NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
ज्ञानवापी अपडेट : ज्ञानवापी सर्वे की रिपोर्ट वाराणसी अदालत को सौंपी गयी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसे कल तक कार्यवाही रोकने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्थानीय अदालत को इस मामले में कोई भी आदेश पारित करने से बचना चाहिए। वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे मामले पर शुक्रवार की दोपहर तीन बजे सुनवाई होगी।
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
19 May 2022
gyanvapi

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी है। साथ ही वाराणसी के सिविल कोर्ट को इस मामले में कोई भी नया आदेश नहीं देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई शुरू की तो एडवोकेट विष्णु शंकर जैन के ज्ञानवापी प्रकरण पर सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि स्थानीय अदालत में भी इस मामले में कोई सुनवाई नहीं होगी। अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर शुक्रवार को अपराह्न तीन बजे सुनवाई करेगी। 

मस्जिद कमेटी की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट हुज़ेफ़ा अहमदी ने सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया कि वाराणसी की सिविल कोर्ट  मस्जिद के वज़ूखाना की दीवार को बदलने की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। आज अगर सुनवाई स्थगित हो रही है तो बनारस की कोर्ट को कार्यवाही रोकने का निर्देश दिया जाए। जस्टिस चंद्रचूड़ ने जैन से कहा, "हम इस मामले को कल देखेंगे, लेकिन लेकिन गुरुवार को निचली अदालत में कार्यवाही नहीं होनी चाहिए।" जैन कल तक निचली अदालत के समक्ष कार्यवाही पर जोर नहीं देने पर सहमत हुए।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्थानीय अदालत को इस मामले में कोई भी आदेश पारित करने से बचना चाहिए। वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे मामले पर शुक्रवार की दोपहर तीन बजे सुनवाई होगी। हिन्दू पक्ष की तरफ से इस केस में और समय की मोहलत देने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्पष्ट किया था कि वाराणसी में सिविल जज सीनियर डिवीजन मुसलमानों को मस्जिद तक पहुंचने, नमाज अदा करने और धार्मिक अनुष्ठान करने के अधिकार को प्रतिबंधित नहीं करेंगे। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने संबंधित जिला मजिस्ट्रेट को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मस्जिद के अंदर जिस स्थान पर 'शिव लिंग' पाए जाने की सूचना है, वह सुरक्षित रहे।

उधर वीडियोग्राफी सर्वेक्षण के लिए अदालत द्वारा गठित आयोग ने अपनी रिपोर्ट बृहस्पतिवार को अदालत को सौंप दी। 

हिंदू पक्ष के अधिवक्ता मदन मोहन यादव ने बताया कि विशेष अधिवक्ता आयुक्त विशाल सिंह ने 14, 15 और 16 मई को किए गए सर्वेक्षण कार्य की रिपोर्ट जिला सिविल न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर की अदालत में पेश की।

बनारस के सिविल कोर्ट (सीनियर डिवीजन) की अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद में कथित शिवलिंग की सख्त सुरक्षा करने के अलावा नमाजियों की तादाद को प्रतिबंधित कर दिया है। हिन्दू पक्ष दावा कर रहा है कि मुस्लिम समुदाय के लोग जिस स्थान पर वजू करते हैं वहां बीच में शिवलिंग है, जबकि मुसलमानों का कहना है कि वह फब्बारा है जो वर्षों पहले बना था। मस्जिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में सर्वे कराने पर ही सवाल उठाए हैं। गुरुवार को स्थानीय अदालत में इस बात पर सुनवाई होनी थी कि ज्ञानवापी परिसर की कुछ दीवारों को गिराकर दोबारा सर्वे कराया जाए। हिंदू पक्ष के वकीलों ने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने के ठीक नीचे मौजूद शिवलिंग तक पहुंचने के लिए पूर्व की तरफ से एक दरवाजा है। 16 मई को मलबे से मिले शिवलिंग के चारों तरफ की दीवार हटाई जाए, क्योंकि शक है कि शिवलिंग के सामने पूर्वी दीवार में नीचे से शिवलिंग को सीमेंट और पत्थरों से जोड़ दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल स्थानीय अदालत की समूची कार्रवाई स्थगित करने का निर्देश जारी किया है। 

Gyanvapi mosque
Gyanvapi controversy
Gyanvapi Update
Kashi Vishwanath Temple
Supreme Court
Varanasi court

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

ज्ञानवापी मामले में अधिवक्ताओं हरिशंकर जैन एवं विष्णु जैन को पैरवी करने से हटाया गया

ज्ञानवापी सर्वे का वीडियो लीक होने से पेचीदा हुआ मामला, अदालत ने हिन्दू पक्ष को सौंपी गई सीडी वापस लेने से किया इनकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

ज्ञानवापी विवाद पर मस्जिद कमेटी के वकील अभय नाथ यादव से खास बातचीत

ज्ञानवापी केसः वाराणसी ज़िला अदालत में शोर-शराबे के बीच हुई बहस, सुनवाई 4 जुलाई तक टली


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: कोविड वॉरियर्स कर्मचारियों को लेडी हार्डिंग अस्पताल ने निकाला, विरोध किया तो पुलिस ने किया गिरफ़्तार
    02 Apr 2022
    लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से गैर कानूनी रूप से निकाले गए कोविड कर्मचारी प्रदर्शन पर बैठे हुए थे। इस दौरान पुलिस ने मज़दूर संगठन ऐक्टू सचिव समेत कोविड योद्धाओं को हिरासत में लिया।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    आईआईएम अहमदाबाद प्रशासन 'लोगो' को लेकर बैकफुट पर क्यों आ गया?
    02 Apr 2022
    संस्थान के नए 'लोगो' से अहमदाबाद की सिदी सैय्यद मस्‍जिद के जाली की तस्‍वीर और संस्कृत के श्‍लोक ‘विद्या विनियोगाद्विकासः’ को हटाने को लेकर अब प्रशासन ने कहा है कि सिर्फ कलर और फॉन्ट में मामूली बदलाव…
  • रवि शंकर दुबे
    2 सालों में 19 लाख ईवीएम गायब! कब जवाब देगा चुनाव आयोग?
    02 Apr 2022
    ईवीएम में धांधली की चर्चा अब जैसे आम हो गई है, लेकिन 2 सालों में 19 लाख ईवीएम गायब होने के मुद्दे ने फिर से माहौल गर्म कर दिया है। अब कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी चुनाव आयोग से जवाब मांगा है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    श्रीलंका में आर्थिक संकट को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच इमरजेंसी की घोषणा
    02 Apr 2022
    सरकार ने राजपक्षे के आवास के बाहर हुए प्रदर्शनों के लिए विपक्षी राजनीतिक दलों से जुड़े एक चरमपंथी समूह को जिम्मेदार ठहराया था।
  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License