NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
घटना-दुर्घटना
भारत
हापुड़ अग्निकांड: कम से कम 13 लोगों की मौत, किसान-मजदूर संघ ने किया प्रदर्शन
हापुड़ में एक ब्लायलर फैक्ट्री में ब्लास्ट के कारण करीब 13 मज़दूरों की मौत हो गई, जिसके बाद से लगातार किसान और मज़दूर संघ ग़ैर कानूनी फैक्ट्रियों को बंद कराने के लिए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 Jun 2022
blast

उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित एक फैक्ट्री में बॉयलर फटने से लगी आग में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 तक जा पहुंची है , जबकि कई अन्य अभी भी गंभीर रूप से ज़ख़्मी हैं। इस घटना को लेकर लोगों में गुस्सा है और आज घटना के दूसरे दिन रविवार 5 जून को किसान मजदूर संघ ने फैक्ट्री के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। वे प्रत्येक मृतक के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की और आरोपियों के खिलाफ सख़्त सज़ा की मांग कर रहे हैं।

जिले के धौलाना थाना क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार को यह घटना घटी थी। फैक्ट्री मालिक अभी तक फरार बताया जाता है।

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में किसान मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्म सिंह राणा ने कहा, ‘हम प्रभावित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने और अवैध रूप से चल रही सभी फैक्ट्रियों को सील करने की मांग करते हैं।’

इस घटना को लेकर धौलाना पुलिस थाने में आईपीसी की धारा 286, 287, 304, 308, 337 और 338 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर में कहा गया है कि फैक्ट्री में पटाखों का निर्माण किया जाता था। इसके साथ ही इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए 3 टीम गठित की हैं। फैक्ट्री में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की आड़ में अवैध पटाखे बनाने का काम चल रहा था।

पुलिस के अनुसार, हापुड़ के थाना धौलाना क्षेत्र के UPSIDC (औद्योगिक क्षेत्र) में शनिवार को सीएनजी पंप के पीछे कृष्णा ऑर्गेनिक कंपनी में बॉयलर फट गया, जिससे वहां आग लग गई।

घटना के तुरंत बाद हापुड़ की जिलाधिकारी मेधा रूपम भी घटना स्थलपहुंची थी। उन्होंने बताया कि कल रात तक 12 लोगों की मृत्यु हुई थी आज एक और व्यक्ति की मृत्यु हुई है... 21 लोग घायल हैं। फॉरेंसिक टीम आई और उन्होंने सैंपल लिए हैं। ब्लास्ट के कारणों पर जांच चल रही है क्योंकि कंपनी को इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की अनुमति थी..." ।

 

कल रात तक 12 लोगों की मृत्यु हुई थी आज एक और व्यक्ति की मृत्यु हुई है... 21 लोग घायल हैं। फॉरेंसिक टीम आई और उन्होंने सैंपल लिए हैं। ब्लास्ट के कारणों पर जांच चल रही है क्योंकि कंपनी को इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की अनुमति थी... : हापुड़ DM मेधा रूपम, उत्तर प्रदेश pic.twitter.com/HNpWSh6rPd

— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 5, 2022

 

उन्होंने आगे कहा "लेकिन क्या हुआ और किन चीज़ों का प्रयोग हो रहा था फॉरेंसिक की रिपोर्ट आएगी तो पता चलेगा। हमने UPSIDC की चौकी और धौलाना चौकी पर हेल्प डेस्क नंबर जारी किए हैं जिसमें नंबर भी दिया गया है। मैं अनुरोध करूंगी कि किसी के पास भी अगर कोई जानकारी है तो हमें बताए।"

मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक प्रवीन कुमार ने बताया कि राहत कार्य तेजी से किया जा रहा है और घायलों को अस्पताल भिजवाया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि आसपास की कई फैक्टरियों की छतें उड़ गईं। पुलिस प्रशासन व दमकल विभाग ने मौके पर पहुंच कर राहत कार्य शुरू किया और कई लोगों को वहां से सुरक्षित निकाला।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्विटर पर घटना पर दुख जताया और दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। योगी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य कराने और परिजनों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिये हैं।

शनिवार शाम लखनऊ में जारी एक सरकारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ के मंडलायुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक को मौके पर जाकर इन कार्यों के प्रभावी निगरानी का निर्देश दिया। उन्होंने दुर्घटना की जांच विशेषज्ञों से कराने के भी निर्देश दिए हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

Hapur
boiler blast
mazdoor
Kissan Movement
Protests

Related Stories

झारखंड: नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज विरोधी जन सत्याग्रह जारी, संकल्प दिवस में शामिल हुए राकेश टिकैत

सूडान में तख्तापलट के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन जारी, 3 महीने में 76 प्रदर्शनकारियों की मौत

अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की

2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान

जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?

सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश, किसानों के केस वापसी पर मानी सरकार और अन्य ख़बरें।

सूडान : 10 लाख से ज़्यादा नागरिक तख़्तापलट के विरोध में सड़कों पर आए

तमिलनाडु: दलदली या रिहायशी ज़मीन? बेथेल नगर के 4,000 परिवार बेदखली के साये में

कॉर्पोरेट-हिंदुत्व ’राष्ट्रवाद’ का जवाब बनता किसान आंदोलन

हिमाचल प्रदेश: बस किराये में बढ़ोतरी पर विपक्ष सहित मज़दूर संगठनों का विरोध


बाकी खबरें

  • Taliban
    एम. के. भद्रकुमार
    पश्चिम ने तालिबान का सहयोजन किया 
    28 Jan 2022
    अफगानिस्तान में हो रही घटनाओं पर प्रतिबिंबों की श्रंखला में इस बार के लेख में इंगित  किया गया है कि कैसे पश्चिमी राजनयिकों और तालिबान अधिकारियों के एक कोर ग्रुप के बीच ओस्लो में हुए तीन दिवसीय…
  • up elections
    महेश कुमार
    यूपी चुनाव: पश्चिमी यूपी के लोग क्यों भाजपा को हराना चाहते हैं?
    28 Jan 2022
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है और किसान आंदोलन का गढ़ है। चर्चा से तो लगता है कि लोग बदलाव चाहते हैं।
  • fact check
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः योगी का दावा ग़लत, नहीं हुई किसानों की आय दोगुनी
    28 Jan 2022
    सदन में कृषि मंत्री का लिखित जवाब और नेशनल सैंपल सर्वे दोनों ही बताते हैं कि यूपी के किसानों की आय में 2015-16 की अपेक्षा मात्र 3 रुपये मासिक की वृद्धि हुई है।
  • covid
    डॉ. ए.के. अरुण
    बजट 2022-23: कैसा होना चाहिए महामारी के दौर में स्वास्थ्य बजट
    28 Jan 2022
    कुछ अपवादों को छोड़ दें तो 85 फ़ीसद अस्पताल और उपचार केन्द्र धन के अभाव में महज़ ढाँचे के रूप में खड़े हैं।
  • indian freedom struggle
    आईसीएफ़
    'व्यापक आज़ादी का यह संघर्ष आज से ज़्यादा ज़रूरी कभी नहीं रहा'
    28 Jan 2022
    जानी-मानी इतिहासकार तनिका सरकार अपनी इस साक्षात्कार में उन राष्ट्रवादी नायकों की नियमित रूप से जय-जयकार किये जाने की जश्न को विडंबना बताती हैं, जो "औपनिवेशिक नीतियों की लगातार सार्वजनिक आलोचना" करते…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License