसकी वजह बताते हुए जितेंद्र ने कहा कि ज्ञानवापी परिसर को लेकर जो चल रहा है, उसमें कई देश विरोधी शक्तियां शामिल हो चुकी हैं। वह प्रदेश में दंगा कराना चाहती थी। उनकी साजिश को विफल करने के लिए कई निर्णायक कदम उठाने पड़े।” 

इसे भी पढ़ें—अब विवाद और तनाव का नया केंद्र ज्ञानवापी: कोर्ट कमिश्नर के नेतृत्व में मस्जिद का सर्वे और वीडियोग्राफी शुरू, आरएएफ तैनात

UttarPradesh
banaras
Gyanvapi mosque
Gyanvapi Masjid
Gyanvapi mosque complex
kashi vishwnath corridor
Gyanvapi controversy
Rakhi Singh

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

ज्ञानवापी मामले में अधिवक्ताओं हरिशंकर जैन एवं विष्णु जैन को पैरवी करने से हटाया गया

ज्ञानवापी सर्वे का वीडियो लीक होने से पेचीदा हुआ मामला, अदालत ने हिन्दू पक्ष को सौंपी गई सीडी वापस लेने से किया इनकार

ज्ञानवापी विवाद पर मस्जिद कमेटी के वकील अभय नाथ यादव से खास बातचीत

ज्ञानवापी केसः वाराणसी ज़िला अदालत में शोर-शराबे के बीच हुई बहस, सुनवाई 4 जुलाई तक टली

ज्ञानवापी मामला : अधूरी रही मुस्लिम पक्ष की जिरह, अगली सुनवाई 4 जुलाई को

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    पाकिस्तान: इमरान की कुर्सी बचाने की अंतिम कवायद, अमेरिका के प्रति अपनाया हमलावर रुख
    01 Apr 2022
    इमरान खान ने अमेरिका पर उन्हें सत्ता से बेदख़ल करने की साज़िश का आरोप लगाया है। इसी कड़ी में पाक ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर अंदरूनी मामलों में ‘हस्तक्षेप’ के प्रति कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। 
  • मुरली कृष्णन (राजस्थान)
    कोरोना वायरस : टीके की झिझक से पार पाते भारत के स्वदेशी समुदाय
    01 Apr 2022
    भारत की कई जनजातियां आधुनिक चिकित्सा को लेकर संशय में हैं। लेकिन, महिला नेताओं की ओर से लोगों के विचार बदल देने के बाद भारत की स्वदेशी गरासिया जनजाति के लोगों ने आख़िरकार कोविड-19 वैक्सीन को स्वीकार…
  • अबीर दासगुप्ता, रवि नायर
    कैसे राष्ट्रीय बैंकों के समर्थन से रुचि सोया के ज़रिये अमीर बनी पतंजलि
    01 Apr 2022
    पतंजलि ने जिस तरीक़े से रुचि सोया का अधिग्रहण किया है, वह एक उत्कृष्ट उदाहरण है कि कैसे सरकारी बैंक, नियामक संस्थाएं और प्राधिकरण बड़े स्तर की संपदा को हासिल करने में सहयोगी बनते हैं।
  • तारिक़ अनवर
    शिक्षित मुस्लिम महिलाओं ने हिजाब फ़ैसले को “न्यायिक अतिक्रमण’ क़रार दिया है 
    01 Apr 2022
    महिलाओं का कहना है कि धर्म में क्या ज़रूरी और ग़ैर-ज़रूरी है, यह अदालतों के अधिकार क्षेत्र से बाहर का मसला है।
  • द लीफ़लेट
    क्या ट्विटर के पास केवल शिकायतों के आधार पर सामग्री को हटाने और यूज़र्स को ब्लॉक करने की शक्ति है?
    01 Apr 2022
    लगता है दिल्ली उच्च न्यायालय की टिप्पणी ने सहनीय सामग्री और ईशनिंदा के बीच के अंतर को धुंधला कर दिया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License